साहित्य और संस्कृति की घड़ी
अगर कोई किसान अपना खेत ज़्यादा दिनों तक परती छोड़ दे, तो काफ़ी हद तक संभावना है कि कोई दबंग-दंगाई क़िस्म का व्यक्ति उस ज़मीन पर अपना धावा बोल दे। हो सकता है कि सिर्फ़ एक व्यक्ति का ही धावा न हो, यह ज़मी
21 अक्तूबर 2026
यात्राओं के दौरान किसी स्थान-विशेष तक पहुँचने के लिए लैंडमार्क काफ़ी काम आते हैं। अपने पते पर पहुँचने से पहले आप उसके लैंडमार्क तक पहुँचते हैं। शहरों और बस्तियों में यह कोई पीढ़ियों पुराना पीपल, पाकड
जब भी हम किसी नए शहर में क़दम रखते हैं, तो सबसे पहले उसे बाँहों में भरने की कोशिश करते हैं। फिर हथेलियों में समेटने का प्रयास करते हैं और आख़िर में अपने स्वादानुसार उस पूरे शहर को उँगलियों से छूकर लौट
कुछ ही देर में नीलकंठ पक्षी नीले पंख फैलाकर उड़ जाएगा। वह कैलाश में महादेव के पास जाएगा और संदेश पहुँचा देगा, “देवी दुर्गा लौट रही हैं।” ढाक की थाप तीव्र हो उठी है। हवा में सिंदूर उड़ रहा है। कहीं
‘अर्थात्’ के सत्रों को चलते हुए लगभग एक साल होने को आया है। नए वक्ताओं, नए विषयों और कुछ नए तो कुछ पुराने जिज्ञासु विद्यार्थियों के बीच ‘अर्थात्’ की ऊर्जा कभी कम नहीं हुई। इस ऊर्जा के केंद्र में रहे
जब किसी भाषा का गीत अपनी भौगोलिक सीमा पार करके किसी दीगर सांस्कृतिक धुन, वाद्य, नृत्य और संवेदना से जुड़ता है, तो वह केवल संगीत का इस्तेमाल नहीं रह जाता। वह इतिहास, स्मृति और मनुष्यों की अंतर-माध्यमि
18 अक्तूबर 2026
किसी यूनिवर्सिटी या कॉलेज में प्रवेश के लिए एंट्रेंस एग्ज़ाम पास करने के बाद दाख़िला लेने में उतनी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता, जितनी हॉस्टल न मिलने पर किराए का कमरा खोजने में करना पड़ता है। अस
18 अक्तूबर 2026
यह देश एक महामेला है। वैसे तो पूरी दुनिया ही मेलों से बनी-बढ़ी है। यह मेले और बाज़ार ही थे जिन्होंने इस उपमहाद्वीप को हमेशा के लिए बदल दिया। पुर्तगाली, यूनानी, डच, फ़्रांसीसी, अँग्रेज़ यह सब यहाँ की
उन दिनों की बात है, जब गाँव में थोड़ी अनबन चल रही थी। उन्हीं दिनों एक आदमी अफ़ीम बेचता था और पैसे कमाता था, लेकिन उन पैसों के बारे में किसी को पता नहीं चलने देता था। बहुत कम लोगों को पता था कि वह अफ़
हर गोल पूरी तरह गोल नहीं है। जैसे अपनी पृथ्वी जिसे हम गोल कहते हैं, लेकिन वह कहीं-कहीं उभरी हुई है और कहीं गहरी धँसी हुई। सूरज के चारों ओर घूमने वाली पृथ्वी की कक्षा भी तो पूरी तरह गोल नहीं, बल्कि अं