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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

29 जनवरी 2026

‘हबीब तनवीर : साधारण में असाधारण की खोज’

‘हबीब तनवीर : साधारण में असाधारण की खोज’

नाट्य शास्त्र के पहले ही अध्याय में एक श्लोक है जो एक तरह से नाटक की परिभाषा है— योऽयम स्वभावां लोकस्य सुखदुखसमन्वितः सोंगभिनयोपेतो नाट्यमित्यभिधीयते।। यह जो लोक (फ़ोक का अनुवाद नहीं, बल्कि समू

28 जनवरी 2026

एक लाख अस्सी हज़ार चार सौ बावन मिनट का इंतज़ार

एक लाख अस्सी हज़ार चार सौ बावन मिनट का इंतज़ार

जानते हो तीन हज़ार घंटे कितनी देर में बीतते हैं? नहीं जानते। चार महीने, ग्यारह दिन में। दिन-रात, सुबह-शाम सब जोड़ दें तो। चार महीने, ग्यारह दिन। मैं कोई देवदास की पार्वती नहीं हूँ, जिसने पल में

27 जनवरी 2026

अंचित से दस सवाल : मुझे दिल्ली बिल्कुल पसंद नहीं है

अंचित से दस सवाल : मुझे दिल्ली बिल्कुल पसंद नहीं है

अंचित (जन्म: 1990) नई पीढ़ी के चर्चित कवि, अनुवादक और संपादक हैं। वर्ष 2021 में उन्हें ‘कवि केदारनाथ सिंह कविता सम्मान’ से सम्मानित किया गया। वे इसक-2023 के कवि भी हैं। हाल ही में उनका नया कविता-संग्

27 जनवरी 2026

नए साल की रात, 'पहल' की विरासत और अजित पुष्कल की स्मृतियाँ

नए साल की रात, 'पहल' की विरासत और अजित पुष्कल की स्मृतियाँ

शाम के सात बज चुके थे और अब इस समय पर लखनऊ के लिए बस पकड़ने का आशय यह होता कि रात के लगभग बारह बजे के आस-पास या उससे थोड़ा ज़्यादा समय पर ही लखनऊ पहुँच पाता। ऐसे में सिविल लाइंस से वापस लौटना ही सबसे

26 जनवरी 2026

असहमति की परंपरा और भारत का विचार

असहमति की परंपरा और भारत का विचार

सर-ज़मीन-ए-हिंद पर अक़्वाम-ए-आलम के ‘फ़िराक़’ क़ाफ़िले बसते गए हिन्दोस्ताँ बनता गया रघुपति सहाय ‘फ़िराक़’ का यह शेर वर्षों से पढ़ा जा रहा है। शायद इससे बेहतर भारत होने की यात्रा इतने कम शब्दों मे

25 जनवरी 2026

पंडित छन्नूलाल मिश्र : तकलीफ़ में गाने से ही सिद्धि मिलती है

पंडित छन्नूलाल मिश्र : तकलीफ़ में गाने से ही सिद्धि मिलती है

अगर हम गा पाते तो गाकर आपका बखान करते महाराज! लेकिन हमारी ज़िंदगी में लय नहीं है उतनी, इसमें खरज ज़्यादा है, ज़िंदगी का रियाज़ नहीं है, यह बेसुरी हो जाती है—बार-बार। इसलिए हम सिर्फ़ लिख पाएँगे। हम कोशिश क

25 जनवरी 2026

Humans In The Loop : ग़लतफ़हमी है कि CAPTCHA भरकर आप रोबोट होने से बच जा रहे हैं

Humans In The Loop : ग़लतफ़हमी है कि CAPTCHA भरकर आप रोबोट होने से बच जा रहे हैं

दुनियाभर में आर्टिफ़िशियल इंटेलीजेंस का हल्ला है। जहाँ एआई (AI) शब्द जुड़ जाता है, वह चीज़ एलीट लगने लगती है। यूट्यूब वीडियोज़ के समंदर में अगर पत्थर उछालो तो वो कोई न कोई एआई टूल सिखाने वाले पर ही ग

24 जनवरी 2026

किम की डुक का सिनेमा : हिंसा और बर्बरता के आवरण में प्रेम और सौंदर्य की कल्पना

किम की डुक का सिनेमा : हिंसा और बर्बरता के आवरण में प्रेम और सौंदर्य की कल्पना

जापान से आधिपत्य ख़त्म होने के बाद 50 के दशक में उत्तर और दक्षिण कोरिया के गठन और अलग-अलग सिनेमा उद्योग बनने के बाद आज दक्षिण कोरियाई सिनेमा उद्योग को सिनेमा के जानकार ‘हैल्युवुड’ के नाम से पुकारते है

24 जनवरी 2026

पहले मेरी कामुकता क्षैतिज थी, अब वह ऊर्ध्वाधर है

पहले मेरी कामुकता क्षैतिज थी, अब वह ऊर्ध्वाधर है

सूज़न सॉन्‍टैग की दिनांकित प्रविष्टियाँ जीवन का लेखा नहीं, एक सजग मन की अविराम पकड़ हैं—सूचियों, संकेतों, मनन के रूप में। बाहर जो व्यक्तित्व सुसंगत और स्थिर दीखता है, भीतर वह निरंतर स्वयं को गढ़ता है

23 जनवरी 2026

ज्ञानरंजन के मनोहर का ‘बहिर्गमन’ उर्फ़ ‘पिता’ को रुमाल की ज़रुरत है...

ज्ञानरंजन के मनोहर का ‘बहिर्गमन’ उर्फ़ ‘पिता’ को रुमाल की ज़रुरत है...

नौ दशक का एक सुदीर्घ और शानदार जीवन जीकर ज्ञानरंजन हमें छोड़ कर चले गए। वह मनोहर की तरह प्रस्थान करते हुए रुमाल हिला रहे हैं। अपना रुमाल उमस में सोये उस ‘पिता’ को देना चाहते हैं, जो खटिया के दाएँ पाटी