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बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

28 जुलाई 2026

‘मारांग दाई महाश्वेता’

‘मारांग दाई महाश्वेता’

“यक़ीनन आप यही जानना चाहेंगे कि मैंने कितनी बार विवाह किया है? या फिर मैं दिन में कितनी बीड़ियाँ पीती हूँ? क्या मैं व्हिस्की के एक गिलास के बिना रह सकती हूँ?” जब जीवन के उत्तरार्ध में किसी बड़ी लेख

28 जुलाई 2026

धारावाहिक उपन्यास : जंकामंका गैंग : हिंदी में निर्लज्जता की परंपरा

धारावाहिक उपन्यास : जंकामंका गैंग : हिंदी में निर्लज्जता की परंपरा

गताध्याय से आगे... पाँच  दोस्ती के बारे में कई ज्योतिषियों ने दो बातें बताईं। पहली बात यह कि इस कलिकाल में सच्ची मित्रता के अकाल का योग है, हज़ार वाट का बल्ब लेकर ढूँढ़ते रह जाओगे; एक वाट का भी म

27 जुलाई 2026

मैं जेन-ज़ी के बारे में ग़लत थी

मैं जेन-ज़ी के बारे में ग़लत थी

मुझे अपनी पीढ़ी से बहुत उम्मीद नहीं बची थी और जेन-ज़ी से तो शायद उससे भी कम। मुझे लगता था कि इंस्टाग्राम, रील्स और अपने छोटे-से डिजिटल संसार में मस्त इस पीढ़ी की ज़िंदगी में सार्वजनिक सवालों के लिए बह

27 जुलाई 2026

शंखनाद : बनियान, बुल दुबे और बाक़ी असफलताएँ

शंखनाद : बनियान, बुल दुबे और बाक़ी असफलताएँ

पढ़ाई-लिखाई में डबल-बिलो औसत प्रदर्शन के बाद हमने यह स्वीकार कर लिया कि संप्रति यह हमारा क्षेत्र नहीं है और अपनी पहचान किसी दूसरे क्षेत्र में तलाशनी चाहिए। कुलदीप की राय थी कि हमें डॉक्टर बनने की

26 जुलाई 2026

बिंदुघाटी 2.0 : शिक्षा मंत्री चला जाएगा, शिक्षा रह जाएगी

बिंदुघाटी 2.0 : शिक्षा मंत्री चला जाएगा, शिक्षा रह जाएगी

• धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफ़ा लिखने में काफ़ी समय लगाया। हालाँकि इस बीच जिस रचनात्मकता की सृष्टि हुई, उसे देखते हुए उनका इतना वक़्त लेना कम अखर रहा है। उनका दो पन्नों का इस्तीफ़ा क्या कॉकरोचों की स

26 जुलाई 2026

शशिभूषण द्विवेदी के नाम : बारह कथाकारों, दो कवियों और एक आलोचक के पत्र

शशिभूषण द्विवेदी के नाम : बारह कथाकारों, दो कवियों और एक आलोचक के पत्र

आज शशिभूषण द्विवेदी [26 जुलाई 1975—7 मई 2020] की जन्मतिथि है। वह आज सदेह होते, तब आज उनका बावनवाँ वर्ष लग जाता। एक रचनाकार रचना के लिए एक कंदरा का निर्माण करता है। इस कंदरा में वह संसार से थक-भागकर छ

25 जुलाई 2026

शनिवारेर चिट्ठी : मुझे मुआफ़ करना प्रिय!

शनिवारेर चिट्ठी : मुझे मुआफ़ करना प्रिय!

मुझे मुआफ़ करना प्रिय! इतना भर कह देने से क्या होता है कि मन इस पूरे हफ़्ते खिन्न रहा। यह कहने से कि चीज़ें देखता-सुनता रहा और आँखें भीगती रहीं। कभी निराशा से तो कभी बिजली की तरह कौंध आती आशा से। यह

24 जुलाई 2026

अनशन की नैतिक शक्ति

अनशन की नैतिक शक्ति

आख़िरकार, इस देश की जनता कुछ जागी हुई-सी महसूस होती है। वह अराजनीतिकता का चोला उतारकर मूक से मुखर होती प्रतीत होती है। लेकिन जब हम कहते हैं कि इस देश की सरकार गूँगी, बहरी और अपने उत्तरदायित्व से भागन

24 जुलाई 2026

इस बार ऑल इंडिया कैंपस कविता ‘इलाहाबाद के पथ पर’

इस बार ऑल इंडिया कैंपस कविता ‘इलाहाबाद के पथ पर’

‘हिन्दवी’ ने अपने प्रयोगधर्मी साहित्यिक प्रयासों के अंतर्गत वर्ष 2022 के सितंबर में ‘हिन्दवी कैंपस कविता’ की शुरुआत की थी। इस पहल का पहला आयोजन इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा

23 जुलाई 2026

रज़ा स्मृति : सतपुड़ा, नर्मदा, बेमज़ा वक्ता

रज़ा स्मृति : सतपुड़ा, नर्मदा, बेमज़ा वक्ता

नर्मदा के किनारे, सतपुड़ा की तलहटी में बसे मंडला में हमारे पहुँचने के दिन से शायद ही कोई ऐसा दिन गुज़रा हो जब बारिश न हुई हो। लौटते-लौटते मुख्य पुल के बग़ल का ‘रपटा’, जिस पर कुछ दिन पहले तक स्थानीय लो