साहित्य और संस्कृति की घड़ी
11 अगस्त 2026
गताध्याय से आगे... सात भावुकता दुर्गण नहीं है, मनुष्य होने की उच्च अवस्था है। भावुक व्यक्तियों ने ही सच्चा प्रेम किया है। समाज में करुणा का प्रसार किया है। मनुष्यता की रक्षा की है। देश के लिए प
तीन दोस्त हैं। एक को हर दूसरी लड़की से प्यार हो जाता है, लेकिन अंततः शादी किसी और से कर रहा है। एक को अपने से बड़ी उम्र की औरत से प्यार हो जाता है और तीसरे के लिए प्यार एक बेकार की चीज़ है। तीनों का
10 अगस्त 2026
हिंदी साहित्य की परंपरा में इलाहाबाद—अब प्रयागराज—का उल्लेख केवल एक शहर के रूप में करना उसके सांस्कृतिक महत्त्व को कम करना होगा। इलाहाबाद आधुनिक हिंदी साहित्य की उन निर्णायक जगहों में रहा है; जहाँ सा
10 अगस्त 2026
‘हिन्दवी उत्सव’-2026 के अंतर्गत रविवार, 23 अगस्त 2026 को उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र [NCZCC], प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में अन्य साहित्यिक सत्रों के साथ ‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’ के दूसरे संस्कर
09 अगस्त 2026
हिन्दवी उत्सव-2026 के अंतर्गत होने वाले ऑल इंडिया कैंपस कविता के दूसरे संस्करण के लिए हमें 1739 प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं। इनमें ख़ाली, नमूना और दोहरी प्रविष्टियाँ हटाकर शेष 1681 प्रविष्टियों को भेजन
• ‘बिंदुघाटी’ के पिछले अंकों में भारत की राजनीति के संदर्भ में अगले कुछ वर्षों के लिए दबाव-समूह की महत्ता को रेखांकित किया गया था और इसमें कॉकरोच जनता पार्टी [सीजेपी] की महती भूमिका की अपेक्षा भी की
08 अगस्त 2026
20:32—बुधवार बे-तरतीब बारिश हो रही है। मतलब मैं कुछ बे-तरतीब वाक्य संभव करना चाहता हूँ। मसलन बारिश हो रही है। मतलब तुम्हारी याद आ रही है। मतलब बादल अपनी काली देह में बंद समुद्रों की अधूरी स्मृतिया
08 अगस्त 2026
मनुष्य ने अनिर्वचनीय प्रकृति से मिलते तमाम उद्दीपनों के प्रभाव में अपने चारों ओर जो और जितनी दुनिया बनाई है, वह बहुत जटिल होती चली गई है। काम-आराम, बाज़ार-तकनीक, उत्पादन-उपभोग, सूचनाएँ-व्यवस्थाएँ—मनु
07 अगस्त 2026
‘हिन्दवी’ ने अपने प्रयोगधर्मी साहित्यिक प्रयासों के अंतर्गत वर्ष 2022 के सितंबर में ‘हिन्दवी कैंपस कविता’ की शुरुआत की थी। इस पहल का पहला आयोजन इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा
07 अगस्त 2026
श्रावण-मास! बारिश की झरझर में मानो मन का रुदन मिला हो। शाल-पत्तों के बीच से टपक रही हैं—आकाश-अश्रुओं की बूँदें। उनका मन उदास है। शरीर धीरे-धीरे कमज़ोर होता जा रहा है। शांतिनिकेतन का शांत वातावरण अशांत
हिन्दवी उत्सव 2026
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