साहित्य और संस्कृति की घड़ी
मैंने भी अंतत ‘Dhurandhar The Revenge’ देख ली। वैसे आजकल के ‘मल्टीप्लेक्स कल्चर’ वाले दौर में पीवीआर [PVR] जैसे सिनेमाई मंदिरों में माथा टेकना सीधे अपनी जेब पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करने जैसा है, जहाँ एक
नई दिल्ली में रंगमंच प्रेमियों के लिए यह सप्ताह ख़ास होने जा रहा है। महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवॉर्ड्स [META] 2026 का 21वाँ संस्करण आज, 19 मार्च से दिल्ली में शुरू हो रहा है। कमानी ऑडिटोरियम में इ
मैंने हाल में ‘पथेर पांचाली’ उपन्यास पढ़ा। यह मेरा क़ुबूलनामा है कि इससे पहले बंगाली साहित्य के नाम पर मैंने केवल रवींद्रनाथ ठाकुर की ‘गीतांजलि’ का हिंदी अनुवाद पढ़ा था। यहाँ आपका अंदाज़ा सही है कि बं
आजकल मैं ड्राइविंग सीख रहा हूँ। मेरे घरवाले बड़े समय से मुझसे कहते घूम रहे थे कि उन्हें घर में एक ड्राइवर की कमी खलती है। “पैसा देकर ड्राइवर रखना हम अफ़्फोर्ड नहीं कर सकते। फिर ये स्साले ड्राइवर च
18 मार्च 2026
दो औंस लंदन ड्राई जिन, एक औंस फ़्रेंच वर्माउथ, आधा चम्मच बेनेडिक्टिन, दो डैश ऑरेंज बिटर्स और एक सुंदर गिलास हो। इस गिलास को पहले से बहुत ठंडा कर लिया जाए और सब सामग्रियों को डालते ही तुरंत इसमें बर्फ़
“अब भी क्या गले न मिलोगी? अभी तक वही हिचक... मिल लो यार, क्या पता अगली मुलाक़ात हो न हो।” उसकी पसीजी हुई हथेलियाँ छूट रही थीं मुझसे। वो गले लगने या लगाने को बेताब था। विदा की बेला में ये बातें मेर
वेब सीरीज़ ‘म्यूज़ियम ऑफ़ इनोसेंस’ [Museum of Innocence] ओरहान पामुक के इसी नाम से प्रकाशित नॉवेल पर आधारित है। इस सीरीज़ के नौ एपिसोड हैं। ज़ेयनेप गुनाई [Zeynep Günay Tan] इसकी निर्देशक हैं और उन्होंने ओ
15 मार्च 2026
• एक ख़ाकसार मनुष्य के एक ख़ाकसार पुल पर एक ख़ाकसार उपन्यासकार से गए सोमवार टकराना हुआ। ख़ाकसार उपन्यासकार काफ़ी लोकप्रिय पुकारे जाते हैं। वह इतने ज़्यादा ख़ाकसार और लोकप्रिय हैं कि चेतन भगत और अमीश त्
साल 2023 में आई हुई एक दक्षिण कोरियाई फ़िल्म है—पास्ट लाइव्स। कोरियाई मूल की कनाडाई निर्देशक सेलीन सॉंग की इस फ़िल्म का बहुत नाम सुना। अनगिनत सिने-फ़ाइल्स यूट्यूब चैनलों, इंस्टाग्राम और फ़ेसबुक अकाउंटो
‘अस्सी’ आपको झकझोरती है, असहज करती है। वह ऐसे प्रश्न सामने रखती है, जिन्हें हम वर्षों से टालते आए हैं। वह हमें हमारे ही समय के कठोर सच से रूबरू कराती है। क्यों आज भी इस देश में प्रतिदिन लगभग अस्सी बल