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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

अनशन की नैतिक शक्ति

 

आख़िरकार, इस देश की जनता कुछ जागी हुई-सी महसूस होती है। वह अराजनीतिकता का चोला उतारकर मूक से मुखर होती प्रतीत होती है। लेकिन जब हम कहते हैं कि इस देश की सरकार गूँगी, बहरी और अपने उत्तरदायित्व से भागने

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24 जुलाई 2026

आज का रचनाकार

रचनाकार का समय और समय का रचनाकार

प्रदीप सैनी

सुपरिचित कवि। 'दुनिया के होने की आवाज़' शीर्षक से एक कविता-संग्रह प्रकाशित।

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