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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

27 मार्च 2026

‘विलेम डैफ़ो का वक्तव्य : ‘जीतने के लिए आपका उपस्थित होना ज़रूरी है’’

‘विलेम डैफ़ो का वक्तव्य : ‘जीतने के लिए आपका उपस्थित होना ज़रूरी है’’

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) के अंतर्गत संचालित इंटरनेशनल थिएटर इंस्टीट्यूट (International Theatre Institute – ITI), पेरिस की कार्यकारी परिषद् प्रत्येक वर्ष किसी व

26 मार्च 2026

साइबर कथाएँ : डिजिटल दुनिया की छाया में छिपे साइबर ठगों की पड़ताल

साइबर कथाएँ : डिजिटल दुनिया की छाया में छिपे साइबर ठगों की पड़ताल

आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस ने साइबर अपराधों के लिए कई नए रास्ते खोल दिए हैं। ज़रा कल्पना कीजिए कि किसी पिता से उसकी बेटी की आवाज़ में कोई व्यक्ति पैसे माँगने लगे। आज की तकनीक की मदद से यह संभव हो गया है

25 मार्च 2026

तू साडे नाऴ वरत के देख

तू साडे नाऴ वरत के देख

मेरे बारे में मेरे साथियों की राय बहुत हास्यास्पद है। यात्राओं की योजना पर तो और भी ज़्यादा। मैं जब भी आगे बढ़कर योजना बनाता हूँ तो वे इसे गंभीरता से नहीं लेते, इसके बावजूद मैंने पंजाब यात्रा की योजन

24 मार्च 2026

विचारों का युग, सिनेमा, बौद्धिक संपदा और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस

विचारों का युग, सिनेमा, बौद्धिक संपदा और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस

गूगल के आने से दुनिया आसान हुई और तथ्यों की एक्सेसिबिलिटी बढ़ी। इस दौर में विजुअल नैरेटिव और पैडागॉजिकल टूल्स बहुत तेज़ी से बदल रहे हैं। दुनिया भर में कई सारी लाइब्रेरी और कॉलेजेस डिस्फ़ंक्शनल हो रहे

23 मार्च 2026

धुरंधर : दुख और जिन्न

धुरंधर : दुख और जिन्न

दुख आदमी के जिस्म में दाख़िल होता है और फिर कभी नहीं निकलता। कोई मौलवी बताए, कोई हकीम समझाए, कोई फ़लसफ़ेबाज़ अपनी मोटी किताब खोलकर साबित करे—मगर दुख जाता नहीं। वो बदलता है। रीढ़ की हड्डी के इर्द-गिर्

23 मार्च 2026

शंखनाद : ...और कोई विवाद न हुआ

शंखनाद : ...और कोई विवाद न हुआ

वह वरिष्ठ कवि हैं। कवि होने के बाद, वरिष्ठ होने के लिए कुछ ख़ास नहीं करना पड़ता। सिर्फ़ जीते रहना ही काफ़ी होता है। वैसे भी राजनीति की तरह ही साहित्य का उम्र बोध अलग है, जैसे साहित्य का सच अलग होता है

22 मार्च 2026

रविवासरीय 4.0 : साहित्य अकादेमी एक ऐसा पुरस्कार है

रविवासरीय 4.0 : साहित्य अकादेमी एक ऐसा पुरस्कार है

• “बताइए न बाबा कि साहित्य अकादेमी कैसा पुरस्कार है?” बाबा उस उम्र में थे कि किसी भी दिन साहित्य अकादेमी अवार्डी हो सकते थे। बशर्ते उस दिन साहित्य अकादेमी अवार्ड की घोषणा करने वाली प्रेस-कॉन्फ़्रे

21 मार्च 2026

रचना का प्रयोजन निर्माण है, नाश नहीं

रचना का प्रयोजन निर्माण है, नाश नहीं

मैंने साहित्य की किसी भी विधा में जब भी लिखा तब यह सोचकर नहीं लिखा कि मैं उक्त विधा की शर्तों को पूरा करने के लिए लिख रहा हूँ। …मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं कभी गद्य भी लिखना चाहूँगा और आज ऐसा

20 मार्च 2026

सही नाम से पुकारने की कला

सही नाम से पुकारने की कला

क्या लिखते हुए हम चीज़ों को उनके सही नाम से पुकारते हैं? चाहे गद्य हो या कविता—यह प्रश्न आत्ममंथन की माँग करता है। साहित्य में शब्द की ‘सत्ता’ और उसकी ‘संज्ञा’ की बराबर भूमिका होती है। जब टॉमस मान ने

20 मार्च 2026

‘धुरंधर द रिवेंज’ से बचकर लौटे धुरंधर का बयान

‘धुरंधर द रिवेंज’ से बचकर लौटे धुरंधर का बयान

मैंने भी अंतत ‘Dhurandhar The Revenge’ देख ली। वैसे आजकल के ‘मल्टीप्लेक्स कल्चर’ वाले दौर में पीवीआर [PVR] जैसे सिनेमाई मंदिरों में माथा टेकना सीधे अपनी जेब पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करने जैसा है, जहाँ ए

हिन्दवी उत्सव 2026

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