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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

07 नवम्बर 2026

‘जेएनयू के आख़िरी रोज़ को आख़िरी रोज़-सा न बिताने की हर आख़िरी कोशिश’

‘जेएनयू के आख़िरी रोज़ को आख़िरी रोज़-सा न बिताने की हर आख़िरी कोशिश’

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय का परिसर है, नीले आसमान के कैनवास में ऊबे इम्प्रेशनिस्ट आर्टिस्ट द्वारा उल्टे स्ट्रोक में खींची कुछ लाल-पीली रेखाओं के तले हाथ पकड़ साथ चलते प्रेमी जोड़ियों के प्रेम से प्

06 नवम्बर 2026

लीला रामनगर की भारी

लीला रामनगर की भारी

इन दिनों रामलीलाएँ हो रही हैं। क्योंकि यह लीलाभूमि है, राष्ट्र के दो बड़े नायकों की लीलाभूमि। ब्रज और अवध जिनकी जन्मभूमि रही है। अतः बहुत स्वाभाविक है ‘रामलीला’ और ‘रास’ दोनों की, लोक और शास्त्र दोनो

06 नवम्बर 2026

मेरी पहली जेल-यात्रा-3

मेरी पहली जेल-यात्रा-3

यहाँ से आगे... पिछले दो दिनों के अनुभवों के बाद आज जागना कुछ अलग-सा था। दिमाग़ का एक हिस्सा काफ़ी ठोस महसूस हो रहा था, तो दूसरा कुछ पिघलता हुआ जान पड़ता था। सोचा, घर पर सबको बताकर जाऊँ कि क्या कर

06 नवम्बर 2026

दिल्ली, तूती-ए-हिन्द और एक उस्ताद-शागिर्द की कहानी

दिल्ली, तूती-ए-हिन्द और एक उस्ताद-शागिर्द की कहानी

तेरहवीं सदी में जब मंगोल हमलों ने मध्य एशिया के कई शहरों और सभ्यताओं को तबाही के कगार पर पहुँचा दिया था, जब बुख़ारा, समरकंद और बग़दाद जैसे शहरों पर क़हर बरपा था, तब दिल्ली उन चंद जगहों में से एक थी ज

05 नवम्बर 2026

अनफ़्रेम्ड : लेखक, तुम्हारे शब्द तुम्हारे ख़िलाफ़ हैं

अनफ़्रेम्ड : लेखक, तुम्हारे शब्द तुम्हारे ख़िलाफ़ हैं

वे कहते हैं कि लेखक के जीवन और उसकी रचनात्मकता को अलग-अलग करके देखो। वे कहते हैं कि लेखक भी मनुष्य है, उसे उसकी मानवीय कमज़ोरियों के लिए माफ़ कर दो। मस्तिष्क इसे स्वीकार करने को कहता है, मगर एक पाठक का

05 नवम्बर 2026

पत्थरदिल

पत्थरदिल

दिल्ली की चूना भट्टी की दुपहरी में मेरा दिन अक्सर कहीं और बीतता था। कभी शाहदरा, कभी नारायणा, कभी राजौरी गार्डन और कभी दिल्ली के किसी दूसरे इलाक़े में—दिन भर काम की तलाश में भटकता रहता और शाम होते-होत

05 नवम्बर 2026

जहाँ खड़ी पाई नहीं लगती

जहाँ खड़ी पाई नहीं लगती

कभी-कभी अकारण ही कुछ लिखने के लिए मन बेचैन होने लगता है। मन में क्या चल रहा होता है, पता नहीं। बस लगता है कि उसे किसी तरह बाहर निकालना है। किसी न किसी रूप में लिखने की आदत रही है, इसलिए घर, परिवार, स

04 नवम्बर 2026

हादसा और हदस

हादसा और हदस

हादसा और हदस में अंतर है, लेकिन केवल ‘आ’ की मात्रा का। जब हम कोई हादसा होते हुए देखते हैं तो ‘हदस’ जाते हैं। हम भोजपुरिया लोगों के यहाँ इसी शब्द का इस्तेमाल होता है। लेकिन तब क्या हो, जब आपके साथ ही

04 नवम्बर 2026

घाम-पानी : बैकपैकर्स की मास्टरक्लास : कहाँ तलाशे ठौर-ठिकाना

घाम-पानी : बैकपैकर्स की मास्टरक्लास : कहाँ तलाशे ठौर-ठिकाना

कल्पना कीजिए कि आप 15वीं शताब्दी में जी रहे हों, साल हो 1453… वहाँ उस समय अभी कुस्तुन्तुनिया [Constantinople] में तुर्कों का क़ब्ज़ा हो गया हो, माने लगभग 1000 सालों बाद आज के इस्तांबुल में पूर्वी रोमन

04 नवम्बर 2026

काशी हिंदू विश्वविद्यालय : हिंदी भवन में 2000 बैच का नॉस्टैल्जिक आगमन

काशी हिंदू विश्वविद्यालय : हिंदी भवन में 2000 बैच का नॉस्टैल्जिक आगमन

काशी हर दिन एक अप्रत्याशित अनुभव है। जैसे गत 23 अक्टूबर को 12 बजे दिन में हिंदी भवन का अनुभव! तीन सेवानिवृत्त शिक्षक दिखे एक झुंड के बीच। तीनों की पोशाक किसी महफ़िल के चीफ़ गेस्ट की तरह। अहा! देखत ब