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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

बहुत नाइंसाफ़ी है गदहों के साथ

 

गदहे को इंसानी समाज ने हमेशा से ही तुच्छ प्राणी समझा है। इसीलिए प्राणी संग्रहालय में गदहे को छोड़कर सब प्राणियों को रखा गया। क्या गदहों को इंसानों की इस हरकत का बुरा नहीं लगता होगा? गदहा हमेशा से ह

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12 अक्तूबर 2026

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