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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

कहानी : कुछ रह गया

 

सूरज की पहली किरण उसके कमरे में दाख़िल हुई। दीवार से टकराकर वह उसके चेहरे पर ठहर गई। ठंडी हवा का एक झोंका उसकी पलकों को हल्के से छू गया, मानो रात भर उसे दर्द में लिपटा देख यह सुबह अपना सारा स्नेह उस प

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20 सितम्बर 2026

आज का रचनाकार

रचनाकार का समय और समय का रचनाकार

असीमा भट्ट

अभिनय के संसार से संबद्ध हिंदी कवयित्री और गद्य-लेखिका।

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