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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

07 जुलाई 2026

‘धारावाहिक उपन्यास : जंकामंका गैंग : हिंदी की दुनिया के सबसे पतित, निष्ठुर, क्रूर राक्षस’

‘धारावाहिक उपन्यास : जंकामंका गैंग : हिंदी की दुनिया के सबसे पतित, निष्ठुर, क्रूर राक्षस’

गताध्याय से आगे... दो गंज गोबरहवा के दो पैर, दो आँखें, दो हाथ, दो दिल हैं, एक इस तरफ़ धड़कता है, दूसरा उस तरफ़। असल में जमुआर पुल के एक तरफ़ पुराना गंज गोबरहवा है, बहुत से भी बहुत पहले से गोबरहवा मे

06 जुलाई 2026

मणि कौल की ‘बादल द्वार’ : कविता को पर्दे पर संभव करने का सलीक़ा

मणि कौल की ‘बादल द्वार’ : कविता को पर्दे पर संभव करने का सलीक़ा

मणि कौल की फ़िल्म ‘बादल द्वार’ उन क्लासिक अप्रतिम फ़िल्मों में से है, जिसे हिंदी सिनेमा के दायरे से बाहर भी अतीव प्रशंसा मिली। पश्चिम जगत में सराहा जाना कोई उत्कृष्ट कृति का पैमाना नहीं है। मगर ‘बादल

05 जुलाई 2026

बिंदुघाटी 2.0 : लौट आया हूँ, कोई कुछ भी कह सकता है

बिंदुघाटी 2.0 : लौट आया हूँ, कोई कुछ भी कह सकता है

• व्लादिमीर : शुरुआत  मुश्किल शय है।  एस्त्रागान : तुम किसी भी चीज़ से शुरू कर सकते हो। व्लादिमीर : हाँ, लेकिन इसका निर्णय लेना होता है। एस्त्रागान : सही बात। — सैमुअल बेकेट | वेटिंग फ़ॉर गोदो

04 जुलाई 2026

शनिवारेर चिट्ठी : डेंटिस्ट का पति और अन्य प्रकरण

शनिवारेर चिट्ठी : डेंटिस्ट का पति और अन्य प्रकरण

पहली सीटिंग अह, यह कैसी आपद-कथा रही! वहाँ जाना आसान था तो मैं गया। पड़ोस में ज़रूरी चीज़ों की उपस्थिति को हम एक क़िस्म का सामाजिक सौभाग्य ही कहें। पड़ोस था मन में तो मिलते ही उससे कह भी दिया, “पड़ोसी ह

03 जुलाई 2026

‘पिकोलो फ़ाइल्स’ : एक कुत्ते की नज़र से इंसानों की दुनिया

‘पिकोलो फ़ाइल्स’ : एक कुत्ते की नज़र से इंसानों की दुनिया

‘पिकोलो फ़ाइल्स : पॉ एंड ऑर्डर’ (प्रभात प्रकाशन, प्रथम संस्करण : 2026) में लेखिका इरा टाक ने अपनी ओर से नहीं, बल्कि अपने पालतू कुत्ते ‘पिकोलो’ की ओर से उसकी दुनिया और उसका नज़रिया सामने रखा है। यही इ

03 जुलाई 2026

फूलचंद : जो लौटकर कभी नहीं आया

फूलचंद : जो लौटकर कभी नहीं आया

वह हमारी उम्र का था, मगर हट्टा-कट्टा बालक था। मुझे आज भी याद है—उसका बोलना, उसकी चमक से भरी आँखें! जो अनायास अपनी तरफ़ खींच लेती थीं। बिना कहे सुने उसे देखा जा सकता था। न जाने क्या था उसमें! आज सोचती

02 जुलाई 2026

तपते सूरज और थियो की तलाश

तपते सूरज और थियो की तलाश

विन्सेंट वॉन गॉग के प्रति सदा एक आकर्षक बना रहा। उनकी पेंटिंग के कारण नहीं विन्सेंट से जुड़ी कहानियों के कारण। शेष संसार की तरह उनकी पेंटिंग को तो मैंने भी बहुत बाद में जाना। सबसे पहले मिलना हुआ स्टा

01 जुलाई 2026

एक रात जो अब भी मेरे भीतर उजाला करती है

एक रात जो अब भी मेरे भीतर उजाला करती है

स्मृतियाँ सचमुच कभी नहीं मरतीं। वे हमारे भीतर किसी गहरे, अदृश्य तह में चुपचाप बैठी रहती हैं—कभी धुँध की तरह, कभी उजाले की तरह और कभी किसी ऐसे सपने की तरह जो जागने के बाद भी पूरी तरह टूटता नहीं। कु

01 जुलाई 2026

कहानी : काजल की कोठरी

कहानी : काजल की कोठरी

दिन के सवा ग्यारह बज रहे हैं और कमरे में गहरा अँधेरा छाया हुआ है। पर्दे गिराए हुए, दो-दो खिड़कियाँ लेकिन दोनों बंद। फ़र्श एकदम चिकट, कमरे के बाहर एक सड़े हुए कपड़े को डोरमैट के रूप में बिछाया हुआ है। अल

30 जून 2026

धारावाहिक उपन्यास : जंकामंका गैंग : आषाढ़ का पहला दिन और...

धारावाहिक उपन्यास : जंकामंका गैंग : आषाढ़ का पहला दिन और...

आज आषाढ़ का पहला दिन है। इस अवसर पर हम ‘हिन्दवी बेला’ पर वह कर रहे हैं, जो इससे पूर्व हमने कभी नहीं किया—एक उपन्यास का धारावाहिक प्रकाशन। यह हमारे लिए बहुत हर्ष और उल्लास का प्रसंग है कि इस काम की शु