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कला पर बेला

21 जून 2026

चौख़ानों में बँधा समय

चौख़ानों में बँधा समय

समय रैना की वह लाल चैक वाली शर्ट… आपने नोटिस की होगी! रैना के हालिया कमबैक के साथ, वह शर्ट भी जैसे फिर से हमारे बीच आ खड़ी हुई है। चुपचाप नहीं, पूरे हंगामे के साथ। लाल चैक वाली शर्ट इस वक़्त एक वापसी

21 जून 2026

‘कल्पना’ जैसा भोजपुरी में होना अब कल्पना ही है

‘कल्पना’ जैसा भोजपुरी में होना अब कल्पना ही है

वह इक्कीसवीं सदी की शुरुआत थी और वह बहुत उदास होकर गा रही थी—घरे छुट्टी लेके अउरी कुछ दिन रही ए बलम जी... और ठीक उसी वक़्त सैलून में बैठे लड़के यह तय कर रहे थे कि उन्हें बंबई नहीं, राजकोट भागकर जाना है

17 जून 2026

मैं वापस आऊँगा : हमन हैं इश्क़ मस्ताना, हमन को होशियारी क्या

मैं वापस आऊँगा : हमन हैं इश्क़ मस्ताना, हमन को होशियारी क्या

इम्तियाज़ अली की फ़िल्मों के लाखों दीवानों में एक दीवानी मैं भी हूँ। क्या वजह है इस दीवानगी की... इसका जवाब है कनेक्ट या जुड़ाव। आप उनकी फ़िल्मों के किरदारों से जुड़ पाते हो और फ़िल्म ख़त्म होते-होते प

16 जून 2026

केवल ताली ही तो है : प्रयागराज के NCZCC में ‘ओथेलो’ और रवींद्रालय में ‘अभिज्ञान शाकुंतलम्’ देखते दर्शकों का स्त्री-द्वेष

केवल ताली ही तो है : प्रयागराज के NCZCC में ‘ओथेलो’ और रवींद्रालय में ‘अभिज्ञान शाकुंतलम्’ देखते दर्शकों का स्त्री-द्वेष

बीते दिनों इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में दो महत्त्वपूर्ण नाटकों का मंचन हुआ—19 मार्च 2026 को एनसीज़ेडसीसी (NCZCC) में शेक्सपीयर के ‘ओथेलो’ का, जिसका निर्देशन आलोक नैयर ने किया और 26 मार्च 2026 को रवींद

08 जून 2026

फ़िक्शन एक ज़्यादा बड़ा सच है : ख़ालिद जावेद से पूजा भाटिया की बातचीत

फ़िक्शन एक ज़्यादा बड़ा सच है : ख़ालिद जावेद से पूजा भाटिया की बातचीत

तक़रीबन पाँच साल पहले मैंने पहली बार ख़ालिद जावेद का उपन्यास ‘मौत की किताब’ पढ़ा था। पाँच बरस बाद जब उसे दुबारा पढ़ा तो साथ में उनका उपन्यास ‘नेमतख़ाना’ और ‘आख़िरी दावत और अन्य कहानियाँ’ भी पढ़ीं। इस

02 जून 2026

सुमन कल्याणपुर : स्वर और स्वर-भ्रम

सुमन कल्याणपुर : स्वर और स्वर-भ्रम

अँग्रेज़ी में एक कहन है : people who show you new music are important. मैं अक्सर अपने मित्रों और परिचितों को नए गीत भेजता रहता हूँ, कभी रेयर तो कभी कोई अनरिलीज़्ड गाना—इस गुमान के साथ कि मैं संगीत के

27 मार्च 2026

जगह-जगह 2.0 : माई नेम इज़ रेड : फ़ारसी मिनिएचर, नक़्क़ाशख़ाना और पूर्व-पश्चिम का द्वंद्व

जगह-जगह 2.0 : माई नेम इज़ रेड : फ़ारसी मिनिएचर, नक़्क़ाशख़ाना और पूर्व-पश्चिम का द्वंद्व

चश्म’त बियाफ़रीद ब: हर दम हज़ार चश्म, ज़ीरा ख़ुदा ज़ क़ुदरत-ए-ख़ुद कुदरत’श ब-दाद [तुम्हारी आँखों ने हर साँस के साथ हज़ारों आँखें पैदा कर दीं, क्योंकि ख़ुदा ने अपनी क़ुदरत (शक्ति) से तुम्हारी नज़

27 मार्च 2026

भारतीय रंग-संस्थाओं पर मँडराता मौन संकट

भारतीय रंग-संस्थाओं पर मँडराता मौन संकट

इतिहास की कुछ घटनाएँ ऐसी होती हैं जिन्हें लोग उसी समय पहचान लेते हैं। वे स्पष्ट होती हैं और उनका असर तुरत दिखाई देने लगता है। लेकिन कला और संस्कृति की दुनिया में बदलाव अक्सर इस तरह सामने नहीं आते। कई

27 मार्च 2026

विलेम डैफ़ो का वक्तव्य : ‘जीतने के लिए आपका उपस्थित होना ज़रूरी है’

विलेम डैफ़ो का वक्तव्य : ‘जीतने के लिए आपका उपस्थित होना ज़रूरी है’

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) के अंतर्गत संचालित इंटरनेशनल थिएटर इंस्टीट्यूट (International Theatre Institute – ITI), पेरिस की कार्यकारी परिषद् प्रत्येक वर्ष किसी

21 मार्च 2026

रचना का प्रयोजन निर्माण है, नाश नहीं

रचना का प्रयोजन निर्माण है, नाश नहीं

मैंने साहित्य की किसी भी विधा में जब भी लिखा तब यह सोचकर नहीं लिखा कि मैं उक्त विधा की शर्तों को पूरा करने के लिए लिख रहा हूँ। …मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं कभी गद्य भी लिखना चाहूँगा और आज ऐसा

19 मार्च 2026

21वाँ मेटा थिएटर फ़ेस्टिवल आज से दिल्ली में

21वाँ मेटा थिएटर फ़ेस्टिवल आज से दिल्ली में

नई दिल्ली में रंगमंच प्रेमियों के लिए यह सप्ताह ख़ास होने जा रहा है। महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवॉर्ड्स [META] 2026 का 21वाँ संस्करण आज, 19 मार्च से दिल्ली में शुरू हो रहा है। कमानी ऑडिटोरियम में इ

08 मार्च 2026

बॉम्बे जयश्री की संगीत यात्रा

बॉम्बे जयश्री की संगीत यात्रा

मनुष्य होने के नाते हमारी स्मृतियाँ ही हमारी सबसे बड़ी पूँजी हैं। इन्हीं स्मृतियों के सहारे हम अपने अतीत को अर्थ देते हैं, वर्तमान को समझते हैं और भविष्य की दिशा तय करते हैं। यदि कोई व्यक्ति इस विश्व

25 फरवरी 2026

क्रेज़ी किया रे : AI के अतिक्रमण में मौलिकता का अस्तित्व

क्रेज़ी किया रे : AI के अतिक्रमण में मौलिकता का अस्तित्व

वह फ़रवरी का नौवाँ दिन था और विभाग में वैसी ही चहल-पहल थी, जैसी अन्य कार्यक्रमों के दिनों में होती है। विभाग में कथाकार रणेन्द्र आए हुए थे। ख़ैर, ऐसा तो अक्सर होता है; विभाग में कोई-न-कोई आता ही रहता

24 फरवरी 2026

‘अर्थात्’ की तीसरी गोष्ठी में खुले छायावाद के बंध

‘अर्थात्’ की तीसरी गोष्ठी में खुले छायावाद के बंध

प्रसाद-निराला-महादेवी-पंत के चतुष्टय पर आधारित छायावाद की कविताओं, उसकी भाषा, प्रवृत्तियों, संवेदना और सहमतियों-असहमतियों पर संवाद के उद्देश्य से 22 फ़रवरी की बीती दुपहर ‘छायावाद : खुल गए छंद के बंध’

10 फरवरी 2026

दिल्ली में हो रहा है इशारा अंतरराष्ट्रीय कठपुतली थिएटर फ़ेस्टिवल

दिल्ली में हो रहा है इशारा अंतरराष्ट्रीय कठपुतली थिएटर फ़ेस्टिवल

इशारा अंतरराष्ट्रीय कठपुतली थिएटर फ़ेस्टिवल का 22वाँ संस्करण 13 फ़रवरी से 22 फ़रवरी 2026 तक इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित किया जाएगा। इन दिनों में दुनिया के अलग-अलग देशों से आईं बेहतरीन कठपुतली प्र

31 जनवरी 2026

चेख़व का पत्र निकोलाय के लिए : देखो, जीवन की अपनी शर्तें होती हैं...

चेख़व का पत्र निकोलाय के लिए : देखो, जीवन की अपनी शर्तें होती हैं...

मॉस्को, 1886 …तुम मुझसे अक्सर शिकायत करते रहे हो कि लोग तुम्हें “समझते” नहीं हैं! गेटे और न्यूटन ने कभी ऐसी शिकायत नहीं की थी... मसीह ने इसकी शिकायत की थी, लेकिन वह अपने सिद्धांत की बात कर रहे थे,

29 जनवरी 2026

हबीब तनवीर : साधारण में असाधारण की खोज

हबीब तनवीर : साधारण में असाधारण की खोज

नाट्य शास्त्र के पहले ही अध्याय में एक श्लोक है जो एक तरह से नाटक की परिभाषा है— योऽयम स्वभावां लोकस्य सुखदुखसमन्वितः सोंगभिनयोपेतो नाट्यमित्यभिधीयते।। यह जो लोक (फ़ोक का अनुवाद नहीं, बल्कि सम

25 जनवरी 2026

पंडित छन्नूलाल मिश्र : तकलीफ़ में गाने से ही सिद्धि मिलती है

पंडित छन्नूलाल मिश्र : तकलीफ़ में गाने से ही सिद्धि मिलती है

अगर हम गा पाते तो गाकर आपका बखान करते महाराज! लेकिन हमारी ज़िंदगी में लय नहीं है उतनी, इसमें खरज ज़्यादा है, ज़िंदगी का रियाज़ नहीं है, यह बेसुरी हो जाती है—बार-बार। इसलिए हम सिर्फ़ लिख पाएँगे। हम कोशिश क

22 दिसम्बर 2025

तारकोवस्की का सिनेमा : एक कलाकार की हैसियत से

तारकोवस्की का सिनेमा : एक कलाकार की हैसियत से

बात 14 अगस्त 1986 की है। आन्द्रे तारकोवस्की पेरिस के किसी अस्पताल में मौत से लड़ रहे थे। इधर कान फ़िल्म फ़ेस्टिवल में उनकी उस फ़िल्म की स्क्रीनिंग हो रही थी, जिसे उन्होंने अपने बेटे की नज़्र किया था। यह

17 दिसम्बर 2025

दृष्टि का निर्माण : लोक से हाइपर-रियलिटी तक

दृष्टि का निर्माण : लोक से हाइपर-रियलिटी तक

“हर शाम हम सूर्य को धीरे-धीरे क्षितिज के पीछे डूबते हुए देखते हैं। हम जानते हैं कि हमारी पृथ्वी सूर्य से दूर जा रही है। फिर भी हमारा यह ज्ञान और यह वैज्ञानिक व्याख्या, डूबते हुए सूरज को देखने के हमार

05 दिसम्बर 2025

बीथोवन के संगीत के लिए

बीथोवन के संगीत के लिए

दुनिया को हिटलर के ‘होलोकास्ट’ के लिए नहीं, बीथोवन की ‘सिम्फ़नी’ के लिए याद रखा जाना चाहिए। हिटलर की नफ़रत से और उसके द्वारा की गईं यहूदियों और उनके बच्चों की हत्याओं के बाद भी यह दुनिया ख़त्म नहीं ह

02 दिसम्बर 2025

हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत का शब्दकोश : पंडित अमरनाथ की विरासत को नया आयाम

हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत का शब्दकोश : पंडित अमरनाथ की विरासत को नया आयाम

26 नवंबर, 2025 को नई दिल्ली में शास्त्रीय संगीत गुरु पंडित अमरनाथ द्वारा रचित ‘हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत का शब्दकोश’ के हिंदी संस्करण का लोकार्पण इंडिया इंटरनेशनल सेंटर-एनेक्स में हुआ। इस अवसर पर

16 नवम्बर 2025

दिसंबर में होगा कोच्चि–मुज़िरिस बिएनाले का छठा संस्करण

दिसंबर में होगा कोच्चि–मुज़िरिस बिएनाले का छठा संस्करण

भारत की सर्वाधिक प्रतिष्ठित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त समकालीन कला प्रदर्शनी कोच्चि–मुज़िरिस बिएनाले (Kochi-Muziris Biennale) का छठा संस्करण 12 दिसंबर, 2025 से केरल के ऐतिहासिक समुद्री

01 सितम्बर 2025

समीक्षा : त'आरुफ़-ए-मंटो

समीक्षा : त'आरुफ़-ए-मंटो

पिछले हफ़्ते विभाजन पर आधारित एक नाटक देखने गया था। नाटक दिल्ली के एक प्रतिष्ठित सरकारी संस्थान में था। विभाजन भारतीय उपमहाद्वीप और उसके लोगों पर घटी एक त्रासदी है—उसे याद किया जा सकता है, उससे सीखा

28 अगस्त 2025

30-31 अगस्त को दिल्ली में होगा ‘एक है अमृता’

30-31 अगस्त को दिल्ली में होगा ‘एक है अमृता’

कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता कहीं ज़मीन कहीं आसमाँ नहीं मिलता कहते हैं अगर प्यार इंसान की शक्ल लेता, तो उसका चेहरा अमृता प्रीतम के जैसा होता। ‘एक है अमृता’ उसी प्यार की बात करता है। ‘एक है

27 अगस्त 2025

मेटा 2026 : लीजिए देश के सबसे बड़े थिएटर फ़ेस्टिवल में हिस्सा

मेटा 2026 : लीजिए देश के सबसे बड़े थिएटर फ़ेस्टिवल में हिस्सा

भारतीय रंगमंच के लिए मार्च 2026 का महीना एक सुनहरे अवसर की तरह दर्ज होने जा रहा है। महिंद्रा ग्रुप द्वारा स्थापित और टीमवर्क आर्ट्स द्वारा निर्मित, देश का सबसे प्रतिष्ठित नाट्य पुरस्कार—महिंद्रा एक्स

20 अगस्त 2025

मुझे यूट्यूबर नहीं बनना, पर एक यूट्यूब-चैनल बनाया है : AmoebAI

मुझे यूट्यूबर नहीं बनना, पर एक यूट्यूब-चैनल बनाया है : AmoebAI

जिस वक़्त मुझे सबसे ज़्यादा जॉब सिक्योरिटी की ज़रूरत थी, सबसे ज़्यादा फ़ाइनेंशियल सिक्योरिटी की ज़रूरत थी, उस वक़्त मैंने सबसे ज़्यादा बचकाना काम किया। मैंने जॉब छोड़ दी, पर क्यों? और यह बात मैं आप लोगो

07 अगस्त 2025

अंतिम शय्या पर रवींद्रनाथ

अंतिम शय्या पर रवींद्रनाथ

श्रावण-मास! बारिश की झरझर में मानो मन का रुदन मिला हो। शाल-पत्तों के बीच से टपक रही हैं—आकाश-अश्रुओं की बूँदें। उनका मन उदास है। शरीर धीरे-धीरे कमज़ोर होता जा रहा है। शांतिनिकेतन का शांत वातावरण अशांत

11 जून 2025

दिल्ली में ‘मुंबई स्टार’

दिल्ली में ‘मुंबई स्टार’

नादिर ख़ान द्वारा निर्देशित और अवंतिका बहल द्वारा कोरियोग्राफ किया गया, एक बेहतरीन डांस म्यूजिकल द ड्रैगन रोज़ प्रोजेक्ट का ‘मुंबई स्टार’ 14 और 15 जून 2025 को कमानी ऑडिटोरियम में दिल्ली के दर्शकों के

04 जून 2025

'संतोष' और बॉलीवुड का दलित सिनेमा

'संतोष' और बॉलीवुड का दलित सिनेमा

सिनेमा एक दर्पण है, जिसके माध्यम से हम अक्सर ख़ुद को देखते हैं। — एलेजांद्रो गोंज़ालेज़ इनारितु  साहित्य समाज का दर्पण है—बचपन में इस विषय पर निबंध लिखते हुए पता नहीं था कि एक दिन सिनेमा भी समा

03 जून 2025

पत्र : अभिभावकों-सहयात्रियों-कला में विश्वास रखने वालों के नाम

पत्र : अभिभावकों-सहयात्रियों-कला में विश्वास रखने वालों के नाम

भोपाल   25 मई 2025 प्रिय अभिभावकों, सहयात्रियो और कला में विश्वास रखने वालों के प्रति... विहान ड्रामा वर्क्स : ‘स्वप्नयान—बाल नाट्य कार्यशाला’ में भाग लेने वाले सभी बच्चों के अभिभावकों को ढेर

21 अप्रैल 2025

‘अजब तोरी दुनिया हो मोरे रामा...’

‘अजब तोरी दुनिया हो मोरे रामा...’

बरस 1947 है,  तारीख़ 14 अगस्त,  दिन गुरुवार,  रात का समय। जब जवाहरलाल नेहरू अपना चुस्त पजामा और शेरवानी पहन रहे थे, संसद में देने वाले थे अपना ऐतिहासिक वक्तव्य। उसी वक़्त मेरे परदादा खेत के मुँडेर

27 मार्च 2025

एक बाल नाटक लिखते हुए

एक बाल नाटक लिखते हुए

मैं अक्सर सोचती हूँ कि हम सब कितनी सारी चीज़ों से घिरे हैं। एक वयस्क के रूप में जीवन और दुनिया को देखते हुए ऊब गए हैं। अक्सर अपनी ऊब, अपनी चालाकियाँ और कुंठाएँ जाने-अनजाने हम बच्चों तक प्रेषित कर देते

22 मार्च 2025

मेटा 2025 : प्रेम, दर्द, समय, समाज और लोक का रंगमंच

मेटा 2025 : प्रेम, दर्द, समय, समाज और लोक का रंगमंच

भारतीय रंगमंच की जीवंत परंपरा को प्रोत्साहित करने और देश भर के प्रतिभाशाली कलाकारों को एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से, महिंद्रा समूह और टीम वर्कआर्ट्स द्वारा आयोजित ‘महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अव

18 फरवरी 2025

कथा-कला-कलाकारों के साथ रचनात्मकता के संसार में प्रवेश

कथा-कला-कलाकारों के साथ रचनात्मकता के संसार में प्रवेश

भारत रंग महोत्सव—अभिमंच सभागार में, ऋषिकेश सुलभ के उपन्यास ‘दातापीर’ पर आधारित, कृष्ण समृद्धि द्वारा नाट्यान्‍तरित और रणधीर कुमार द्वारा निर्देशित नाटक ‘स्मॉल टाउन ज़िंदगी’ रागा पटना के कलाकारों द्वा

13 फरवरी 2025

विहान की अलवर-यात्रा : जीवंत रंग प्रस्तुतियाँ

विहान की अलवर-यात्रा : जीवंत रंग प्रस्तुतियाँ

विहान ड्रामा वर्क्स की अलवर यात्रा पर लिखना सिर्फ़ एक यात्रा के बारे में लिखना नहीं, बल्कि विहान की एक महत्त्वपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि को रेखांकित करना है। जिसे लिखे बिना उसकी संपूर्णता दर्ज करना सं

07 फरवरी 2025

भारंगम में कॉमेडी, लव और वॉर के अंतराल से गुज़रे दर्शक

भारंगम में कॉमेडी, लव और वॉर के अंतराल से गुज़रे दर्शक

भारत रंग महोत्सव की तीसरी संध्या को, एमआईटी-एडीटी विश्वविद्यालय, रंगमंच विभाग के प्रथम वर्ष के छात्रों द्वारा ‘कंजूस’ नाटक प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने कंजूसी से इस नाटक का प्रदर्शन किया। नाटक में

03 फरवरी 2025

'सूर्य की अंतिम किरण से सूर्य की पहली किरण तक'

'सूर्य की अंतिम किरण से सूर्य की पहली किरण तक'

सुरेन्द्र वर्मा का जन्म सन् 1941 को झाँसी में हुआ, वह हिंदी के प्रतिष्ठित साहित्यकार हैं। उनका नाटक ‘सूर्य की अंतिम किरण से सूर्य की पहली किरण तक’ सन् 1972 में प्रकाशित हुआ। उपन्यास ‘मुझे चाँद चाहिए’

30 जनवरी 2025

भारंगम में खेला गया भिखारी ठाकुर का ‘बिदेसिया’

भारंगम में खेला गया भिखारी ठाकुर का ‘बिदेसिया’

‘बिदेसिया’ (नाटक) भिखारी ठाकुर की अमर कृति है, जिसे संजय उपाध्याय ने एक नया आयाम दिया है। भिखारी ठाकुर भोजपुरी भाषा के कवि, नाटककार, गीतकार, अभिनेता, लोक नर्तक, लोक गायक और सामाजिक कार्यकर्ता थे। उन्

29 जनवरी 2025

भारंगम का भव्य आरंभ

भारंगम का भव्य आरंभ

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली में—भारत रंग महोत्सव के 25वें संस्करण की भव्य शुरुआत ‘रंग संगीत’ आयोजन से हुई। इस साल राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय अपने 65 वर्ष और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की रिपर्टरी

23 जनवरी 2025

इस बार 13 शहरों में अपनी रंगत बिखेरेगा ‘भारंगम’

इस बार 13 शहरों में अपनी रंगत बिखेरेगा ‘भारंगम’

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) द्वारा प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाने वाला विश्व प्रसिद्ध भारत रंग महोत्सव इस वर्ष भी कई रंगमंच की नई पहलों-गतिविधियों के साथ दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार है

19 जनवरी 2025

रविवासरीय : 3.0 : पुष्पा-समय में एक अन्य पुष्पा की याद

रविवासरीय : 3.0 : पुष्पा-समय में एक अन्य पुष्पा की याद

• कार्ल मार्क्स अगर आज जीवित होते तो पुष्पा से संवाद छीन लेते, प्रधानसेवकों से आवाज़, रवीश कुमार से साहित्यिक समझ, हिंदी के सारे साहित्यकारों से फ़ेसबुक और मार्क ज़ुकरबर्ग से मस्तिष्क... • मुझे याद आ

17 जनवरी 2025

मेटा 2025 : देश के सबसे बड़े थिएटर फ़ेस्टिवल का हिस्सा बनने का मौक़ा

मेटा 2025 : देश के सबसे बड़े थिएटर फ़ेस्टिवल का हिस्सा बनने का मौक़ा

देश का लोकप्रिय और चर्चित रंगमंच पुरस्कार और फ़ेस्टिवल—महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवार्ड्स (META) का 20वाँ संस्करण जल्द ही शुरू हो रहा है। थिएटर से जुड़े कलाकार 30 जनवरी 2025 तक आयोजन में अपनी नाट्य

12 जनवरी 2025

रविवासरीय : 3.0 : गद्यरक्षाविषयक

रविवासरीय : 3.0 : गद्यरक्षाविषयक

• गद्य की रक्षा करना एक गद्यकार का प्राथमिक दायित्व है। गद्यरत के गद्य की रक्षा कैसे होती है? आइए जानते हैं : गद्यरत जब प्रकाश पर रचे; तब चाहे कि प्रकाश के जितने भी संभव-असंभव आयाम हैं, वे सब व्यक

24 दिसम्बर 2024

श्याम बेनेगल : ग़ैर-समझौतापरस्त रचनात्मक मिशन का सबसे भरोसेमंद और बुलंद स्मारक

श्याम बेनेगल : ग़ैर-समझौतापरस्त रचनात्मक मिशन का सबसे भरोसेमंद और बुलंद स्मारक

अस्सी के दशक की ढलान पर तेज़ी से लुढ़क रहे एक असंस्कृत समय में टीवी पर ‘भारत एक खोज’ शीर्षक धारावाहिक के अथ और इति का पार्श्वसंगीत अपने-आप में ग़ुस्ताख़ी से कम नहीं था। कास्टिंग में शामिल नाम और व

18 दिसम्बर 2024

ज़ाकिर हुसैन : एक उस्ताद का जीवन

ज़ाकिर हुसैन : एक उस्ताद का जीवन

इतना बोलता हुआ, इतना प्रसन्नमन, ऊर्जस्वी और संगीतमय मनुष्य आपने उनके पहले कब देखा था? उस्ताद ज़ाकिर हुसैन कुल मिलाकर 73 वर्षों तक इस दुनिया में रहे; लेकिन इस एक उम्र में उन्होंने कई ज़िंदगियाँ जी लेने

16 दिसम्बर 2024

बेहतर गद्य लिखने के 30 ज़रूरी और जानदार नुस्ख़े

बेहतर गद्य लिखने के 30 ज़रूरी और जानदार नुस्ख़े

• जल्दी-जल्दी में लिखी गईं गोपनीय नोटबुक्स और तीव्र भावनाओं में टाइप किए गए पन्ने, जो ख़ुद की ख़ुशी के लिए हों। • हर चीज़ के लिए समर्पित रहो, हृदय खोलो, ध्यान देकर सुनो। • कोशिश करो कि कभी अपने

04 दिसम्बर 2024

लौट रहा है महिंद्रा कबीरा फ़ेस्टिवल

04 दिसम्बर 2024

लौट रहा है महिंद्रा कबीरा फ़ेस्टिवल

महिंद्रा कबीरा फ़ेस्टिवल—जो संगीत, साहित्य और आध्यात्मिकता का एक अद्भुत संगम है, अपने आठवें संस्करण के साथ 13 दिसंबर से 15 दिसंबर 2024 के बीच वाराणसी के ऐतिहासिक घाटों पर लौट रहा है। यह तीन दिवसीय उत

02 दिसम्बर 2024

रूमानियत पर एक रूमानी बातचीत

रूमानियत पर एक रूमानी बातचीत

एक रोज़ जब लगभग सन्नाटा पसरने को था, मैंने अपने साथ खड़े लेखक से पूछा, “आप इतनी रूमानियत अपनी रचनाओं में क्यों भरते हैं? क्या आपको लगता है कि इंसान अपने अकेलेपन में ऐसे सोचता होगा?” हम रास्ते पर च

20 नवम्बर 2024

स्वराज विद्यापीठ, प्रयागराज में हुई माइम प्रस्तुति और कार्यशाला

स्वराज विद्यापीठ, प्रयागराज में हुई माइम प्रस्तुति और कार्यशाला

17 नवंबर 2024 को स्वराज विद्यापीठ, प्रयागराज में यूनिवर्सिटी थिएटर द्वारा आयोजित 20 दिवसीय उत्पादन आधारित कार्यशाला का भव्य समापन माइम (मूक अभिनय) प्रदर्शन के साथ हुआ। यह प्रस्तुति शहर के कलाप्रेमियो