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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

04 सितम्बर 2026

‘लगभग तीन दिन दो रातें’

‘लगभग तीन दिन दो रातें’

मुझे पता चल चुका था कि वहाँ वह मेरी प्रतीक्षा करने के लिए नहीं होगा… और जब यह पता चल चुका था तो यह कैसे न मालूम होता कि वहाँ मुझे उसका इंतिज़ार करना था। उसके स्कार्फ़ का... मेरे गले का फंदा बनने को आत

04 सितम्बर 2026

‘कनुप्रिया’ की भूमिका

‘कनुप्रिया’ की भूमिका

धर्मवीर भारती रचित ‘कनुप्रिया’ नई कविता की विशिष्ट रचना है। इस रचना में ‘राधा’ की वेदना को नए रूप में प्रस्तुत किया गया है। ‘कनुप्रिया’ दो शब्दों—‘कनु’ और ‘प्रिया’ से मिलकर बना है। धर्मवीर भारती ने इ

03 सितम्बर 2026

जौहर : कायरता नहीं, मध्यकालीन अस्मिता और स्वाधीनता-बोध का आख्यान

जौहर : कायरता नहीं, मध्यकालीन अस्मिता और स्वाधीनता-बोध का आख्यान

समकालीन नैतिक कसौटियों से मध्यकालीन जौहर को तौलकर उसे ‘कायरता’ की संज्ञा दे देना उस संपूर्ण सांस्कृतिक चेतना की उपेक्षा है, जिसमें अर्पण, तर्पण, समर्पण, पवित्रता, शुचिता, मर्यादा, आत्मसंयम, चरित्र, स

03 सितम्बर 2026

‘हिन्दवी उत्सव’ में प्रेम की संभावनाएँ

‘हिन्दवी उत्सव’ में प्रेम की संभावनाएँ

फ़्योदोर दोस्तोयेवस्की की ‘वाइट नाइट्स’ से एक पंक्ति पिछले दो दिन से ज़ेहन में घूम रही है, “यह एक अद्भुत रात थी—ऐसी रात, जो केवल तब संभव होती है, जब हम युवा होते हैं।” ऐसी ही एक अद्भुत रात से पहले का

02 सितम्बर 2026

‘हासिल’ से आगे का इलाहाबाद

‘हासिल’ से आगे का इलाहाबाद

बीते 23 अगस्त को उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र [NCZCC], प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में ‘हिन्दवी उत्सव’ 2026 का आयोजन किया गया। मैं इस बात का आग़ाज़ इस तरह नहीं करूँगा कि मैं झूँसी से निकला तो बारि

01 सितम्बर 2026

धारावाहिक उपन्यास : जंकामंका गैंग : बंधन प्रेम के रास्ते का रोड़ा है

धारावाहिक उपन्यास : जंकामंका गैंग : बंधन प्रेम के रास्ते का रोड़ा है

गताध्याय से आगे... दस  बड़ी से बड़ी मुश्किलों में भी झंकार मिसिर को कभी इतना चुप और इतना उदास होते नहीं देखा था। चाहे जीवन में उसे कोई जीत न मिली हो, लेकिन उसे कभी हारते नहीं देखा था। उसे जब भी द

30 अगस्त 2026

बिंदुघाटी 2.0 : टेक्स्ट-विरोधियों से बना टेक्स्ट-टाइम

बिंदुघाटी 2.0 : टेक्स्ट-विरोधियों से बना टेक्स्ट-टाइम

• यह सारा ख़राब दौर एक अच्छे टेक्स्ट में बदलता जा रहा है। एक ऐसा अच्छा टेक्स्ट जिसके सारे पात्र साहित्यिक टेक्स्ट से मुँहफ़ेर कर चल रहे हैं। पूरा का पूरा टेक्स्ट उदास पड़ा होता है कि कोई पात्र तो उसको स

29 अगस्त 2026

शनिवारेर चिट्ठी : हिन्दवी उत्सव : मेरी दुनिया कविता की दुनिया है

शनिवारेर चिट्ठी : हिन्दवी उत्सव : मेरी दुनिया कविता की दुनिया है

आगमन 15:17 : तुम सरस जानती हो, मुझे ख़ास संधी पर नए कपड़े पहनना अच्छा लगता है। कारणमूल यही कि मॉल जा पहुँचा। नज़रें उड़ाने भर से ही उभर कर आया दरिद्राभास… सोचने लग पड़ा कि भारतीय मिडिल क्लास में दर्ज

28 अगस्त 2026

सावन-गात खँची कजरी की अल्पना

सावन-गात खँची कजरी की अल्पना

आषाढ़ की साँझें हमेशा किसी के लौटने की आहट लेकर आती हैं। दिन भर की धूप से तपे हुए आकाश के किसी कोने में जब पहली कारी रेखा दिखाई देती है, तो लगता है जैसे बहुत दूर गया हुआ कोई अपना, स्मृति की देहरी पर

28 अगस्त 2026

हिन्दवी उत्सव : कविता, आलोचना और संगीत के बीच एक दिन

हिन्दवी उत्सव : कविता, आलोचना और संगीत के बीच एक दिन

मेरी इच्छा थी कि मैं ‘हिन्दवी उत्सव’ की रपट को किसी कविता से शुरू करूँ, लेकिन डर था कि कहीं रपट छोड़कर उस कविता को निशाने पर ना ले लिया जाए, इसीलिए थोड़ा लरजते और पाठकों की संख्या का अनुमान लगाते हुए म