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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

आज ‘बेला’ का दूसरा जन्मदिन है

 

आज से दो वर्ष पूर्व वे देवियों के दिन थे, जब हिन्दी और ‘हिन्दवी’ के व्यापक संसार में ‘बेला’ का प्राकट्य हुआ था। देवियों की उपस्थिति और कला—रूप और कथ्य दोनों ही स्तरों पर—अत्यंत समृद्ध होती है। यह समृद

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09 अप्रैल 2026

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