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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

16 जनवरी 2026

‘विष्णु खरे के इर्द-गिर्द’

‘विष्णु खरे के इर्द-गिर्द’

समादृत कवि-आलोचक और कला-प्रशासक अशोक वाजपेयी आज 86वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। उन्हें शुभकामनाएँ देते हुए यहाँ प्रस्तुत है—उनके द्वारा समादृत कवि-आलोचक-अनुवादक विष्णु खरे के लिए लिखा गया संस्मरणात्

16 जनवरी 2026

छंद-छंद पर कुमकुम : समकालीन छंदबद्ध कविता का विशेष आयोजन

छंद-छंद पर कुमकुम : समकालीन छंदबद्ध कविता का विशेष आयोजन

समकालीन कविता के परिदृश्य में जहाँ मुक्तछंद की उपस्थिति व्यापक है; वहीं छंदबद्ध कविता आज भी अपनी लय, अनुशासन और संगीतात्मकता के कारण पाठकों और श्रोताओं के बीच एक विशिष्ट स्थान बनाए हुए है। इसी परंपरा

15 जनवरी 2026

गोपेश्वर सिंह की आलोचना-पद्धति के कुछ पक्ष

गोपेश्वर सिंह की आलोचना-पद्धति के कुछ पक्ष

गोपेश्वर सिंह की आलोचना-पद्धति के बारे में बात करने का यह अर्थ नहीं है कि वह शास्त्रीय या सैद्धांतिक आलोचना लिखते हैं। उन्होंने व्यावहारिक आलोचना ही लिखी है। वह किसी साहित्य-सिद्धांत की बहस में भी प्

15 जनवरी 2026

रघुवर प्रसाद और सोनसी की दुनिया का रचयिता

रघुवर प्रसाद और सोनसी की दुनिया का रचयिता

1 जनवरी 2026 को विनोद कुमार शुक्ल 89 वर्ष के हो जाते लेकिन उसके नौ दिन पहले ही वह इस दुनिया से चले गए। हिंदी साहित्य में संभवतः अज्ञेय के बाद वह गिनती के ऐसे साहित्यकारों में थे जो गद्य और पद्य दोनों

14 जनवरी 2026

घर में है नायाब

घर में है नायाब

एक मृदुला गर्ग समकालीन हिंदी रचना-जगत् की सर्वाधिक समादृत लेखिका होने के साथ सर्वाधिक वरिष्ठ और हमारे सौभाग्य से सर्वाधिक सक्रिय रचनाकारों में से हैं—वह उन विरले लेखकों में से हैं जिन्होंने मिर्ज़

14 जनवरी 2026

ये बोझ कोई मज़हब नहीं उठा सकता

ये बोझ कोई मज़हब नहीं उठा सकता

अगर कोहाट में तब दंगे न हुए होते तो कमले की ससुराल वहीं होती, रावलपिंडी नहीं। रहीम ख़ान उन दिनों वहीं था। सब उसका आँखों देखा था। रहीम ने लालाजी की तरफ़ से जगप्रकाश अरोड़ा के ख़ानदान के तीसरे लड़के के लिए

13 जनवरी 2026

मेटा 2026 : देश के लोकप्रिय थिएटर फ़ेस्टिवल का हिस्सा बनने का मौक़ा

मेटा 2026 : देश के लोकप्रिय थिएटर फ़ेस्टिवल का हिस्सा बनने का मौक़ा

देश का लोकप्रिय और चर्चित रंगमंच पुरस्कार और फ़ेस्टिवल—महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवार्ड्स (META) का 21वाँ संस्करण जल्द ही शुरू हो रहा है। थिएटर से जुड़े कलाकार (अंतिम तिथि) 15 जनवरी 2026 तक आयोजन म

13 जनवरी 2026

इक्कीस : नफ़रत के दौर में मोहब्बत का पैग़ाम

इक्कीस : नफ़रत के दौर में मोहब्बत का पैग़ाम

ख़ून अपना हो या पराया हो नस्ल-ए-आदम का ख़ून है आख़िर जंग मशरिक़ में हो कि मग़रिब में अम्न-ए-आलम का ख़ून है आख़िर —साहिर लुधियानवी की नज़्म ‘ऐ शरीफ़ इंसानों’ से बीते साल (2025) दिसंबर में हिंदी

12 जनवरी 2026

यह ख़ाली जगह नहीं भरेगी

यह ख़ाली जगह नहीं भरेगी

एक जनवरी को वह जब इस दुनिया में आया था, कड़ाके की ठंड थी। नए साल की सौगात लेकर वह आया था। तब देश आज़ाद भी नहीं था। किसे पता था यह बालक कितने लोगों के जीवन में आज़ादी लेकर आएगा—विचारों की आज़ादी। जिस

11 जनवरी 2026

किरीस का गाना सुनेगा! ले बेटा...

किरीस का गाना सुनेगा! ले बेटा...

21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा समाप्त हो चुका है। सरकारी आँकड़ों की मानें तो हम आधुनिकता के आगे निकल चुके हैं। यानी उत्तराधुनिकता में प्रवेश कर चुके हैं, जिसके कई उदाहरण हमें दिखाई देते हैं। इनमें से ए