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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

DJ वाले बाबू आजकल बिहार में जो बजा रहे हैं...

 

अगर किसी विदेशी शोधार्थी को बिहार का समकालीन समाज समझाना हो, तो मैं उसे एक क़स्बाई शादी में भेजना पसंद करूँगा। वहाँ उसे बिहार के बारे में लगभग सब कुछ मिल जाएगा। शहरों की शादियाँ मशीनी हो गई हैं। वहाँ स

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22 मई 2026

आज का रचनाकार

रचनाकार का समय और समय का रचनाकार

प्रदीप सैनी

सुपरिचित कवि। 'दुनिया के होने की आवाज़' शीर्षक से एक कविता-संग्रह प्रकाशित।

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