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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

रविवासरीय 4.0 : सुरेन्द्र मोहन पाठक के ख़िलाफ़

 

• एक ख़ाकसार मनुष्य के एक ख़ाकसार पुल पर एक ख़ाकसार उपन्यासकार से गए सोमवार टकराना हुआ। ख़ाकसार उपन्यासकार काफ़ी लोकप्रिय पुकारे जाते हैं। वह इतने ज़्यादा ख़ाकसार और लोकप्रिय हैं कि चेतन भगत और अमीश त्र

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15 मार्च 2026

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