साहित्य और संस्कृति की घड़ी
लिखने की मोहलत के लिए मृत्यु को ही अपनी किताब सादर समर्पित करता लेखक मृत्यु से तो भिड़ ही रहा है, साथ ही उसकी वैचारिक मुठभेड़ अपने समय के अजीब, अप्रिय, भ्रामक, भ्रष्ट, कुव्यवस्था के सामाजिक, राजनीतिक, प
Every word is like an unnecessary stain on silence and nothingness. ~ Samuel Beckett एक लगातार अशांत रह रही आत्मा विचित्र भाषाऍं सीख लेती हैं। ~ स्वदेश दीपक किचन में नंगे खड
अँग्रेज़ी में एक कहन है : people who show you new music are important. मैं अक्सर अपने मित्रों और परिचितों को नए गीत भेजता रहता हूँ, कभी रेयर तो कभी कोई अनरिलीज़्ड गाना—इस गुमान के साथ कि मैं संगीत के
रुस्तम के कविता-संग्रह ‘एक ख़ुशबू वहाँ फैली थी’ की कविताओं को पढ़ते हुए लगता है कि यह प्रीति-प्रतीति की ध्यानावस्था में रची गई रचनाएँ हैं। यहाँ आदि से अनंत तक प्रेम की ख़ुशबू बिखरी हुई है। जड़ हो या च
01 जून 2026
1. आपको जिस विषय पर लिखने की अपनी इच्छा हो, उसी पर लिखें। यह देखकर न लिखें कि फ़लाँ पत्रिका आजकल किस विषय पर लेख छाप रही है। केवल इसलिए किसी विषय को न पकड़ें कि वह ‘चलन’ में है। 2. कहानी लिखनी है
• नये काम करना मुश्किल नहीं, मुश्किल है पुराने काम नये ढंग से करना। • काम करने के लिए, काम न कर सकने वाली परिस्थितियाँ चाहिए। • रोना अकेले की चीज़ है। • वे जिनकी रचनाएँ ‘राजनीतिक’ नहीं, ऐसे अ
यात्रा-कल्पना-स्मृति तीन घंटे की एक बस-यात्रा किसी मनुष्य को क्या दे सकती है? वह कवि है तो अधैर्य। वह प्रेम में है तो प्रत्याशा। वह पुरानी होती स्त्री है तो पीठ की पीड़ा और वह ऊब रहा आदमी है तो...
भाषा-विज्ञान में व्युत्पत्ति-भ्रांति का अर्थ है कि किसी शब्द के प्राचीनतम अर्थ को ही उसका ‘सही’ अर्थ मानने पर ज़ोर दिया जाए और उसके वर्तमान इस्तेमाल को रद्द करके उसे उसके मूल प्रयोग, प्राचीन अर्थ और स
अपने हालिया सफ़र के बाद, मैं पूरे यक़ीन के साथ कह सकती हूँ कि मैंने अपने अब तक के जीवन की सबसे करामाती शाम को देखा है। बुलंद बर्फ़-पोश पहाड़ियों के पीछे पश्चिम में दहककर बुझता हुआ लाल अलाव। वह दृश्य मेरे
कभी-कभी मैं विधाता की मनुष्य के रूप में कल्पना करता हूँ तो लगता है कि विधाता भी कोई परम मसख़रा ही होगा और यह भी कि विधाता ने यह दुनिया सिर्फ़ मसख़री और खेल-खेल में ही बना दी है। और प्रेम? प्रेम