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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

18 सितम्बर 2026

‘मुकेश पांडेय की फ़िल्म ‘डॉटर ऑफ़ द माउंटेन्स’ को ‘इंडियन इंडिपेंडेंट फ़िल्म फ़ेस्टिवल’ में सम्मान’

‘मुकेश पांडेय की फ़िल्म ‘डॉटर ऑफ़ द माउंटेन्स’ को ‘इंडियन इंडिपेंडेंट फ़िल्म फ़ेस्टिवल’ में सम्मान’

उत्तराखंड के दूरस्थ पहाड़ों में रहने वाली महिलाओं के मौन संघर्ष, अकेलेपन और साहस की कहानी कहती स्वतंत्र फ़िल्म ‘डॉटर ऑफ़ द माउंटेन्स’ (Daughter of the Mountains) को ‘इंडियन इंडिपेंडेंट फ़िल्म फ़ेस्टिव

18 सितम्बर 2026

कहानी : क्या सच, क्या झूठ

18 सितम्बर 2026

कहानी : क्या सच, क्या झूठ

“फूल क्यों तोड़ रही हो?”  पीछे से आई गार्डनर की कड़क आवाज़ पर हव्वा सकपका गई... “मालकिन रोज़ तुड़वाती है” कह ज़ब्ह के लिए तैयार मेमने सी तेज़-तेज पलकें झपकाने लगी। भ्रांति में पड़कर वह हमेशा ऐसा

18 सितम्बर 2026

सरसरी : ‘हिंदी का उत्सव’ और अंधकार

सरसरी : ‘हिंदी का उत्सव’ और अंधकार

विवादों, विनोदों, गर्वोक्तियों, सूक्तियों और सहकारिताओं से फ़ेसबुक ऊब चुका था। आम का टिकोरा वैशाख तक बीनने के बाद आलोचकों ने दीर्घ प्रवास ले लिया था और बक़ौल अष्टभुजा शुक्ल कविजन फिर से अमराई ढूँढ़ने म

18 सितम्बर 2026

चाहता तो बच सकता था... : ‘जेन-ज़ी का तोता’ वाले आनंद हर्षुल के नाम पत्र

चाहता तो बच सकता था... : ‘जेन-ज़ी का तोता’ वाले आनंद हर्षुल के नाम पत्र

दिनांक : 18 सितंबर 2026 प्रतिष्ठा में, ‘जेन-ज़ी का तोता’ के लेखक श्री आनंद हर्षुल, यह पत्र इस आग्रह के साथ शुरू कर रहा हूँ कि आप मेरे संबोधन को स्वयं को एक कहानी विशेष के लेखक में परिसीमित करने

17 सितम्बर 2026

अनफ़्रेम्ड : AI से परे हाँफता वो असल ‘अस्सी’

अनफ़्रेम्ड : AI से परे हाँफता वो असल ‘अस्सी’

अस्सी का दशक रस्सियों से बँधा हिलता हुआ एक पुल था। इसके एक छोर पर पीली टिमटिमाती हुई रोशनियाँ थीं और दूसरे छोर पर नीली डेनिम पहने हाथ में गिटार लिए कोई युवा। शुरुआत जर्जर और थकी हुई थी और अंत ओस की ब

17 सितम्बर 2026

कहानी : खिल्ली विनाशालय

कहानी : खिल्ली विनाशालय

मेरे देश का नाम है—घरघराहट! मेरा प्यारू देश है दुनिया का सबसे न्यारू देश और मेरे देश से बाहर जो भी हैं वे सब साले हैं झरझरालू देश। मेरा अपना पर्सनल नाम सुकुमार समस्या कुमार है। मेरे पैदा होने के ब

16 सितम्बर 2026

कहानी : गश्ती

कहानी : गश्ती

चाईं उर्फ निशू भाई के पास कमाल का गुण था—वह सड़क पर चलती, खड़ी, इठलाती, इतराती, मुस्काती लड़की को देखकर बता देता था, ‘यह गश्ती है, चल भाई लपक लिया जाए...’ अपने जादुई अनुमान पर वह कभी फ़ेल नहीं हुआ

16 सितम्बर 2026

मिर्ज़ापुर : कहानीहीन अंतहीन सिनेमा

मिर्ज़ापुर : कहानीहीन अंतहीन सिनेमा

सर पानी में डूबता है, गोली सिर के पीछे से माथे को चीरती हुई निकलती है, पूरा का पूरा पानी सुर्ख़ लाल हो जाता है और इसी कलात्मकता के साथ फ़िल्म सबसे पहले अपने नाम से आपको रूबरू करवाती है। एक पारंपरिक भ

15 सितम्बर 2026

कहानी : प्रोजेक्ट एक्रिडोथेरेस : डिफ़ॉल्ट सेटिंग हैपीनेस

कहानी : प्रोजेक्ट एक्रिडोथेरेस : डिफ़ॉल्ट सेटिंग हैपीनेस

इतनी रात को क्या कर रहे हो? इंतिज़ार... दोस्त का... दोस्त? हाँ, दोस्त ही तो... ट्रेन का इंतिज़ार करते, लास्ट मिनिट ब्लिंकइट ऑर्डर का इंतिज़ार करते, सेलरी का इंतिज़ार करते, किसी विशेष मैसे

15 सितम्बर 2026

C/O बंगाल : शरतचंद्र के दिन

C/O बंगाल : शरतचंद्र के दिन

“मेरी विद्या-बुद्धि कुछ भी नहीं थी। बहुत दरिद्रता में दिन कटे हैं। बीस रुपये के अभाव में मैं परीक्षा में बैठने तक से वंचित रह गया था। ऐसे दिन भी आए, जब भगवान् से प्रार्थना करता था—‘हे भगवान्, कुछ दिन