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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

13 अक्तूबर 2026

‘C/O बंगाल : देवी से बेटी तक : आगमनी-विजया गीतों में मानवीय दुर्गा का जन्म’

‘C/O बंगाल : देवी से बेटी तक : आगमनी-विजया गीतों में मानवीय दुर्गा का जन्म’

गिरि, इस बार मेरी उमा आए तो अब उमा को नहीं भेजूँगी, मुझे कहकर लोग चाहे बुरा कहें, किसी की बात नहीं सुनूँगी। यदि आकर भोला [शिव] उमा को ले जाने की बात कहे, इस बार माँ-बेटी मिलकर करूँगी झगड़ा, द

13 अक्तूबर 2026

शंखनाद : शेरू : हमारा पहला एंटी-हीरो

शंखनाद : शेरू : हमारा पहला एंटी-हीरो

शेरू हमारे परिवार का, मेरे जानने में, पहला और आख़िरी पालतू कुत्ता था। बड़े भाई साहब उस समय 14-15 साल के रहे होंगे, जब वह उसके दूध-से सफ़ेद रंग और नई दुल्हन-सी अधखुली आँखों की मासूमियत पर फ़िदा हो गए।

11 अक्तूबर 2026

रील रसाचार्य : रील बीच नाना

रील रसाचार्य : रील बीच नाना

मैं संभवत: तीसरी या चौथी कक्षा में था जब छोटे भाई ने कहा सिर के पीछे नहीं मारना चाहिए यहाँ पे छोटा दिमाग़ होता है। यह बात उसने एक फ़िल्म से सीखी थी जिसमें कोई अजीब-सा हीरो था जो हीरो कम ग़द्दार (विलेन

09 अक्तूबर 2026

जगह-जगह 2.0 : दोस्तोयेवस्की को बख़्श दीजिए

जगह-जगह 2.0 : दोस्तोयेवस्की को बख़्श दीजिए

“Isn’t it maddening? Just when you begin to recognize a man called Alexandre, he is called Sacha, and then Satchka, and later Sachenka, and suddenly something pretentious like Alexandre Alexandrovitc

08 अक्तूबर 2026

अनफ़्रेम्ड : नाना पाटेकर : आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने!

अनफ़्रेम्ड : नाना पाटेकर : आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने!

नाना पाटेकर (1 जनवरी 1951–8 अक्टूबर 2026) हिंदी पॉपुलर सिनेमा के पहले और शायद आख़िरी एब्सर्ड किरदार थे। हमने दुःख और त्रासदी में डूबे दिलीप कुमार के समानांतर राज कपूर को देखा—भोला और ग़रीब, लेकिन नैतिक

07 अक्तूबर 2026

घाम-पानी : घोस्ट ऑफ़ एवरेस्ट : मैलोरी और इरविन की अधूरी यात्रा!

घाम-पानी : घोस्ट ऑफ़ एवरेस्ट : मैलोरी और इरविन की अधूरी यात्रा!

सबसे पहला सवाल जो आप मुझसे पूछेंगे और जिसका जवाब देने की मैं कोशिश भी करूँगा, वह है—“आख़िर एवरेस्ट पर चढ़ने का फ़ायदा क्या है?” और मेरा जवाब होगा—“कोई फ़ायदा नहीं।” मुझे इससे किसी भी तरह के लाभ की

06 अक्तूबर 2026

C/O बंगाल : गुरुदेव और महात्मा

C/O बंगाल : गुरुदेव और महात्मा

“लोग तुमसे तरह-तरह के अजीब सवाल करते हैं। कोई तुम्हें चिढ़ाता भी है। तुम भी उन सबके जवाब देते हो। संन्यासी की तरह रहते हो तुम। आख़िर इन सबको कैसे सँभाल लेते हो? ये सब अँग्रेज़ी शिक्षा का परिणाम है। तु

04 अक्तूबर 2026

रील रसाचार्य : रील काटने और कटवाने वाले

रील रसाचार्य : रील काटने और कटवाने वाले

जब कोई वक्ता किसी सार्वजनिक मंच पर बोलता है और जानता है कि कैमरे लगातार उसे रिकॉर्ड कर रहे हैं, तो वह कुछ अतिरिक्त सतर्क हो जाता है। उसे डर रहता है कि उसकी बात मीम या रील में बदल जाएगी, संदर्भ से काट

02 अक्तूबर 2026

स्कूली निबंधों में महात्मा गांधी

स्कूली निबंधों में महात्मा गांधी

गांधी-जयंती आ रही है। बचपन में हमारे पाठ्यक्रम का बड़ा अहम हिस्सा रहे हैं बापू। स्कूल में गाय-भैंस, सहेला-सहेली, माता-पिता, नानी-दादी के घर पर बिताई छुट्टियाँ, रेलगाड़ी का सफ़र, बसंत-बरसात आदि की तरह

01 अक्तूबर 2026

अनफ़्रेम्ड : लाइफ़ में जब ‘स्किप इंट्रो’ नहीं था

अनफ़्रेम्ड : लाइफ़ में जब ‘स्किप इंट्रो’ नहीं था

मुझे प्रतीक्षा की सबसे सुंदर अभिव्यक्ति ‘रजनीगंधा’ फ़िल्म में दिखती है, बासु चटर्जी इंतज़ार और दूरियों के बीच सिमटे छोटे-छोटे पलों को सहेजते चलते हैं। “रजनीगंधा फूल तुम्हारे...” गीत देखते हुए स्क्रीन