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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

06 सितम्बर 2026

‘बिंदुघाटी 2.0 : मेहनत बहुत करनी है’

‘बिंदुघाटी 2.0 : मेहनत बहुत करनी है’

• भादों-विहार  भादों दूभर महीना माना गया है। सावन की झँकोर जवानी उसमें नहीं होती। भादों की बरखा से धरती के कोश भर जाते हैं।  सावन में धरती गल जाती है; ताल भरने लगते हैं, धान जड़ पकड़ लेते हैं, उनम

05 सितम्बर 2026

शनिवारेर चिट्ठी : सिनेमा पर कैसे न लिखें

शनिवारेर चिट्ठी : सिनेमा पर कैसे न लिखें

देखना यह बड़ी फ़िल्म है। यह मेरा विचार नहीं; वह अवगतता है, जिसके साथ मैं इसे देखने बैठा हूँ। यहीं से देखने की एक बाधा शुरू हो गई है। अभी कुछ घटा भी नहीं कि उसके चारों ओर अर्थ जमा हो चुके हैं—आग्र

04 सितम्बर 2026

‘कनुप्रिया’ की भूमिका

‘कनुप्रिया’ की भूमिका

धर्मवीर भारती रचित ‘कनुप्रिया’ नई कविता की विशिष्ट रचना है। इस रचना में ‘राधा’ की वेदना को नए रूप में प्रस्तुत किया गया है। ‘कनुप्रिया’ दो शब्दों—‘कनु’ और ‘प्रिया’ से मिलकर बना है। धर्मवीर भारती ने इ

30 अगस्त 2026

बिंदुघाटी 2.0 : टेक्स्ट-विरोधियों से बना टेक्स्ट-टाइम

बिंदुघाटी 2.0 : टेक्स्ट-विरोधियों से बना टेक्स्ट-टाइम

• यह सारा ख़राब दौर एक अच्छे टेक्स्ट में बदलता जा रहा है। एक ऐसा अच्छा टेक्स्ट जिसके सारे पात्र साहित्यिक टेक्स्ट से मुँहफ़ेर कर चल रहे हैं। पूरा का पूरा टेक्स्ट उदास पड़ा होता है कि कोई पात्र तो उसको स

29 अगस्त 2026

शनिवारेर चिट्ठी : हिन्दवी उत्सव : मेरी दुनिया कविता की दुनिया है

शनिवारेर चिट्ठी : हिन्दवी उत्सव : मेरी दुनिया कविता की दुनिया है

आगमन 15:17 : तुम सरस जानती हो, मुझे ख़ास संधी पर नए कपड़े पहनना अच्छा लगता है। कारणमूल यही कि मॉल जा पहुँचा। नज़रें उड़ाने भर से ही उभर कर आया दरिद्राभास… सोचने लग पड़ा कि भारतीय मिडिल क्लास में दर्ज

23 अगस्त 2026

बिंदुघाटी 2.0 : ‘हिन्दवी’ अपना उत्सव लेकर इलाहाबाद आ तो गया, लेकिन यहाँ से जा नहीं पाएगा

बिंदुघाटी 2.0 : ‘हिन्दवी’ अपना उत्सव लेकर इलाहाबाद आ तो गया, लेकिन यहाँ से जा नहीं पाएगा

• ‘हिन्दवी’ अपना उत्सव लेकर इलाहाबाद आ तो गया, लेकिन यहाँ से पूरी तरह जा नहीं पाएगा। यह मज़ाक नहीं है, इसके मा’नी तक पहुँचने के लिए इससे गुज़रिए :  दरअस्ल, इलाहाबाद की हवा ही नॉस्टैल्जिक है। यहाँ रह

22 अगस्त 2026

शनिवारेर चिट्ठी : इलाहाबाद मेरा दिल तोड़ देगा

शनिवारेर चिट्ठी : इलाहाबाद मेरा दिल तोड़ देगा

दर्शन क्या हम किसी ऐसे शहर के प्रेम में हो सकते हैं जहाँ कभी गए नहीं?  शहर—जिसे देखा नहीं। जिसकी गलियों को तैरकर पार न हुए। धूल जूतों पर चढ़ी नहीं। जिसकी किसी दीवार से पीठ टिकाकर चुप बैठे नहीं य

19 अगस्त 2026

‘बेला’ की 1000वीं पोस्ट : कुछ बात, कुछ बकवास

‘बेला’ की 1000वीं पोस्ट : कुछ बात, कुछ बकवास

यह ‘बेला’ की 1000वीं पोस्ट है। हमने गत वर्ष ‘हिन्दवी उत्सव’ से पूर्व संगत-शतक पूर्ण किया था। इस वर्ष ‘हिन्दवी उत्सव’ से पूर्व हमने बेला-सहस्र पूर्ण किया है। यह संख्या हमारे लिए केवल एक आँकड़ा न

16 अगस्त 2026

बिंदुघाटी 2.0 : वोटिंग, विवेकाधिकार और आज़ादी का विचार

बिंदुघाटी 2.0 : वोटिंग, विवेकाधिकार और आज़ादी का विचार

• अधिक बूढ़े लोग कहते हैं कि अँग्रेज़ ही अच्छे थे। यह बात वे देश-विरोध के चलते नहीं कहते। वे शासन-प्रशासन में बाबुओं से लेकर उच्चपदस्थों को देखकर ऐसा कहते हैं। दोग़लेपन में लिभड़ा हुआ वर्तमान अतीतप्रेम क

15 अगस्त 2026

शनिवारेर चिट्ठी : ये जो देस है तेरा

शनिवारेर चिट्ठी : ये जो देस है तेरा

जन  क्या तुम विस्मय करोगी अगर कहूँ कि 15 अगस्त के दिन-विशेष के बारे में सोचूँ तो उल्लास से मेरे लौटने की अकेली मुकम्मल जगह मेरे बचपन में मिलती है! माँ सामने आती हैं। उन्होंने सुफ़ेद-सी सूती साड़ी पह