साहित्य और संस्कृति की घड़ी
21 जुलाई 2026
व्यक्ति जब पीछे मुड़कर अपनी ज़िंदगी को देखता है, तो बहुत-सी चीज़ें धुँधली दिखाई देने लगती हैं। जहाँ से चले थे और जहाँ आकर ठहरे हैं, उनके बीच की दूरी ही उस धुँधलाहट का कारण बनती है। कब 2023 से 2026
21 जुलाई 2026
गताध्याय से आगे... चार यह सच तो यह कि जंकामंका युग से पहले हिंदी विभाग का डंका बजता था। रामकाव्य, जायसी, भारतीय उपन्यास आदि पर केंद्रित शानदार राष्ट्रीय संगोष्ठियाँ यादगार थीं। हर बार मशहूर सि
दुनिया और ज़िंदगी को ठहरकर नहीं, घर से निकलकर ही देखा जा सकता है। ज़िंदगी को जानने और समझने के लिए ठहराव ज़रूरी है, लेकिन उम्मीद और नाउम्मीदी से भरी तमाम यात्राओं के बाद। हमारी ज़िंदगी ट्रेन जैसी रफ़
एक राजा और महानायक होते हुए भी ओडिसस की ज़िंदगी कोई जश्न नहीं है, बल्कि एक लंबा इंतज़ार, एक बेबसी और ज़िंदगी के आख़िर में पसरा हुआ एक अंतहीन सन्नाटा है। यह एक ऐसे दुख की किरच के साथ घर लौटने की कहानी
• इन दिनों पॉपुलर स्पेस में कहीं-कहीं और बहुत सारी बातों के साथ-साथ लोग यह भी कह रहे हैं कि भूख-हड़ताल भारतीय संस्कृति नहीं है। ये कमाल के लोग हैं और कमाल की ही हैं इनकी सांस्कृतिक व्याख्याएँ! इनके इस
18 जुलाई 2026
दीपालिका क्या कहोगी जो कहूँ कि मुझे असुंदरता कुछ असहज करती है। यह राय मैंने किसी एक अनुभव के बिना पर तय की। मैंने उन्हें सुंदर स्त्रियाँ और कुछ कम सुंदर स्त्रियाँ कह साहचर्य निभाया। वह एक भली स्त्
लगभग दो दिन बीत चुके हैं किसी किताब को उठाए या ध्यान से कुछ पढ़े हुए। कहीं मन ही नहीं लग रहा। वह तो बार-बार भावुक हुआ जाता है। कई बार रोने का मन करता है। संवेदना की कितनी ही लहरें शरीर के पूरे हिस्से
समदरसी है नाम तिहारो, चाहो तो पार करो ठुमरी सुनी। ख़याल भी। इंदौर और देवास में स्टेज के सामने दरी पर बैठकर घंटों सुना और जी भर के देखा भी उन्हें। लेकिन इन आयोजनों के दीगर कभी पकड़ में नहीं आए। बहु
न थका न रुका न हटा न झुका किसी फक्कड़ बाबा का मैं चेला हुआ हजारीप्रसाद द्विवेदी की उपर्युक्त काव्य-पंक्ति के प्रेरणा पुंजों में कबीर, बनारसीदास चतुर्वेदी आदि का नाम आता है, पर ‘एक युग : एक प्रतीक’
प्राथमिकताएँ न तय कर पाने का संकट जीवन में निरंतर बना रहा है। इससे जूझना मानव की नियति ही रही है। यूँ कहें कि मनुष्य की विवशता ही उसकी नियति है। इधर बीच का जीवन, जो आधा पक चुका है—उसे किस शीतगृह में