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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

27 जून 2026

‘मैं शहरों को देखकर कभी मुस्कुरा नहीं सका!’

‘मैं शहरों को देखकर कभी मुस्कुरा नहीं सका!’

आज से क़रीब दस महीने पहले मैं दूसरी बार दिल्ली की ओर आया। दिल्ली के किनारे, नोएडा को ठिकाना बनाया। जब मैं आया तब मेरे पास शब्दों का एक बड़ा-सा गोदाम था। इस गोदाम से मैं शब्द निकालता, उसे वाक्य बनाता औ

27 जून 2026

शनिवारेर चिट्ठी : पुलिसवाली है या लेस्बियन, उधर जो औरत है? कहाँ?

शनिवारेर चिट्ठी : पुलिसवाली है या लेस्बियन, उधर जो औरत है? कहाँ?

पूर्वग्रह मुहल्ले में ‘मौग’ होना उपहास की बात थी। बसों-ट्रामों में हाथ बजाकर अपनी पहचान जताना किसी हीनता की निशानी। और मैदान के अँधेरे कोनों में खींच लिया जाता अथवा स्वेच्छा से ‘व्यभिचार’ में

26 जून 2026

जगह-जगह 2.0 : हमारा फ़्यूचर शॉक कहाँ है?

जगह-जगह 2.0 : हमारा फ़्यूचर शॉक कहाँ है?

When did the future switch from being a promise to being a threat? — Chuck Palahniuk इतिहास की पूँछ और भविष्य गुरंदी बाज़ार की एक दुकान में मुझे एल्विन टॉफ़्लर की ‘फ़्यूचर शॉक’ की एक प्रति म

26 जून 2026

दोस्तों को कभी न भेजी गई एक चिट्ठी

दोस्तों को कभी न भेजी गई एक चिट्ठी

क़रीब-क़रीब सात बजे शाम का समय रहा होगा। मैं यूँ ही फ़ोन हाथ में लिए घर की छत पर बैठा था। अचानक से फ़ोन बजा, वीडियो कॉल वह भी। ‘स्कूल फ़्रेंड’ के नाम से एक व्हाट्सएप्प ग्रुप। मैंने कॉल रिसीव किया तो दे

25 जून 2026

रागदर्पण : मैं ढूँढ़ती हूँ शहतूत का वह दरख़्त

रागदर्पण : मैं ढूँढ़ती हूँ शहतूत का वह दरख़्त

स्कूल ने रुक्का भेजा—‘अबकी सालाना जलसे में आपको सम्मानित करते हमें गर्व होगा।’ जहाँ जीवन का सबसे बेफ़्रिक समय जिया, शऊर-सलीक़ा सीखा, बात व्यवहार करना आया, सदा के संगी मिले; जहाँ पढ़कर आज लिख सकने क़ाबिल

25 जून 2026

बंदर : डोपामाइन की भूखी दुनिया में बेचैनी परोसती फ़िल्म

बंदर : डोपामाइन की भूखी दुनिया में बेचैनी परोसती फ़िल्म

डायनासोर के जाने के बाद, इस नीले ग्रह पर लगभग सब कुछ नए सिरे से हुआ। स्तनधारियों के विकास का रास्ता साफ़ हुआ। क्रमिक विकास (evolution) चलता रहा। लाखों वर्ष पूर्व होमो-सेपियंस आए। दो सौ साल पहले उनमें

24 जून 2026

किम की-यंग : कोरियाई सिनेमा का एक असाधारण नाम

किम की-यंग : कोरियाई सिनेमा का एक असाधारण नाम

हम जब आज से लगभग एक दशक पूर्व कोरिया के बारे में सोचते थे, तो शायद अधिकांश लोगों के लिए उसका उत्तर अज्ञात ही रहता था। जिनकी समझ या रुचि थोड़ी अधिक विकसित थी, उनके मन में शायद किम जोंग उन का नाम आता र

24 जून 2026

मैं वापस आऊँगा : क्या कमाल है, न शिकायतें, न मलाल है!

मैं वापस आऊँगा : क्या कमाल है, न शिकायतें, न मलाल है!

दो गिलहरियाँ इमारत के कोने पर आकर मिलती हैं। एक कहीं से मूँगफली ले आई है, दूसरी हाथ बढ़ाकर उसे ले लेना चाहती है। अचानक बम का धमाका होता है और इमारत ढह जाती है। सब मलबे के हवाले। इस इतनी बड़ी दुनिया म

23 जून 2026

एक नीट अभ्यर्थी और उम्मीद का न्यूनतम बैलेंस

एक नीट अभ्यर्थी और उम्मीद का न्यूनतम बैलेंस

नीट की परीक्षा देने गए मेरे एक भाई के बाल बड़े थे। बाहर खड़े ज़िम्मेदारों ने उसके बालों में हाथ डालकर यह जाँच की कि कहीं उसमें कोई पुर्ज़ी तो नहीं है। मुझे इस सख़्ती पर ऐतबार भी आया और ग़ुस्सा भी। भरो

23 जून 2026

प्रतिउत्तर : ‘रोएँगे हम हज़ार बार...’

प्रतिउत्तर : ‘रोएँगे हम हज़ार बार...’

प्रिय रचित, मैंने आपकी इम्तियाज़ अली की फ़िल्म ‘मैं वापस आऊँगा’ पर लिखी दर्शक-समीक्षा पढ़ी। वह वीडियो भी देखा जिसमें एक लड़की रोते हुए अपना वीडियो रिकॉर्ड कर रही थी, जिसे बाद में उसने फ़ेसबुक पर सा