साहित्य और संस्कृति की घड़ी
मनुष्य होने के नाते हमारी स्मृतियाँ ही हमारी सबसे बड़ी पूँजी हैं। इन्हीं स्मृतियों के सहारे हम अपने अतीत को अर्थ देते हैं, वर्तमान को समझते हैं और भविष्य की दिशा तय करते हैं। यदि कोई व्यक्ति इस विश्वा
• दिल्ली के विषय में सोचकर ही वह काफ़ी उत्तेजित हो जाया करता था। दिल्ली उसका स्खलन थी। इसलिए जब रज़ा फ़ाउंडेशन की श्रोता-बँधुओं को आमंत्रित करती विज्ञप्ति नज़र आई, तब वह स्वयं को नियंत्रित न कर सका और तत
07 मार्च 2026
वर्ष 2021 में हमने हिन्दवी पर नई सृष्टि नई स्त्री के अंतर्गत ऐसी 21 नई स्त्री-कवियों की कविताएँ प्रस्तुत कीं, जिन्होंने अपनी काव्यात्मक आभा से इस सदी की हिंदी-कविता-सृष्टि को एक नई चमक दी। यह सिलसिला
06 मार्च 2026
एक …अगर वह फ़िलॉसॅफ़िकल है तो एक ऐसे अर्थ में जिसके लिए अक्सर हम ‘फ़िलॉसॅफ़ी’ जैसे शब्द का इस्तेमाल नहीं करते, पर जो अपनी अंत:प्रक्रिया में ही एक तरह का सोच, एक तरह का निश्चय, एक तरह की रिफ़्लेक्टिवने
03 मार्च 2026
धार्मिक-ग्रंथों और पुराणों के अनुसार काशी जिसे स्वयं शिव के त्रिशूल पर टिकी नगरी माना जाता है, संसार के उन विरल स्थानों में से एक है जहाँ मृत्यु को शोक नहीं, बल्कि मोक्ष का द्वार माना जाता है। शास्त्
03 मार्च 2026
आगामी 21 मार्च को विश्व कविता दिवस के उपलक्ष्य में ‘दैनिक भास्कर’ एक विशेष पहल के रूप में ‘कविता उत्सव’ का आयोजन कर रहा है। यह काव्य-प्रतियोगिता देश भर के रचनात्मक मनों को एक मंच प्रदान करने का प्रया
बसंत को लेकर अब तक इतना गाया-बजाया गया, इतना लिखा-पढ़ा गया, इतना ढोल-नगाड़ा-झाँझ पीटा गया, इतनी धुन-रागिनियाँ बनीं—फिर भी आज तक न तो कोई इससे ऊबा और न उकताया। ऐसा क्या है कि पपीहे और कोयल की एक ही रट भ
• रविवासरीय की तीसरी ऋतु की समाप्ति [27 अप्रैल 2025] और चौथी ऋतु की शुरुआत [1 मार्च 2026] के बीच की सारी सूचियाँ आ चुकी हैं। सारे मेले निपट चुके हैं। मेले की सारी किताबें आ चुकी हैं। नामचीन-प्राचीन-प
भाया कावळियाँ लाय दो जी, कावळियाँ पेरीनऽ मी तो भोंगर्यों देखूँगा। यह एक निमाड़ी गीत है। मध्य प्रदेश के निमाड़ और मालवा अंचल में यह गीत काफ़ी लोकप्रिय है। इस गीत के माध्यम से बहन अपने भाई से मनुहा
27 फरवरी 2026
वर्ष 2021 में देश के सबसे अमीर लोगों में से एक के घर के सामने एक गाड़ी पाई गई थी, जिसमें विस्फोटक सामग्री पाए जाने की ख़बर थी। उस घटना के बाद संबंधित राज्य के सत्ता समीकरणों में बहुतेरे बदलाव देखे गए