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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

26 अक्तूबर 2026

‘पत्र : दिल्ली के लिए : तुम पहले जैसी हो जाओ’

‘पत्र : दिल्ली के लिए : तुम पहले जैसी हो जाओ’

प्यारी दिल्ली, कैसी हो? माफ़ करना महीनों बाद तुम्हें ख़त लिख रहा हूँ। आजकल ना चाहते हुए भी तुम्हारा नाम ज़बान पर आ जाता है। देश में क्या हो रहा है, यह तुमसे छिपा नहीं है; फिर भी संक्षेप में अगर त

25 अक्तूबर 2026

रील रसाचार्य : मेट्रो में रील

रील रसाचार्य : मेट्रो में रील

“अगला स्टेशन न्यू अशोक नगर है। दरवाज़े...” “ये लड़की बहुत बोलती है, ज़रा चुप रहोगी?” पहली आवाज़ मेट्रो के अनाउसमेंट की है, दूसरी आवाज़ किसी रील की। दोनों आवाज़ें इस तरह गुत्थमगुत्था हुईं कि मैं

24 अक्तूबर 2026

यात्रा नहीं अपने भीतर थोड़ी-सी जगह बनाने का वृत्तांत

यात्रा नहीं अपने भीतर थोड़ी-सी जगह बनाने का वृत्तांत

अकेले यात्रा करने की इच्छा कई सालों से मन में पल रही थी। इसके कई कारण थे। पहला तो यह कि मैं बहुत एकांतप्रिय मनुष्य हूँ, जो अकेले रहने के अवसर खोजता रहता है। मेरे मस्तिष्क में एक अलग ही समानांतर दुनिय

23 अक्तूबर 2026

हिंदी का आलोचक : पाँच कटाउज और एक कालजयी उपन्यास की तलाश

हिंदी का आलोचक : पाँच कटाउज और एक कालजयी उपन्यास की तलाश

अगर आप हिंदी में उपन्यास लिखने की गुस्ताख़ी कर चुके हैं (या करने की सोच रहे हैं), तो मेरी पहली सलाह होगी कि पहले अपना कवच (या इसके बदले कोई और उपयुक्त चीज़) मज़बूत कर लीजिए। डिजिटल युग के आगमन के

23 अक्तूबर 2026

मेरी पहली जेल-यात्रा

मेरी पहली जेल-यात्रा

जीवन के पेच-ओ-ख़म इतने जटिल होते हैं कि हर बार कविता, कहानी या किरदार आपको बचा नहीं पाता है। ऐसे ही आप समाज के भीतर से हाशिए की ओर जाते हैं; हाशिए से भीतर आते हैं, ताकि अपनी ओर की यात्रा में उकताहट क

22 अक्तूबर 2026

हैदराबाद विश्वविद्यालय के बाद

हैदराबाद विश्वविद्यालय के बाद

हैदराबाद में मेरी पढ़ाई अब पूरी हो चुकी है। ज़िंदगी के एक पड़ाव को पीछे छोड़कर दूसरे की ओर बढ़ने से पहले मैं कुछ दिनों के लिए अपने गाँव लौट आई हूँ। शायद यह लौटना सिर्फ़ घर लौटना नहीं है; यह उन गलियों

22 अक्तूबर 2026

अनफ़्रेम्ड : हिंदी साहित्य और सिनेमा की इन गुमनाम कड़ियों को जानते हैं आप?

अनफ़्रेम्ड : हिंदी साहित्य और सिनेमा की इन गुमनाम कड़ियों को जानते हैं आप?

सत्तर के दशक के आरंभिक वर्ष हिंदी साहित्य और सिनेमा के बीच संबंधों के लिहाज़ से सबसे उल्लेखनीय साल माने जा सकते हैं। भारतीय सिनेमा में नए प्रयोग हो रहे थे। प्रयोग करने वाले ज़्यादातर निर्देशक पूना फ़िल्

21 अक्तूबर 2026

लखनऊ : वो शहर जो लाहौर और दिल्ली के बीच में कहीं फँसा हुआ है

लखनऊ : वो शहर जो लाहौर और दिल्ली के बीच में कहीं फँसा हुआ है

जब भी हम किसी नए शहर में क़दम रखते हैं, तो सबसे पहले उसे बाँहों में भरने की कोशिश करते हैं। फिर हथेलियों में समेटने का प्रयास करते हैं और आख़िर में अपने स्वादानुसार उस पूरे शहर को उँगलियों से छूकर लौट

21 अक्तूबर 2026

घाम-पानी : ‘ग्रीन बूट्स’ का मिथक : पालजोर और दोरजे मोरुप

घाम-पानी : ‘ग्रीन बूट्स’ का मिथक : पालजोर और दोरजे मोरुप

यात्राओं के दौरान किसी स्थान-विशेष तक पहुँचने के लिए लैंडमार्क काफ़ी काम आते हैं। अपने पते पर पहुँचने से पहले आप उसके लैंडमार्क तक पहुँचते हैं। शहरों और बस्तियों में यह कोई पीढ़ियों पुराना पीपल, पाकड

21 अक्तूबर 2026

तर्क के दौर में धर्म की संभावनाएँ

तर्क के दौर में धर्म की संभावनाएँ

अगर कोई किसान अपना खेत ज़्यादा दिनों तक परती छोड़ दे, तो काफ़ी हद तक संभावना है कि कोई दबंग-दंगाई क़िस्म का व्यक्ति उस ज़मीन पर अपना धावा बोल दे। हो सकता है कि सिर्फ़ एक व्यक्ति का ही धावा न हो, यह ज़म