साहित्य और संस्कृति की घड़ी
डेरा मनुष्य अपने घर के बारे में सबसे कम तब सोचता है, जब वह अपने घर का निवासी होता है। तब घर की उपस्थिति इतनी स्वाभाविक होती है कि वह लगभग अदृश्य हो जाता है। बचपन में “हमारा अपना दो-मंज़िला घर है” व
अगर किसी विदेशी शोधार्थी को बिहार का समकालीन समाज समझाना हो, तो मैं उसे एक क़स्बाई शादी में भेजना पसंद करूँगा। वहाँ उसे बिहार के बारे में लगभग सब कुछ मिल जाएगा। शहरों की शादियाँ मशीनी हो गई हैं। वहाँ
इस दफ़ा फ़ुटबॉल विश्वकप की मेज़बानी अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको संयुक्त रूप से कर रहे हैं और दबी-दबी-सी चर्चा है कि भारत में कोई भी ब्रॉडकास्टर इसके प्रसारण अधिकार ख़रीदने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा ह
कॉमनवेल्थ शॉर्ट स्टोरी प्राइज़, 2026 की कैरेबियाई क्षेत्रीय विजेता कहानी, ‘द सर्पेंट इन द ग्रोव’ (उपवन में सर्प) चर्चा में है। चर्चा का कारण है, आरोप : कहानी का आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रयोग
मुज़म्मिल के लिए एक बग़ीची के पास पानी का नहीं, प्रतिध्वनियों का एक कुआँ था। जब स्वल्प-वासी उसमें झाँकता, तो उसे अपना चेहरा नहीं, अपनी आवाज़ दिखाई देती—धीरे-धीरे उतरती हुई, गहराई में। वह सुनता
अब शादियों के एल्बम नहीं दिखते। आजकल नीले-नीले लिंक होते हैं जो सीधे हम-आपको तस्वीरों के समंदर में पटक देते हैं। लगाइए गोता। दो-तीन स्क्रॉल में अपनी तस्वीर तक पहुँच जाइए। बेहतर क्वालिटी में डाउनलोड क
जया जादवानी अत्यंत संवेदनशील कथाकार हैं। मानवीय रिश्तों की बारीकियों, जटिलताओं और गहराई को उन्होंने अपनी कहानियों में बहुत ख़ूबसूरती से अभिव्यक्त किया है। बाहरी संसार की विविध छवियों, घटनाओं, स्थितिय
• एक बार की बात है : ‘कथानक’ नामधारी एक पत्रिका ने अपना कविता-विशेषांक घोषित किया। कविता-विशेषांक निकालना संसार की सारी भाषाओं में एक दुष्कर कार्य है, क्योंकि इसके लिए कवियों से संपर्क करना पड़ता
16 मई 2026
समय वह किसी सीधी बहती हुई नदी की तरह नहीं। वह लौटता हुआ और मुड़ता हुआ। समय अपनी ही दिशा पर संदेह करता हुआ। समय बंद वृत्त है और ‘इन्वर्ज़न’ समय की स्मृति के विखंडन के रूप में। भविष्य और अतीत एक-दूसर
जगहें कैसे बनती हैं? तुम्हारे और मेरे बैठने से पहले, समंदर किनारे पड़े उन पत्थरों को क्या ‘जगह’ कहा जाए? फ़िल्म ‘रंगीला’ का समुद्र, ‘सदमा’ का समुद्र और ‘Life of Pi’ का समुद्र एक ही है? जगह एक दशा ह