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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

26 जुलाई 2026

‘बिंदुघाटी 2.0 : शिक्षा मंत्री चला जाएगा, शिक्षा रह जाएगी’

‘बिंदुघाटी 2.0 : शिक्षा मंत्री चला जाएगा, शिक्षा रह जाएगी’

• धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफ़ा लिखने में काफ़ी समय लगाया। हालाँकि इस बीच जिस रचनात्मकता की सृष्टि हुई, उसे देखते हुए उनका इतना वक़्त लेना कम अखर रहा है। उनका दो पन्नों का इस्तीफ़ा क्या कॉकरोचों की सा

25 जुलाई 2026

शनिवारेर चिट्ठी : मुझे मुआफ़ करना प्रिय!

शनिवारेर चिट्ठी : मुझे मुआफ़ करना प्रिय!

मुझे मुआफ़ करना प्रिय! इतना भर कह देने से क्या होता है कि मन इस पूरे हफ़्ते खिन्न रहा। यह कहने से कि चीज़ें देखता-सुनता रहा और आँखें भीगती रहीं। कभी निराशा से तो कभी बिजली की तरह कौंध आती आशा से। यह

19 जुलाई 2026

बिंदुघाटी 2.0 : बहुत फूँक-फूँककर सिर्फ़ साँप चलते हैं

बिंदुघाटी 2.0 : बहुत फूँक-फूँककर सिर्फ़ साँप चलते हैं

• इन दिनों पॉपुलर स्पेस में कहीं-कहीं और बहुत सारी बातों के साथ-साथ लोग यह भी कह रहे हैं कि भूख-हड़ताल भारतीय संस्कृति नहीं है। ये कमाल के लोग हैं और कमाल की ही हैं इनकी सांस्कृतिक व्याख्याएँ! इनके इस

18 जुलाई 2026

शनिवारेर चिट्ठी : झरना बड़ी हँसमुख लड़की है...

शनिवारेर चिट्ठी : झरना बड़ी हँसमुख लड़की है...

दीपालिका क्या कहोगी जो कहूँ कि मुझे असुंदरता कुछ असहज करती है। यह राय मैंने किसी एक अनुभव के बिना पर तय की। मैंने उन्हें सुंदर स्त्रियाँ और कुछ कम सुंदर स्त्रियाँ कह साहचर्य निभाया। वह एक भली स्त्

12 जुलाई 2026

बिंदुघाटी 2.0 : मुझे पता है कि इस पोस्ट में आपकी दिलचस्पी है

बिंदुघाटी 2.0 : मुझे पता है कि इस पोस्ट में आपकी दिलचस्पी है

• कोई भी आंदोलन हर क़ीमत पर एक सामजिक-सांस्कृतिक अभिव्यक्ति भी है। इसमें बहुत से प्रशिक्षित या अनुभवी जन भी होते हैं और बहुत से नए-नए उत्साही जन भी। आंदोलन ब्रिटिश राज़ की ग़ुलामी से निकले एक देश के लिए

11 जुलाई 2026

शनिवारेर चिट्ठी  : एक दुनिया, दूसरी दुनिया

शनिवारेर चिट्ठी : एक दुनिया, दूसरी दुनिया

हेडर इतिहास यह आदत रखता है कि वह अपने आरंभों को पीछे मुड़कर पहचानता है। जब कोई युग वास्तव में जन्म ले रहा होता है, तब वह किसी उद्घोषणा के साथ नहीं आता। वह एक साधारण दिन की तरह आता है, इतना साधारण

10 जुलाई 2026

जगह-जगह 2.0 : कूड़े के पहाड़, ट्रैफ़िक जाम, मेट्रो से आगे की देल्ही

जगह-जगह 2.0 : कूड़े के पहाड़, ट्रैफ़िक जाम, मेट्रो से आगे की देल्ही

दिल्ली की तारीफ़, पिछली तारीफ़ों की याद है। इसका रोमांस, रोमांस का दोहराव है। आगे चलो तो पीछे पहुँचते हो, पीछे चलो तो कहीं नहीं। दिल्ली को बहुतों ने याद किया है, जो यहाँ रहते हैं वे भी इसे याद करते ह

07 जुलाई 2026

तीजनबाई और पंडवानी

तीजनबाई और पंडवानी

आज से बहुत साल पहले की बात है। एक छोटी-सी लड़की थी, सात-आठ बरस की। बारिश का मौसम उसको पसंद नहीं था, इसलिए बारिश के दिनों में वह पाठशाला नहीं जाने के लिए रोती थी। बारिश वाली सुबहों में वह नींद खुल जान

06 जुलाई 2026

तीजनबाई : इकतारे पर महाभारत

तीजनबाई : इकतारे पर महाभारत

अवसर था दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कालेज के वार्षिकोत्सव पल्लव की सांस्कृतिक संध्या का। वहाँ उपस्थित थीं कलाकार पद्मभूषण—तीजनबाई। दर्शकों की संख्या लगभग इतनी ही थी कि उँगली पर गिनी जा सके। मंच

05 जुलाई 2026

बिंदुघाटी 2.0 : लौट आया हूँ, कोई कुछ भी कह सकता है

बिंदुघाटी 2.0 : लौट आया हूँ, कोई कुछ भी कह सकता है

• व्लादिमीर : शुरुआत  मुश्किल शय है।  एस्त्रागान : तुम किसी भी चीज़ से शुरू कर सकते हो। व्लादिमीर : हाँ, लेकिन इसका निर्णय लेना होता है। एस्त्रागान : सही बात। — सैमुअल बेकेट | वेटिंग फ़ॉर गोदो