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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

29 अगस्त 2026

‘शनिवारेर चिट्ठी : हिन्दवी उत्सव : मेरी दुनिया कविता की दुनिया है’

‘शनिवारेर चिट्ठी : हिन्दवी उत्सव : मेरी दुनिया कविता की दुनिया है’

आगमन 15:17 : तुम सरस जानती हो, मुझे ख़ास संधी पर नए कपड़े पहनना अच्छा लगता है। कारणमूल यही कि मॉल जा पहुँचा। नज़रें उड़ाने भर से ही उभर कर आया दरिद्राभास… सोचने लग पड़ा कि भारतीय मिडिल क्लास में दर्जन

28 अगस्त 2026

हिन्दवी उत्सव : कविता, आलोचना और संगीत के बीच एक दिन

हिन्दवी उत्सव : कविता, आलोचना और संगीत के बीच एक दिन

मेरी इच्छा थी कि मैं ‘हिन्दवी उत्सव’ की रपट को किसी कविता से शुरू करूँ, लेकिन डर था कि कहीं रपट छोड़कर उस कविता को निशाने पर ना ले लिया जाए, इसीलिए थोड़ा लरजते और पाठकों की संख्या का अनुमान लगाते हुए म

28 अगस्त 2026

सावन-गात खँची कजरी की अल्पना

सावन-गात खँची कजरी की अल्पना

आषाढ़ की साँझें हमेशा किसी के लौटने की आहट लेकर आती हैं। दिन भर की धूप से तपे हुए आकाश के किसी कोने में जब पहली कारी रेखा दिखाई देती है, तो लगता है जैसे बहुत दूर गया हुआ कोई अपना, स्मृति की देहरी पर

25 अगस्त 2026

धारावाहिक उपन्यास : जंकामंका गैंग : यही सब आज का हिंदी साहित्य है

धारावाहिक उपन्यास : जंकामंका गैंग : यही सब आज का हिंदी साहित्य है

गताध्याय से आगे... नौ  उदय का दुख यह नहीं था कि वह ब्राह्मणों के बीच अछूत है, बल्कि यह है कि वह पिछड़े और एससी के बीच ब्राह्मण है। वह उनके लिए कुछ भी कर दे, जान की बाज़ी लगा दे, तो भी सवर्ण था, ऊ

25 अगस्त 2026

फ़ैसला तो आ गया, फ़र्क़ जानते हैं!

फ़ैसला तो आ गया, फ़र्क़ जानते हैं!

‘हिन्दवी’ ने अपने प्रयोगधर्मी साहित्यिक प्रयत्नों के अंतर्गत वर्ष 2022 के सितंबर में ‘हिन्दवी कैंपस कविता’ की शुरुआत की थी। इस पहल का पहला आयोजन इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा

23 अगस्त 2026

बिंदुघाटी 2.0 : ‘हिन्दवी’ अपना उत्सव लेकर इलाहाबाद आ तो गया, लेकिन यहाँ से जा नहीं पाएगा

बिंदुघाटी 2.0 : ‘हिन्दवी’ अपना उत्सव लेकर इलाहाबाद आ तो गया, लेकिन यहाँ से जा नहीं पाएगा

• ‘हिन्दवी’ अपना उत्सव लेकर इलाहाबाद आ तो गया, लेकिन यहाँ से पूरी तरह जा नहीं पाएगा। यह मज़ाक नहीं है, इसके मा’नी तक पहुँचने के लिए इससे गुज़रिए :  दरअस्ल, इलाहाबाद की हवा ही नॉस्टैल्जिक है। यहाँ रह

22 अगस्त 2026

शनिवारेर चिट्ठी : इलाहाबाद मेरा दिल तोड़ देगा

शनिवारेर चिट्ठी : इलाहाबाद मेरा दिल तोड़ देगा

दर्शन क्या हम किसी ऐसे शहर के प्रेम में हो सकते हैं जहाँ कभी गए नहीं?  शहर—जिसे देखा नहीं। जिसकी गलियों को तैरकर पार न हुए। धूल जूतों पर चढ़ी नहीं। जिसकी किसी दीवार से पीठ टिकाकर चुप बैठे नहीं य

22 अगस्त 2026

हिन्दवी उत्सव : 23 अगस्त को इलाहाबाद के पथ पर

हिन्दवी उत्सव : 23 अगस्त को इलाहाबाद के पथ पर

प्रिय हिंदी-प्रेमियो, हम आपको सहर्ष यह सूचित कर रहे हैं कि ‘रेख़्ता फ़ाउंडेशन’ का उपक्रम ‘हिन्दवी’—हिंदी-साहित्य-संस्कृति-कला-संसार को समर्पित अपने वार्षिकोत्सव—‘हिन्दवी उत्सव’ के छठे संस्करण का आय

21 अगस्त 2026

संतोष झा और साथी कलाकार :  कविता का संगीत-आवास

संतोष झा और साथी कलाकार : कविता का संगीत-आवास

कविता और संगीत का संबंध केवल कविता को धुन में बाँध देने तक सीमित नहीं है। कविता में शब्दों की ध्वनि, लय, आरोह-अवरोह, विराम और गति पहले से ही एक तरह की संगीतात्मक संरचना बनाते हैं। शोध भी कविता के पाठ

20 अगस्त 2026

ज्ञानेंद्रपति को पढ़ना : चीज़ों की बनी-बनाई शक्ल पर संदेह करना

ज्ञानेंद्रपति को पढ़ना : चीज़ों की बनी-बनाई शक्ल पर संदेह करना

मुझे चेतना पारीक याद रहती हैं। कैसी सहज उभरी शिष्टता में उनके लिए आदरसूचक ‘हैं’ लिख रहा हूँ। वह अलहदा और उतने ही मख़्सूस कवि ज्ञानेंद्रपति की चेतना पारीक हैं। जितना उन्हें जान पाता हूँ, वह कोई दूर खड