Font by Mehr Nastaliq Web

बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

07 अक्तूबर 2026

‘अपना नोबेल चाँद से भी दूर क्यों लगता है?’

‘अपना नोबेल चाँद से भी दूर क्यों लगता है?’

हर साल अक्टूबर आते ही एक अलग बयार चलने लगती है। शिउली के फूल खिलते हैं। रावण जलते हैं। नोबेल मिलते हैं। नवंबर में दिसंबर आने की भड़भड़ भरी रहती है। अक्टूबर चौदहवीं का चाँद है। यानी तनिक गुंजाइश है—गति

06 अक्तूबर 2026

रामलीला : जब देवराज ने रोका लंकाधिपति का रास्ता

रामलीला : जब देवराज ने रोका लंकाधिपति का रास्ता

लॉकडाउन के बाद पूरे देश ने कोरोना वायरस की क़ैद से निकलकर खुली हवा में साँस लेना शुरू ही किया था। सड़कों पर फिर से गाड़ियाँ दौड़ने लगी थीं, लोगों में बिना डर और हिचक के एक-दूसरे से one-arm distance क

03 अक्तूबर 2026

प्रस्तुत नहीं : अकेलापन कोई चुनता नहीं, वह दे दिया जाता है

03 अक्तूबर 2026

प्रस्तुत नहीं : अकेलापन कोई चुनता नहीं, वह दे दिया जाता है

कितना कुछ घट रहा है। दुनिया में, देश में, मुझ में। बहुत उलझन में हूँ। बहुत सारी बातें एक साथ सोच रहा हूँ। अपने मस्तिष्क में हर चीज़ का, हर स्थिति का हिसाब लगाने की कोशिश करता हुआ—घर के एक कोने से दूस

02 अक्तूबर 2026

बल के बारे में

बल के बारे में

श्रम काग़ज़ है। कर्म हस्ताक्षर। व्यक्ति को अपना काम करना चाहिए। मेहनत से। ईमानदारी से। समर्पण से। सजगता के साथ और अद्यतन कर्मठता से। लेकिन कर्म करने से पहले चुनाव करना ही चाहिए कि कौन-सा काम करने योग्य

01 अक्तूबर 2026

चाँद : मनुष्य की स्मृतियों का सबसे पुराना साथी

चाँद : मनुष्य की स्मृतियों का सबसे पुराना साथी

बचपन का चाँद, स्मृतियों का चाँद और मनुष्य का पहला आकाश  आज चाँद कुछ अधिक सुंदर लग रहा है। मैं बहुत देर से उसे निहार रही हूँ। ऐसा नहीं कि आज पहली बार उसे देखा हो। बचपन से लेकर आज तक न जाने कितनी बा

01 अक्तूबर 2026

हड़ताल, सड़क और साझा पीड़ा के दृश्य

हड़ताल, सड़क और साझा पीड़ा के दृश्य

धूप, हवा, पानी, ज़िंदगी इत्यादि—यह सब कुछ है तो है, इनकी एहमियत क्या है, इसका एहसास किसे है? हाँ, ये अपनी क़ीमत तब मालूम होने देंगी, जब ये नहीं होंगी। यह प्रकृति है। प्रकृति के नियम-क़ानून को इंसान स

30 सितम्बर 2026

अनुवाद कर्म से जुड़ी जटिलताएँ

अनुवाद कर्म से जुड़ी जटिलताएँ

शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी (30 सितंबर 1935–25 दिसंबर 2020) आधुनिक उर्दू साहित्य के उन समादृत रचनाकारों में हैं जिन्होंने एक साथ आलोचक, इतिहासकार, कवि, कथाकार, उपन्यासकार, संपादक, अनुवादक और दास्तान के मर्

29 सितम्बर 2026

दास्तानगोई : बिखरे फूलों का मज़मूँ

दास्तानगोई : बिखरे फूलों का मज़मूँ

आज से क़रीब-क़रीब आठ बरस पहले जब साहित्य और अन्य किसी कला से मेरा शायद ही कोई नाता रहा हो, तो ऐसे में आजकल से ही किसी आम से दिन में मेरे मामा ने यूट्‌यूब पर एक वीडियो लगाया और कहा इसे देखो। वह वीडियो

28 सितम्बर 2026

कला हमें मृत्यु के क़रीब ले जाती है!

कला हमें मृत्यु के क़रीब ले जाती है!

मैं लाइब्रेरी में बैठी सामने लगे नोटिस बोर्ड को देख रही हूँ। बोर्ड के किनारे नारंगी रंग में रँगे चिनार के पत्तों से सजे हुए हैं। बाईं तरफ़ से एक डाल निकल रही है, जिसने बोर्ड को ऊपर की ओर से ढक रखा है

21 सितम्बर 2026

आख़िरी सवाल : ब्रह्मांड का अंतिम अंत

आख़िरी सवाल : ब्रह्मांड का अंतिम अंत

ज़रा सोचिए, एक ऐसी मशीन हो जो आपकी लगभग हर समस्या सुलझा सके। वह ऊर्जा के नए स्रोत खोज ले, इंसानों को लंबी उम्र जीने सकने में मदद करे और हमें दूसरे तारों तक पहुँचा दे। लेकिन इतनी तरक़्क़ी के बाद भी एक