Font by Mehr Nastaliq Web

बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

दुनिया गोल ही है

 

हर गोल पूरी तरह गोल नहीं है। जैसे अपनी पृथ्वी जिसे हम गोल कहते हैं, लेकिन वह कहीं-कहीं उभरी हुई है और कहीं गहरी धँसी हुई। सूरज के चारों ओर घूमने वाली पृथ्वी की कक्षा भी तो पूरी तरह गोल नहीं, बल्कि अंड

...और पढ़िए

16 अक्तूबर 2026

आज का रचनाकार

रचनाकार का समय और समय का रचनाकार

दूधनाथ सिंह

समादृत कवि-कथाकार और संपादक। महादेवी वर्मा और निराला पर लिखीं अपनी किताबों के लिए भी चर्चित।

और जानिए

हिन्दी भाषा और साहित्य के संरक्षण-संवर्द्धन में हमारा सहयोग करें।

ई-पुस्तकें

हिंदी का किताबघर

हिंदी के नए बालगीत

रमेश तैलंग 

1994

गीतों में विज्ञान

सोम्या 

1993

दोहा-कोश

राहुल सांकृत्यायन 

1957

आकाश-गंगा

मदनमोहन राजेन्द्र 

1972

बाँकीदास-ग्रंथावली

रामनारायण दूगड़ 

1931

थाली भर आशा

इशरत आफ़रीं 

2015

अन्य ई-पुस्तकें

रेख़्ता फ़ाउंडेशन की अन्य वेबसाइट्स