Font by Mehr Nastaliq Web

बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

29 अक्तूबर 2026

‘जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुलपति को एक शोधार्थी का पत्र’

‘जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुलपति को एक शोधार्थी का पत्र’

आदरणीय कुलपति महोदय, सादर प्रणाम! आज जब आपकी झलक रील्स के माध्यम से देखने को मिली, तो बड़ा अचंभा हुआ। मुझे तो लग रहा था कि आप कहीं विदेश दौरे पर गए हैं! आज जब आप अपने हुजरे से निकले, तो लगा कि आ

29 अक्तूबर 2026

अनफ़्रेम्ड : भारतीय सिनेमा में कॉमरेड, आंदोलन और लाल सलाम

अनफ़्रेम्ड : भारतीय सिनेमा में कॉमरेड, आंदोलन और लाल सलाम

जब कोई अपने अधिकारों के लिए लड़ता है, उसे बड़ी हिम्मत से काम लेना होता है; हो सकता है उसे बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़े, उस वक़्त जो हौसला बढ़ाता है और मंज़िल पाने में मदद करे, उस इंसान को कह

28 अक्तूबर 2026

पत्र : तुकाराम मुंढे के लिए : कार्रवाई के तमाशे का आकर्षण

पत्र : तुकाराम मुंढे के लिए : कार्रवाई के तमाशे का आकर्षण

आदरणीय तुकाराम मुंढे जी, अभिनेता अनिल कपूर की एक फ़िल्म है ‘नायक’। आपने भी देखी ही होगी। इसमें एक पत्रकार एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बनने की चुनौती स्वीकार करता है और चौबीस घंटे में इतने काम करता ह

28 अक्तूबर 2026

घर तक नहीं पहुँचता दुख

घर तक नहीं पहुँचता दुख

रविवार का दिन। छुट्टी का दिन। लेबर कॉलोनी। हर रविवार यहाँ त्योहार होता है। सभी मज़दूर अपने-अपने ठेकेदार से हाज़िरी कार्ड पर हिसाब कराकर अगले एक हफ़्ते की ख़ुराकी का पैसा लेकर बाहर ख़रीदारी कर रहे हैं

28 अक्तूबर 2026

आनंद बहादुर के नए कविता संग्रह पर हुई परिचर्चा : जिसमें संगीत भी था, बात भी थी, लोकार्पण भी था और कविताएँ भी

आनंद बहादुर के नए कविता संग्रह पर हुई परिचर्चा : जिसमें संगीत भी था, बात भी थी, लोकार्पण भी था और कविताएँ भी

यह सब कुछ शुरू हुआ शनिवार की रात एक इंस्टाग्राम स्टोरी से। नई पीढ़ी के कवि-लेखक और कलमशाला प्रकाशन के संपादक आशुतोष प्रसिद्ध ने एक स्टोरी लगाई थी कि दो दिनों के लिए रायपुर में हूँ। मैं शनिवार की आधी र

27 अक्तूबर 2026

C/O बंगाल : नोबेल, बांग्ला और विश्वयोग

C/O बंगाल : नोबेल, बांग्ला और विश्वयोग

विश्व के सर्वोच्च सम्मानों में शुमार नोबेल पुरस्कार के इतिहास में जब कोलकाता के पदचिह्न तलाशते हैं, तो इतिहास का एक दिलचस्प अध्याय खुलने लगता है। सर रोनाल्ड रॉस, रवींद्रनाथ ठाकुर, चंद्रशेखर वेंकट रमन

26 अक्तूबर 2026

पत्र : दिल्ली के लिए : तुम पहले जैसी हो जाओ

पत्र : दिल्ली के लिए : तुम पहले जैसी हो जाओ

प्यारी दिल्ली, कैसी हो? माफ़ करना महीनों बाद तुम्हें ख़त लिख रहा हूँ। आजकल ना चाहते हुए भी तुम्हारा नाम ज़बान पर आ जाता है। देश में क्या हो रहा है, यह तुमसे छिपा नहीं है; फिर भी संक्षेप में अगर

25 अक्तूबर 2026

रील रसाचार्य : मेट्रो में रील

रील रसाचार्य : मेट्रो में रील

“अगला स्टेशन न्यू अशोक नगर है। दरवाज़े...” “ये लड़की बहुत बोलती है, ज़रा चुप रहोगी?” पहली आवाज़ मेट्रो के अनाउसमेंट की है, दूसरी आवाज़ किसी रील की। दोनों आवाज़ें इस तरह गुत्थमगुत्था हुईं कि मैं

24 अक्तूबर 2026

यात्रा नहीं अपने भीतर थोड़ी-सी जगह बनाने का वृत्तांत

यात्रा नहीं अपने भीतर थोड़ी-सी जगह बनाने का वृत्तांत

अकेले यात्रा करने की इच्छा कई सालों से मन में पल रही थी। इसके कई कारण थे। पहला तो यह कि मैं बहुत एकांतप्रिय मनुष्य हूँ, जो अकेले रहने के अवसर खोजता रहता है। मेरे मस्तिष्क में एक अलग ही समानांतर दुनिय

23 अक्तूबर 2026

हिंदी का आलोचक : पाँच कटाउज और एक कालजयी उपन्यास की तलाश

हिंदी का आलोचक : पाँच कटाउज और एक कालजयी उपन्यास की तलाश

अगर आप हिंदी में उपन्यास लिखने की गुस्ताख़ी कर चुके हैं (या करने की सोच रहे हैं), तो मेरी पहली सलाह होगी कि पहले अपना कवच (या इसके बदले कोई और उपयुक्त चीज़) मज़बूत कर लीजिए। डिजिटल युग के आगमन के