साहित्य और संस्कृति की घड़ी
अकेले यात्रा करने की इच्छा कई सालों से मन में पल रही थी। इसके कई कारण थे। पहला तो यह कि मैं बहुत एकांतप्रिय मनुष्य हूँ, जो अकेले रहने के अवसर खोजता रहता है। मेरे मस्तिष्क में एक अलग ही समानांतर दुनिया
जीवन के पेच-ओ-ख़म इतने जटिल होते हैं कि हर बार कविता, कहानी या किरदार आपको बचा नहीं पाता है। ऐसे ही आप समाज के भीतर से हाशिए की ओर जाते हैं; हाशिए से भीतर आते हैं, ताकि अपनी ओर की यात्रा में उकताहट क
23 अक्तूबर 2026
अगर आप हिंदी में उपन्यास लिखने की गुस्ताख़ी कर चुके हैं (या करने की सोच रहे हैं), तो मेरी पहली सलाह होगी कि पहले अपना कवच (या इसके बदले कोई और उपयुक्त चीज़) मज़बूत कर लीजिए। डिजिटल युग के आगमन के
हैदराबाद में मेरी पढ़ाई अब पूरी हो चुकी है। ज़िंदगी के एक पड़ाव को पीछे छोड़कर दूसरे की ओर बढ़ने से पहले मैं कुछ दिनों के लिए अपने गाँव लौट आई हूँ। शायद यह लौटना सिर्फ़ घर लौटना नहीं है; यह उन गलियों
सत्तर के दशक के आरंभिक वर्ष हिंदी साहित्य और सिनेमा के बीच संबंधों के लिहाज़ से सबसे उल्लेखनीय साल माने जा सकते हैं। भारतीय सिनेमा में नए प्रयोग हो रहे थे। प्रयोग करने वाले ज़्यादातर निर्देशक पूना फ़िल्
21 अक्तूबर 2026
यात्राओं के दौरान किसी स्थान-विशेष तक पहुँचने के लिए लैंडमार्क काफ़ी काम आते हैं। अपने पते पर पहुँचने से पहले आप उसके लैंडमार्क तक पहुँचते हैं। शहरों और बस्तियों में यह कोई पीढ़ियों पुराना पीपल, पाकड
जब भी हम किसी नए शहर में क़दम रखते हैं, तो सबसे पहले उसे बाँहों में भरने की कोशिश करते हैं। फिर हथेलियों में समेटने का प्रयास करते हैं और आख़िर में अपने स्वादानुसार उस पूरे शहर को उँगलियों से छूकर लौट
अगर कोई किसान अपना खेत ज़्यादा दिनों तक परती छोड़ दे, तो काफ़ी हद तक संभावना है कि कोई दबंग-दंगाई क़िस्म का व्यक्ति उस ज़मीन पर अपना धावा बोल दे। हो सकता है कि सिर्फ़ एक व्यक्ति का ही धावा न हो, यह ज़म
कुछ ही देर में नीलकंठ पक्षी नीले पंख फैलाकर उड़ जाएगा। वह कैलाश में महादेव के पास जाएगा और संदेश पहुँचा देगा, “देवी दुर्गा लौट रही हैं।” ढाक की थाप तीव्र हो उठी है। हवा में सिंदूर उड़ रहा है। कहीं
‘अर्थात्’ के सत्रों को चलते हुए लगभग एक साल होने को आया है। नए वक्ताओं, नए विषयों और कुछ नए तो कुछ पुराने जिज्ञासु विद्यार्थियों के बीच ‘अर्थात्’ की ऊर्जा कभी कम नहीं हुई। इस ऊर्जा के केंद्र में रहे