साहित्य और संस्कृति की घड़ी
जब किसी भाषा का गीत अपनी भौगोलिक सीमा पार करके किसी दीगर सांस्कृतिक धुन, वाद्य, नृत्य और संवेदना से जुड़ता है, तो वह केवल संगीत का इस्तेमाल नहीं रह जाता। वह इतिहास, स्मृति और मनुष्यों की अंतर-माध्यमिक
‘अर्थात्’ के सत्रों को चलते हुए लगभग एक साल होने को आया है। नए वक्ताओं, नए विषयों और कुछ नए तो कुछ पुराने जिज्ञासु विद्यार्थियों के बीच ‘अर्थात्’ की ऊर्जा कभी कम नहीं हुई। इस ऊर्जा के केंद्र में रहे
18 अक्तूबर 2026
यह देश एक महामेला है। वैसे तो पूरी दुनिया ही मेलों से बनी-बढ़ी है और मेले और बाज़ार ही थे जिन्होंने इस उपमहाद्वीप को हमेशा के लिए बदल दिया। पुर्तगाली, यूनानी, डच, फ़्रांसीसी, अँग्रेज़ यह सब यहाँ की ह
18 अक्तूबर 2026
किसी यूनिवर्सिटी या कॉलेज में प्रवेश के लिए एंट्रेंस एग्ज़ाम पास करने के बाद दाख़िला लेने में उतनी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता, जितनी हॉस्टल न मिलने पर किराए का कमरा खोजने में करना पड़ता है। अस
उन दिनों की बात है, जब गाँव में थोड़ी अनबन चल रही थी। उन्हीं दिनों एक आदमी अफ़ीम बेचता था और पैसे कमाता था, लेकिन उन पैसों के बारे में किसी को पता नहीं चलने देता था। बहुत कम लोगों को पता था कि वह अफ़
हर गोल पूरी तरह गोल नहीं है। जैसे अपनी पृथ्वी जिसे हम गोल कहते हैं, लेकिन वह कहीं-कहीं उभरी हुई है और कहीं गहरी धँसी हुई। सूरज के चारों ओर घूमने वाली पृथ्वी की कक्षा भी तो पूरी तरह गोल नहीं, बल्कि अं
चंडीगढ़ आने के कुछ साल बाद मेरी माँ की क़रीबी दोस्त वहाँ अपने ननिहाल आईं तो मुझे भी अपनी मौसी के घर ले गईं। बुज़ुर्ग मौसी ने बड़े स्टाइल से दोपहर का भोजन कराया। कई स्वादिष्ट सब्ज़ियाँ और अचार थे। नौक
16 अक्तूबर 2026
तुर्की उपन्यासों का नमक सभ्यताओं के बीच संवाद और उनका अंतर्विरोध है। 20वीं सदी के बड़े तुर्की उपन्यासकार गाहे-बगाहे अपनी सही जगह तलाशते रहे हैं। उनके यहाँ आधुनिकता और इस्लाम के बीच फाँक है, यूरोपीय औ
15 अक्तूबर 2026
क़रीब सात साल पहले इन्हीं दिनों क्वेंटिन टैरेंटीनो की फ़िल्म ‘वन्स अपॉन अ टाइम इन हॉलीवुड’ देखी थी। अक्सर बदलता मौसम आपको पुरानी पढ़ी किताबों, देखी गई फ़िल्मों और ज़माने पहले सुने गए संगीत की याद दिला
जीवन को अपनी इच्छा से जीने का रोमांच कितना सुंदर होता है! जीवन के रोमानी बोध मात्र से हृदय खिल उठता है, आस-पास के वातावरण में स्निग्धता घुल जाती है। अनचाहे दृश्य और अनचाहे शोर भी सुंदर लगने लगते हैं।