साहित्य और संस्कृति की घड़ी
29 अक्तूबर 2026
आदरणीय कुलपति महोदय, सादर प्रणाम! आज जब आपकी झलक रील्स के माध्यम से देखने को मिली, तो बड़ा अचंभा हुआ। मुझे तो लग रहा था कि आप कहीं विदेश दौरे पर गए हैं! आज जब आप अपने हुजरे से निकले, तो लगा कि आ
जब कोई अपने अधिकारों के लिए लड़ता है, उसे बड़ी हिम्मत से काम लेना होता है; हो सकता है उसे बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़े, उस वक़्त जो हौसला बढ़ाता है और मंज़िल पाने में मदद करे, उस इंसान को कह
आदरणीय तुकाराम मुंढे जी, अभिनेता अनिल कपूर की एक फ़िल्म है ‘नायक’। आपने भी देखी ही होगी। इसमें एक पत्रकार एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बनने की चुनौती स्वीकार करता है और चौबीस घंटे में इतने काम करता ह
रविवार का दिन। छुट्टी का दिन। लेबर कॉलोनी। हर रविवार यहाँ त्योहार होता है। सभी मज़दूर अपने-अपने ठेकेदार से हाज़िरी कार्ड पर हिसाब कराकर अगले एक हफ़्ते की ख़ुराकी का पैसा लेकर बाहर ख़रीदारी कर रहे हैं
यह सब कुछ शुरू हुआ शनिवार की रात एक इंस्टाग्राम स्टोरी से। नई पीढ़ी के कवि-लेखक और कलमशाला प्रकाशन के संपादक आशुतोष प्रसिद्ध ने एक स्टोरी लगाई थी कि दो दिनों के लिए रायपुर में हूँ। मैं शनिवार की आधी र
27 अक्तूबर 2026
विश्व के सर्वोच्च सम्मानों में शुमार नोबेल पुरस्कार के इतिहास में जब कोलकाता के पदचिह्न तलाशते हैं, तो इतिहास का एक दिलचस्प अध्याय खुलने लगता है। सर रोनाल्ड रॉस, रवींद्रनाथ ठाकुर, चंद्रशेखर वेंकट रमन
प्यारी दिल्ली, कैसी हो? माफ़ करना महीनों बाद तुम्हें ख़त लिख रहा हूँ। आजकल ना चाहते हुए भी तुम्हारा नाम ज़बान पर आ जाता है। देश में क्या हो रहा है, यह तुमसे छिपा नहीं है; फिर भी संक्षेप में अगर
25 अक्तूबर 2026
“अगला स्टेशन न्यू अशोक नगर है। दरवाज़े...” “ये लड़की बहुत बोलती है, ज़रा चुप रहोगी?” पहली आवाज़ मेट्रो के अनाउसमेंट की है, दूसरी आवाज़ किसी रील की। दोनों आवाज़ें इस तरह गुत्थमगुत्था हुईं कि मैं
अकेले यात्रा करने की इच्छा कई सालों से मन में पल रही थी। इसके कई कारण थे। पहला तो यह कि मैं बहुत एकांतप्रिय मनुष्य हूँ, जो अकेले रहने के अवसर खोजता रहता है। मेरे मस्तिष्क में एक अलग ही समानांतर दुनिय
जीवन के पेच-ओ-ख़म इतने जटिल होते हैं कि हर बार कविता, कहानी या किरदार आपको बचा नहीं पाता है। ऐसे ही आप समाज के भीतर से हाशिए की ओर जाते हैं; हाशिए से भीतर आते हैं, ताकि अपनी ओर की यात्रा में उकताहट क