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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

13 अक्तूबर 2026

‘C/O बंगाल : देवी से बेटी तक : आगमनी-विजया गीतों में मानवीय दुर्गा का जन्म’

‘C/O बंगाल : देवी से बेटी तक : आगमनी-विजया गीतों में मानवीय दुर्गा का जन्म’

गिरि, इस बार मेरी उमा आए तो अब उमा को नहीं भेजूँगी, मुझे कहकर लोग चाहे बुरा कहें, किसी की बात नहीं सुनूँगी। यदि आकर भोला [शिव] उमा को ले जाने की बात कहे, इस बार माँ-बेटी मिलकर करूँगी झगड़ा, द

13 अक्तूबर 2026

शंखनाद : शेरू : हमारा पहला एंटी-हीरो

शंखनाद : शेरू : हमारा पहला एंटी-हीरो

शेरू हमारे परिवार का, मेरे जानने में, पहला और आख़िरी पालतू कुत्ता था। बड़े भाई साहब उस समय 14-15 साल के रहे होंगे, जब वह उसके दूध-से सफ़ेद रंग और नई दुल्हन-सी अधखुली आँखों की मासूमियत पर फ़िदा हो गए।

13 अक्तूबर 2026

कवि-छवि से कपि-छवि तक की यात्रा

कवि-छवि से कपि-छवि तक की यात्रा

प्यारेलाल जी पधारे। प्रसन्नता नहीं हुई, कोफ़्त हुई। तंगदिल नहीं हूँ, संगदिल भी नहीं। आगंतुक को समय-कुसमय का ख़याल रखना चाहिए। उनके जैसा कुँवारा तो नहीं हूँ; बाल-बच्चेदार हूँ, नागरिक ज़िम्मेदार हूँ। स

13 अक्तूबर 2026

पिंजरा तोड़ : मेरा पहला प्रोटेस्ट

पिंजरा तोड़ : मेरा पहला प्रोटेस्ट

6 अक्टूबर 2026 की शाम इलाहाबाद विश्वविद्यालय के महिला छात्रावास के आस-पास कुछ अलग हो रहा था। शाम लगभग पाँच बजे छात्रावास के सामने लोग जमा होने लगे। थोड़ी ही देर में इस प्रदर्शन में करीब 300-350 लोग श

12 अक्तूबर 2026

मैं असह्य होना चाहती हूँ : ऐन कार्सन और उनकी रचना-प्रक्रिया

मैं असह्य होना चाहती हूँ : ऐन कार्सन और उनकी रचना-प्रक्रिया

मेरी निजी कविता एक विफलता है मैं कोई व्यक्ति नहीं होना चाहती  मैं असह्य होना चाहती हूँ [Stanzas, Sexes, Seduction] जीवन अपने मूल रूप में असहनीय है। मनुष्य की जटिलताएँ, उसके तमाम अनुभव और निर्

12 अक्तूबर 2026

नाना पाटेकर : असा नटसम्राट पुन्हा होण नाहि

नाना पाटेकर : असा नटसम्राट पुन्हा होण नाहि

जब कोई कलाकार यथार्थ और स्वप्न में भेद ख़त्म करके जीने लगता है तो उसका कहीं कोई घर नहीं होता, कोई ठिकाना, कोई निवास नहीं। न बाहर और न ही भीतर। वह दोनों जगह से विस्थापित है। वह हर जगह से विस्थापित है।

12 अक्तूबर 2026

बहुत नाइंसाफ़ी है गदहों के साथ

बहुत नाइंसाफ़ी है गदहों के साथ

गदहे को इंसानी समाज ने हमेशा से ही तुच्छ प्राणी समझा है। इसीलिए प्राणी संग्रहालय में गदहे को छोड़कर सब प्राणियों को रखा गया। क्या गदहों को इंसानों की इस हरकत का बुरा नहीं लगता होगा? गदहा हमेशा से

11 अक्तूबर 2026

रील रसाचार्य : रील बीच नाना

रील रसाचार्य : रील बीच नाना

मैं संभवत: तीसरी या चौथी कक्षा में था जब छोटे भाई ने कहा सिर के पीछे नहीं मारना चाहिए यहाँ पे छोटा दिमाग़ होता है। यह बात उसने एक फ़िल्म से सीखी थी जिसमें कोई अजीब-सा हीरो था जो हीरो कम ग़द्दार (विलेन

10 अक्तूबर 2026

तर्पण से पहले समर्पण

तर्पण से पहले समर्पण

यह शीर्षक शायद आपको असहज कर सकता है, इसलिए शुरुआत में ही स्पष्ट कर देना चाहती हूँ कि यह आलेख हमारी सनातन परंपरा और श्राद्ध-कर्म के विरोध में क़तई नहीं है। मैं एक संभ्रांत पंडित परिवार से संबंध रखती ह

09 अक्तूबर 2026

यह देश कैसे बच सकता है?

यह देश कैसे बच सकता है?

जब लोग मेरी और राहुल गांधी की मैच्योर न होने की समस्या को समस्या मानना बंद कर दें। झूठ बोलने के लिए सच याद रखना पड़े और व्यंजना की व्याख्या करने की ज़रूरत न पड़े। जब मैं कहूँ कि मेरी बात का बुरा मत म