Font by Mehr Nastaliq Web

बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

07 अगस्त 2026

‘अंतिम शय्या पर रवींद्रनाथ’

‘अंतिम शय्या पर रवींद्रनाथ’

श्रावण-मास! बारिश की झरझर में मानो मन का रुदन मिला हो। शाल-पत्तों के बीच से टपक रही हैं—आकाश-अश्रुओं की बूँदें। उनका मन उदास है। शरीर धीरे-धीरे कमज़ोर होता जा रहा है। शांतिनिकेतन का शांत वातावरण अशांत

07 अगस्त 2026

वासुदेव शरण अग्रवाल : विंध्य से लेकर हिमालय तक का जनपद हमें पुकार रहा है

वासुदेव शरण अग्रवाल : विंध्य से लेकर हिमालय तक का जनपद हमें पुकार रहा है

कपिला वात्स्यायन ने कहा था कि शब्द उनकी लाठी थे। वह उसका एक सिरा पकड़कर ही भारतीय ज्ञान-परंपरा की गहराइयों में प्रवेश कर गए। आज वासुदेव शरण अग्रवाल की जन्मतिथि है। उनकी स्मृति स्वतः इतिहास का तोरण-द्

07 अगस्त 2026

हिन्दवी : ‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’-2026 की लॉन्ग-लिस्ट

हिन्दवी : ‘ऑल इंडिया कैंपस कविता’-2026 की लॉन्ग-लिस्ट

‘हिन्दवी’ ने अपने प्रयोगधर्मी साहित्यिक प्रयासों के अंतर्गत वर्ष 2022 के सितंबर में ‘हिन्दवी कैंपस कविता’ की शुरुआत की थी। इस पहल का पहला आयोजन इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा

06 अगस्त 2026

कहानी : तय

कहानी : तय

‘तय’—हिंदी कहानी की स्थापित व्याख्या से परे जाती है। ‘तय’ के बारे में तय नहीं है कि यह एक परीकथा है या फ़ैंटेसी। इसमें अंतश्चेतना के प्रवाह की तकनीक का सूक्ष्म प्रयोग हुआ है। कहानी में नायक और नायिका

05 अगस्त 2026

क्या जेल वास्तव में मानवीय होती हैं?

क्या जेल वास्तव में मानवीय होती हैं?

सजा और सार्वजनिक सुरक्षा के बीच, नॉर्वे अपने यहाँ की जेलों को एक ऐसे सामाजिक प्रयोग में बदल रहा है, जो न्याय की वैश्विक धारणाओं को चुनौती देता है। दक्षिणी ओस्लो के एक छोटे से द्वीप पर क़ैदी अपने द

04 अगस्त 2026

धारावाहिक उपन्यास : जंकामंका गैंग : बहादुरी सीखने की चीज़ नहीं है

धारावाहिक उपन्यास : जंकामंका गैंग : बहादुरी सीखने की चीज़ नहीं है

गताध्याय से आगे... छह  गंज गोबरहवा में मोनालिसा की मुस्कान को कोई नहीं जानता था। लेखक भी इस शहर में इन्हीं कोई का हिस्सा थे, उनका कोई स्वतंत्र व्यक्तित्व नहीं था। वे गंज गोबरहवा विश्वविद्यालय क

04 अगस्त 2026

जब भूख वायरल हुई

जब भूख वायरल हुई

सोनम वांगचुक का अनशन उस लंबी भारतीय परंपरा की ताज़ा कड़ी था, जिसमें देह को दाँव पर रखकर सत्ता से संवाद माँगा गया। लेकिन जिस दौर में उपवास इंस्टाग्राम स्टोरी है और तपस्या प्रेस-रिलीज़ की शब्दावली, वहा

03 अगस्त 2026

निम्स दाई! हिमाल आपको बुला रहे हैं...

निम्स दाई! हिमाल आपको बुला रहे हैं...

Giving up is not in the blood, Sir! Not in the blood. — Nirmal ‘Nimsdai’ Purja 30 जुलाई 2026 | दिल्ली/काराकोरम उस दिन दिल्ली मेट्रो से दफ़्तर जाते हुए, मुझे कोई अंदाज़ा नहीं था कि इस समय निर्म

03 अगस्त 2026

जेन ज़ी : इंस्टाग्राम से जंतर-मंतर तक

जेन ज़ी : इंस्टाग्राम से जंतर-मंतर तक

किसी लोकतांत्रिक देश में विरोध-प्रदर्शन वहाँ की जनता का मूलभूत अधिकार होता है। इसी अधिकार के सहारे वह लोकतांत्रिक देश फल-फूल रहा होता है, अन्यथा सरकार सर्वाधिकारवादी व्यवस्था के रूप में बदलने लगती है

02 अगस्त 2026

बिंदुघाटी 2.0 : ‘देख अपने लीडरों को शोक मत कर... देश ये लीडर नहीं’

बिंदुघाटी 2.0 : ‘देख अपने लीडरों को शोक मत कर... देश ये लीडर नहीं’

• ‘बिंदुघाटीकार’ बहुत-सी बातों के समाधान के लिए पुराने कवियों, शास्त्र-रचयिताओं और विचारकों के पास लौटता है। ये लोग और इनकी रचनाएँ अपने-अपने समय और उसके प्रसंगों से गहरे संबद्ध हैं। फिर भी इनकी कालजय

हिन्दवी उत्सव 2026

रजिस्टर कीजिए