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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

10 जून 2026

‘एक थकी हुई तितली’

‘एक थकी हुई तितली’

मैंने इतने क़रीब से कभी मोर नहीं देखा था। यहाँ शुरुआत कुछ और कहकर भी हो सकती है, लेकिन मोर ही क्यों, यह नहीं मालूम। शायद उस दुपहर का सबसे गहरा रंग, मुझे उस मोर में दिखाई दिया था। मोर अपनी गहरे नीले रंग

09 जून 2026

ब्लैक होल्स की द्विअर्थी दुनिया

ब्लैक होल्स की द्विअर्थी दुनिया

स्टीफ़न हॉकिंग के ब्लैक होल पर दिए इस लेक्चर (2016 BBC Reith Lectures on black holes) को पढ़ते-पढ़ते एक शहर से दूसरी सहर में आ गए। ‘नव भारत’ की ट्रेनों में मिलने वाले रोटीनुमा या परांठानुमा या रोटी औ

09 जून 2026

कॉकरोच और क्रांति!

कॉकरोच और क्रांति!

भारत एक अपवाद है और भारतीयता स्वयं अनेक अपवादों का समुच्चय है। जब भी आपको यह आभास होगा कि आपने भारत को समझ लिया है—इसके लोग, इसकी संस्कृति और इसकी राजनीति आपको पुनः चौंका देगी। भारत का लोकतांत्रिक, आ

08 जून 2026

विज्ञान कथा : दंभ

विज्ञान कथा : दंभ

अप्रैल, सन् 2101 यूँ धरती के सीने पर उगी आधुनिकतम संरचनाओं ने उसे एक विशिष्ट सौंदर्य प्रदान किया है, लेकिन कुछ ज़ख़्म ऐसे हैं जो छिप नहीं पाते। ये ज़ख़्म जलवायु परिवर्तन ने दिए हैं। अप्रैल-मई माह

08 जून 2026

फ़िक्शन एक ज़्यादा बड़ा सच है : ख़ालिद जावेद से पूजा भाटिया की बातचीत

फ़िक्शन एक ज़्यादा बड़ा सच है : ख़ालिद जावेद से पूजा भाटिया की बातचीत

तक़रीबन पाँच साल पहले मैंने पहली बार ख़ालिद जावेद का उपन्यास ‘मौत की किताब’ पढ़ा था। पाँच बरस बाद जब उसे दुबारा पढ़ा तो साथ में उनका उपन्यास ‘नेमतख़ाना’ और ‘आख़िरी दावत और अन्य कहानियाँ’ भी पढ़ीं। इस

07 जून 2026

रविवासरीय 4.0 : एक हिंदी लेखक की ज़िंदगी

रविवासरीय 4.0 : एक हिंदी लेखक की ज़िंदगी

• एक हिंदी लेखक के जीवन की सुबह सूचनाओं से और रात उपन्यास से होती है। वह दुपहर से शाम तक ख़राब सिनेमा के असर में रहता है। इस असर में बाहर धूल और भीतर पन्ने उड़ते रहते हैं। यह उड़ान ही है कि महानगर जीवन

06 जून 2026

शनिवारेर चिट्ठी : अनुवाद का सप्ताह

शनिवारेर चिट्ठी : अनुवाद का सप्ताह

मं., यह सप्ताह अनुवाद का सप्ताह था। अभी यह बात जब तुम्हें लिख रहा हूँ तो लगता है कि मैंने इस सप्ताह के बारे में सबसे कम महत्त्वपूर्ण बात पहले ही वाक्य में कह दी है। यह श्लील नहीं है। यह ग्लानि, बे

05 जून 2026

एकांत के कवि, आवारा कम्युनिस्ट दोस्त और बहन के प्रेमी

एकांत के कवि, आवारा कम्युनिस्ट दोस्त और बहन के प्रेमी

आज के दौर में साम्यवाद-समाजवाद का झंडा उठाने वाले लोग जो ख़ुद को सबसे बड़ा समतावादी दिखाने पर उतारू हैं; उन्हें देखकर कुछ सीख पाएँ या न सीखें, लेकिन उन्हें क़रीब से देखने पर यह ज़रूर पता चलता है कि वे

05 जून 2026

‘बाघ का भाग्यफल और अन्य कहानियाँ’ : धर्म-सत्ता-प्रेम का त्रिकोण

‘बाघ का भाग्यफल और अन्य कहानियाँ’ : धर्म-सत्ता-प्रेम का त्रिकोण

लिखने की मोहलत के लिए मृत्यु को ही अपनी किताब सादर समर्पित करता लेखक मृत्यु से तो भिड़ ही रहा है, साथ ही उसकी वैचारिक मुठभेड़ अपने समय के अजीब, अप्रिय, भ्रामक, भ्रष्ट, कुव्यवस्था के सामाजिक, राजनीतिक,

04 जून 2026

कहानी : स्वस्थित

कहानी : स्वस्थित

Every word is like an unnecessary stain on silence and nothingness.  ~ Samuel Beckett  एक लगातार अशांत रह रही आत्‍मा विचित्र भाषाऍं सीख लेती हैं।  ~ स्‍वदेश दीपक  किचन में नंगे खड