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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

बिंदुघाटी 2.0 : ‘हिन्दवी’ अपना उत्सव लेकर इलाहाबाद आ तो गया, लेकिन यहाँ से जा नहीं पाएगा

 

• ‘हिन्दवी’ अपना उत्सव लेकर इलाहाबाद आ तो गया, लेकिन यहाँ से पूरी तरह जा नहीं पाएगा। यह मज़ाक नहीं है, इसके मा’नी तक पहुँचने के लिए इससे गुज़रिए :  दरअस्ल, इलाहाबाद की हवा ही नॉस्टैल्जिक है। यहाँ रह

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23 अगस्त 2026

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