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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

13 जून 2026

‘शनिवारेर चिट्ठी : सबसे पहले तुम, शशि!’

‘शनिवारेर चिट्ठी : सबसे पहले तुम, शशि!’

सबसे पहले तुम, शशि! इसलिए नहीं कि तुम जीवन में सबसे पहले आईं या कि तुम सबसे ताज़ा स्मृति हो। इसलिए कि मेरा होना अनिवार्य रूप से तुम्हारे होने को लेकर है... [शेखर : एक जीवनी, शेखर : उत्थान—प्रवेश]

12 जून 2026

जगह-जगह 2.0 : क्या कर रही होगी जबलपुर में तुम

जगह-जगह 2.0 : क्या कर रही होगी जबलपुर में तुम

शहरज़ादे का शहरआशोब जबलपुर को खोजता हूँ तो पहले उन सूचियों से उलझता हूँ जिनमें 12 सड़कों और 13 जनों की, 5 मोहल्लों और 3 उद्यानों की, 2 पुलों और 52 तालाबों की, एक कल्चुरी काल के तेवर की, एक विलियम स्

12 जून 2026

जब नाव नदी को पहली बार स्पर्श करती है

जब नाव नदी को पहली बार स्पर्श करती है

सुना और पढ़ा था कि जिस दिन नदी में नाव उतारी जाती है; वह दिन नाविक के जीवन में एक महत्त्वपूर्ण दिन होता है, लेकिन इस घटना को अपनी आँखों से मैंने देखा नहीं था। साल 2012 से मैं इसकी तलाश में था। मैं जब

11 जून 2026

साहित्यिक चोरी चोरी नहीं होती!

साहित्यिक चोरी चोरी नहीं होती!

आए दिन साहित्यिक रचनाओं की चोरी की घटनाओं की ख़बरें पढ़ने को मिल रही है। जिनकी रचनाएँ चोरी होंगी, वे हाय-तौबा मचाएँगे ही। और कुछ कर भी क्या सकते हैं? फ़ेसबुक पर एफ़आईआर दर्ज कर सकते हैं। साक्ष्य के रू

10 जून 2026

एक थकी हुई तितली

एक थकी हुई तितली

मैंने इतने क़रीब से कभी मोर नहीं देखा था। यहाँ शुरुआत कुछ और कहकर भी हो सकती है, लेकिन मोर ही क्यों, यह नहीं मालूम। शायद उस दुपहर का सबसे गहरा रंग, मुझे उस मोर में दिखाई दिया था। मोर अपनी गहरे नीले रं

09 जून 2026

ब्लैक होल्स की द्विअर्थी दुनिया

ब्लैक होल्स की द्विअर्थी दुनिया

स्टीफ़न हॉकिंग के ब्लैक होल पर दिए इस लेक्चर (2016 BBC Reith Lectures on black holes) को पढ़ते-पढ़ते एक शहर से दूसरी सहर में आ गए। ‘नव भारत’ की ट्रेनों में मिलने वाले रोटीनुमा या परांठानुमा या रोटी औ

09 जून 2026

कॉकरोच और क्रांति!

कॉकरोच और क्रांति!

भारत एक अपवाद है और भारतीयता स्वयं अनेक अपवादों का समुच्चय है। जब भी आपको यह आभास होगा कि आपने भारत को समझ लिया है—इसके लोग, इसकी संस्कृति और इसकी राजनीति आपको पुनः चौंका देगी। भारत का लोकतांत्रिक, आ

08 जून 2026

विज्ञान कथा : दंभ

विज्ञान कथा : दंभ

अप्रैल, सन् 2101 यूँ धरती के सीने पर उगी आधुनिकतम संरचनाओं ने उसे एक विशिष्ट सौंदर्य प्रदान किया है, लेकिन कुछ ज़ख़्म ऐसे हैं जो छिप नहीं पाते। ये ज़ख़्म जलवायु परिवर्तन ने दिए हैं। अप्रैल-मई माह

08 जून 2026

फ़िक्शन एक ज़्यादा बड़ा सच है : ख़ालिद जावेद से पूजा भाटिया की बातचीत

फ़िक्शन एक ज़्यादा बड़ा सच है : ख़ालिद जावेद से पूजा भाटिया की बातचीत

तक़रीबन पाँच साल पहले मैंने पहली बार ख़ालिद जावेद का उपन्यास ‘मौत की किताब’ पढ़ा था। पाँच बरस बाद जब उसे दुबारा पढ़ा तो साथ में उनका उपन्यास ‘नेमतख़ाना’ और ‘आख़िरी दावत और अन्य कहानियाँ’ भी पढ़ीं। इस

07 जून 2026

रविवासरीय 4.0 : एक हिंदी लेखक की ज़िंदगी

रविवासरीय 4.0 : एक हिंदी लेखक की ज़िंदगी

• एक हिंदी लेखक के जीवन की सुबह सूचनाओं से और रात उपन्यास से होती है। वह दुपहर से शाम तक ख़राब सिनेमा के असर में रहता है। इस असर में बाहर धूल और भीतर पन्ने उड़ते रहते हैं। यह उड़ान ही है कि महानगर जीवन