Font by Mehr Nastaliq Web

बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

02 अप्रैल 2026

‘गद्य होती कविता, थकता हुआ कवि’

‘गद्य होती कविता, थकता हुआ कवि’

जिस दौरान नवंबर बीत रहा था, उसी दौरान घर में एक नया जीवन उतर रहा था। मेरा मन हर घड़ी लगभग बैठा जाता था। लगभग घंटे दो घंटे बाद लगता—अब निकले प्राण कि तब निकले, लेकिन निकले अभी तक नहीं। अब यह कहने की कोई

01 अप्रैल 2026

फाँसी : दंड की कठोरता या सुधार का सोपान

फाँसी : दंड की कठोरता या सुधार का सोपान

हिंदी साहित्य जगत में हाल ही में प्रकाशित हिंदी उपन्यास ‘फाँसी’ काफ़ी चर्चा में रहा है। इस उपन्यास की एक ख़ास बात यह है कि इसे दो उपन्यासकारों—उद्भ्रांत और शैलेश पंडित ने संयुक्त रूप से लिखा है। ऐसा

31 मार्च 2026

हिंदुस्तानी ज़ुबानों के मरकज़, भारतीय भाषा केंद्र जेएनयू के 50 साल

हिंदुस्तानी ज़ुबानों के मरकज़, भारतीय भाषा केंद्र जेएनयू के 50 साल

जश्न के बाद का सन्नाटा बहुत खलता है... वाऽऽह! किसका है? आपका?... ‘अरे महाराज, आप भी!’ ‘कितना मशहूर है...!!!’ चढ़ते दिन के साथ पछुआ का बढ़ता आवेग, झड़ते पत्ते, झूमते पेड़, डोलती पत्तिया

31 मार्च 2026

मणिपाल यूनिवर्सिटी, जयपुर में ‘हिन्दवी कैंपस कविता’

मणिपाल यूनिवर्सिटी, जयपुर में ‘हिन्दवी कैंपस कविता’

हिन्दवी कैंपस कविता—‘हिन्दवी’ का एक विशेष आयोजन है। इस आयोजन के माध्यम से देश के विभिन्न शैक्षिक संस्थानों के साथ मिलकर वहाँ के छात्रों को साहित्य-सृजन के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाता है।

30 मार्च 2026

‘अर्थात्’ की चौथी कड़ी में जमकर हुई चेख़व-चर्चा

‘अर्थात्’ की चौथी कड़ी में जमकर हुई चेख़व-चर्चा

यौवन भोगते वसंत के बीच जब बोगनवेलिया के फूलों का रंग गाढ़ा हो रहा था और अलसायी हवा धूप के तीखेपन को सरकाकर लास्य बिखराने की कोशिश में थी—जब 29 मार्च को दोपहर दो बजे से शुरू हुई ‘अर्थात्’ की चौथी गोष्

30 मार्च 2026

हमारे राम कहाँ गए!

हमारे राम कहाँ गए!

ये वे दिन थे जब अँधेरा आकर हमारे आँगन के बीचोबीच बैठ जाता था और हम पाँचों भाई-बहन काँपते हुए संध्या-तारे से धूप की कहानियाँ माँगने लगते थे। लाल बिंदी लगाए हुए दादी एक-एक कर हर कमरे में रोशनी दिखातीं

29 मार्च 2026

रविवासरीय 4.0 : सेवासूक्त

रविवासरीय 4.0 : सेवासूक्त

• ‘महर्षि’ पूर्व में अपने कार्यालय को महर्षि-आवास कहते थे। इधर वह कुछ रोज़ से उसे ‘सेवा तीर्थ’ कहने लगे हैं।  महर्षि को नाम बदलने की व्याधि है। पर नाम अगर बदल दिया जाए तब भी युगों तक बदले हुए नाम क

28 मार्च 2026

आज है ‘हिन्दवी’ का विशेष आयोजन ‘अनंता’

आज है ‘हिन्दवी’ का विशेष आयोजन ‘अनंता’

हिंदी साहित्य की दुनिया में स्त्री-स्वर हमेशा से मौजूद रहा है, बस उसे पहचानने और सुनने की दृष्टि समय-समय पर बदलती रही है। इतिहास के लंबे गलियारों में स्त्रियों की रचनात्मकता अक्सर घर की चौखट, स्मृतिय

27 मार्च 2026

जगह-जगह 2.0 : माई नेम इज़ रेड : फ़ारसी मिनिएचर, नक़्क़ाशख़ाना और पूर्व-पश्चिम का द्वंद्व

जगह-जगह 2.0 : माई नेम इज़ रेड : फ़ारसी मिनिएचर, नक़्क़ाशख़ाना और पूर्व-पश्चिम का द्वंद्व

चश्म’त बियाफ़रीद ब: हर दम हज़ार चश्म, ज़ीरा ख़ुदा ज़ क़ुदरत-ए-ख़ुद कुदरत’श ब-दाद [तुम्हारी आँखों ने हर साँस के साथ हज़ारों आँखें पैदा कर दीं, क्योंकि ख़ुदा ने अपनी क़ुदरत (शक्ति) से तुम्हारी नज़

27 मार्च 2026

विलेम डैफ़ो का वक्तव्य : ‘जीतने के लिए आपका उपस्थित होना ज़रूरी है’

विलेम डैफ़ो का वक्तव्य : ‘जीतने के लिए आपका उपस्थित होना ज़रूरी है’

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) के अंतर्गत संचालित इंटरनेशनल थिएटर इंस्टीट्यूट (International Theatre Institute – ITI), पेरिस की कार्यकारी परिषद् प्रत्येक वर्ष किसी