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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

31 जुलाई 2026

‘मास्टर की अरथी नहीं थी, आशिक़ का जनाज़ा था’

‘मास्टर की अरथी नहीं थी, आशिक़ का जनाज़ा था’

जीवन मुश्किल चीज़ है—तिस पर हिंदी-लेखक की ज़िंदगी—जिसके माथे पर रचना की राह चलकर शहीद हुए पुरखे लेखक की चिता की राख लगी हुई है। यों, आने वाले लेखक का मस्तक राख से साँवला है। पानी, पसीने या ख़ून से धुलकर

30 जुलाई 2026

द ओडिसी : हर मनुष्य अंततः घर लौटना चाहता है

द ओडिसी : हर मनुष्य अंततः घर लौटना चाहता है

जीवन में कुछ चीज़ें अकल्पनीय ही नहीं, अनिश्चित भी हैं। जैसे अंतरिक्ष में आकाशगंगाएँ लगातार एक-दूसरे से दूर जा रही हैं, फिर भी हम ब्रह्मांड के विस्तार के बारे में सब कुछ ठीक-ठीक नहीं बता सकते। हम ज्वा

30 जुलाई 2026

ओपेनहाइमर से ओडिसियस तक : साम्राज्यवादी महानायकों का खोखलापन

ओपेनहाइमर से ओडिसियस तक : साम्राज्यवादी महानायकों का खोखलापन

क्रिस्टोफ़र नोलन की ‘द ओडिसी’ की सनसनीख़ेज़ समीक्षाओं की होड़ में कश्मकश करने से पहले सबसे ज़रूरी है कि इस होड़ के पीछे की सोच की समीक्षा करना। आख़िर क्यों और कैसे लोक-कथाओं और पुराणों की समृद्ध संस्क

29 जुलाई 2026

जेन-ज़ी : एक माफ़ीनामा

जेन-ज़ी : एक माफ़ीनामा

इसे कोई सामान्य लेख नहीं, बल्कि एक माफ़ीनामा समझिए। यह माफ़ीनामा मेरी ही नहीं, मेरी पूरी पीढ़ी की ओर से उस पीढ़ी के नाम है, जिसे आज हम ‘जेन-ज़ी’ [Gen Z] कहते हैं। इधर कुछ दिनों में इस पीढ़ी ने अपन

29 जुलाई 2026

भागो भई!

भागो भई!

शीर्षक वाला ‘भागना’ बहुत ही होलिस्टिक है। इसमें हर क़िस्म का भागना शामिल है—प्रॉफ़िट खदेड़ते पूँजीपतियों का भागना हो या पूँजीपतियों को खदेड़ते साम्यवादियों का। दूषित समाज को धर दबोचने के लिए साहित्य-

29 जुलाई 2026

रागदर्पण : कंधे आख़िर किसलिए होते हैं

रागदर्पण : कंधे आख़िर किसलिए होते हैं

उसका संग छूटते ही मेरे चौखूँट एक अजब निस्संगता आकर बैठ जाती थी कि फिर कई घंटों तक किसी की भी मौजूदगी मुझे उकताऊ और नागवार लगती। उसके साथ कोई आशनाई न थी; मगर हो सकने का भारी इमकान था, अगर मैं अपनी सन्

28 जुलाई 2026

नामवर सिंह की आलोचना-यात्रा : वैचारिक विकास और सैद्धांतिक हस्तक्षेप

नामवर सिंह की आलोचना-यात्रा : वैचारिक विकास और सैद्धांतिक हस्तक्षेप

हिंदी आलोचना के वृहत् परिदृश्य में नामवर सिंह की उपस्थिति एक ऐसे मील के पत्थर की तरह है, जिनका व्यक्तित्व और कृतित्व दोनों ही गहन बौद्धिक ऊर्जा और उतने ही गहरे विवादों से निर्मित और विकसित हुए। वह के

28 जुलाई 2026

मारांग दाई महाश्वेता

मारांग दाई महाश्वेता

“यक़ीनन आप यही जानना चाहेंगे कि मैंने कितनी बार विवाह किया है? या फिर मैं दिन में कितनी बीड़ियाँ पीती हूँ? क्या मैं व्हिस्की के एक गिलास के बिना रह सकती हूँ?” जब जीवन के उत्तरार्ध में किसी बड़ी ले

28 जुलाई 2026

धारावाहिक उपन्यास : जंकामंका गैंग : हिंदी में निर्लज्जता की परंपरा

धारावाहिक उपन्यास : जंकामंका गैंग : हिंदी में निर्लज्जता की परंपरा

गताध्याय से आगे... पाँच  दोस्ती के बारे में कई ज्योतिषियों ने दो बातें बताईं। पहली बात यह कि इस कलिकाल में सच्ची मित्रता के अकाल का योग है, हज़ार वाट का बल्ब लेकर ढूँढ़ते रह जाओगे; एक वाट का भी म

27 जुलाई 2026

मैं जेन-ज़ी के बारे में ग़लत थी

मैं जेन-ज़ी के बारे में ग़लत थी

मुझे अपनी पीढ़ी से बहुत उम्मीद नहीं बची थी और जेन-ज़ी से तो शायद उससे भी कम। मुझे लगता था कि इंस्टाग्राम, रील्स और अपने छोटे-से डिजिटल संसार में मस्त इस पीढ़ी की ज़िंदगी में सार्वजनिक सवालों के लिए बह