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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

03 मार्च 2026

‘बनारस की मसान होली : जीवन और मृत्यु का अद्वैत संगम’

‘बनारस की मसान होली : जीवन और मृत्यु का अद्वैत संगम’

धार्मिक-ग्रंथों और पुराणों के अनुसार काशी जिसे स्वयं शिव के त्रिशूल पर टिकी नगरी माना जाता है, संसार के उन विरल स्थानों में से एक है जहाँ मृत्यु को शोक नहीं, बल्कि मोक्ष का द्वार माना जाता है। शास्त्र

03 मार्च 2026

दैनिक भास्कर लेकर आया है कविता-प्रतियोगिता

दैनिक भास्कर लेकर आया है कविता-प्रतियोगिता

आगामी 21 मार्च को विश्व कविता दिवस के उपलक्ष्य में ‘दैनिक भास्कर’ एक विशेष पहल के रूप में ‘कविता उत्सव’ का आयोजन कर रहा है। यह काव्य-प्रतियोगिता देश भर के रचनात्मक मनों को एक मंच प्रदान करने का प्रया

02 मार्च 2026

होली खेलें रघुवीरा अवध में

होली खेलें रघुवीरा अवध में

बसंत को लेकर अब तक इतना गाया-बजाया गया, इतना लिखा-पढ़ा गया, इतना ढोल-नगाड़ा-झाँझ पीटा गया, इतनी धुन-रागिनियाँ बनीं—फिर भी आज तक न तो कोई इससे ऊबा और न उकताया। ऐसा क्या है कि पपीहे और कोयल की एक ही रट भ

01 मार्च 2026

रविवासरीय 4.0 : ‘अब तुम भी जाने वाले हो सामान तो गया’

रविवासरीय 4.0 : ‘अब तुम भी जाने वाले हो सामान तो गया’

• रविवासरीय की तीसरी ऋतु की समाप्ति [27 अप्रैल 2025] और चौथी ऋतु की शुरुआत [1 मार्च 2026] के बीच की सारी सूचियाँ आ चुकी हैं। सारे मेले निपट चुके हैं। मेले की सारी किताबें आ चुकी हैं। नामचीन-प्राचीन-प

28 फरवरी 2026

भगोरिया : होली का हाट, भागकर शादी करने का पर्व नहीं

भगोरिया : होली का हाट, भागकर शादी करने का पर्व नहीं

भाया कावळियाँ लाय दो जी, कावळियाँ पेरीनऽ मी तो भोंगर्यों देखूँगा। यह एक निमाड़ी गीत है। मध्य प्रदेश के निमाड़ और मालवा अंचल में यह गीत काफ़ी लोकप्रिय है। इस गीत के माध्यम से बहन अपने भाई से मनुहा

27 फरवरी 2026

हत्यावादी जूनून के चक्रव्यूह में फँसा ‘कैनेडी’

हत्यावादी जूनून के चक्रव्यूह में फँसा ‘कैनेडी’

वर्ष 2021 में देश के सबसे अमीर लोगों में से एक के घर के सामने एक गाड़ी पाई गई थी, जिसमें विस्फोटक सामग्री पाए जाने की ख़बर थी। उस घटना के बाद संबंधित राज्य के सत्ता समीकरणों में बहुतेरे बदलाव देखे गए

27 फरवरी 2026

भाड़े के श्रोता और दाद का कारोबार

भाड़े के श्रोता और दाद का कारोबार

मैं उन दिनों बरेली में पढ़ रहा था। एक मुशायरा होने वाला था, जिसकी बड़ी धूम थी। हिंदी-उर्दू की मंचीय कविता के सारे बड़े नाम आमंत्रित थे। आयोजक पैसेवाले लोग थे, मुशायरे को शहर के इतिहास का सबसे बड़ा और

26 फरवरी 2026

नई पीढ़ी नए बदलाव : इमोजी से रील्स तक

नई पीढ़ी नए बदलाव : इमोजी से रील्स तक

विश्वविद्यालयों में हिंदी साहित्य की कक्षाओं की अपनी टिपिकल संस्कृति होती है—चरणस्पर्शी और बहुत छुईमुई। इन कक्षाओं में प्रेमचंद, प्रेमचंद नहीं रहते, “प्रेमचंद जी” हो जाते हैं, “निराला जी”, “मुक्ति

25 फरवरी 2026

क्रेज़ी किया रे : AI के अतिक्रमण में मौलिकता का अस्तित्व

क्रेज़ी किया रे : AI के अतिक्रमण में मौलिकता का अस्तित्व

वह फ़रवरी का नौवाँ दिन था और विभाग में वैसी ही चहल-पहल थी, जैसी अन्य कार्यक्रमों के दिनों में होती है। विभाग में कथाकार रणेन्द्र आए हुए थे। ख़ैर, ऐसा तो अक्सर होता है; विभाग में कोई-न-कोई आता ही रहता

25 फरवरी 2026

आख़िर कितना चक दे इंडिया!

आख़िर कितना चक दे इंडिया!

पिछले कुछ वर्षों से क्रिकेट नित्यकर्म की तरह हो चला है। हर रोज़ क्रिकेट खेला जा रहा है। हर रोज़ फेंकी जा रही है बॉल, हर रोज़ घुमाया जा रहा है बल्ला और हर रोज़ ही छूट रही हैं कैचें! इस रोज़मर्रा की क्