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कलाकार पर बेला

10 फरवरी 2026

दिल्ली में हो रहा है इशारा अंतरराष्ट्रीय कठपुतली थिएटर फ़ेस्टिवल

दिल्ली में हो रहा है इशारा अंतरराष्ट्रीय कठपुतली थिएटर फ़ेस्टिवल

इशारा अंतरराष्ट्रीय कठपुतली थिएटर फ़ेस्टिवल का 22वाँ संस्करण 13 फ़रवरी से 22 फ़रवरी 2026 तक इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित किया जाएगा। इन दिनों में दुनिया के अलग-अलग देशों से आईं बेहतरीन कठपुतली प्र

01 फरवरी 2026

अरिजीत सिंह : पार्श्वगायन का बाणभट्ट

अरिजीत सिंह : पार्श्वगायन का बाणभट्ट

यह तुलना आपको विचित्र लग सकती है, लेकिन मेरे देखे वैश्विक स्तर पर भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय गायक अरिजीत को और किसी तरह परिभाषित किया जाना संभव नहीं है। वाणी बाणो बभूव ह! यह संस्कृत की एक प्रसिद

29 जनवरी 2026

हबीब तनवीर : साधारण में असाधारण की खोज

हबीब तनवीर : साधारण में असाधारण की खोज

नाट्य शास्त्र के पहले ही अध्याय में एक श्लोक है जो एक तरह से नाटक की परिभाषा है— योऽयम स्वभावां लोकस्य सुखदुखसमन्वितः सोंगभिनयोपेतो नाट्यमित्यभिधीयते।। यह जो लोक (फ़ोक का अनुवाद नहीं, बल्कि सम

25 जनवरी 2026

पंडित छन्नूलाल मिश्र : तकलीफ़ में गाने से ही सिद्धि मिलती है

पंडित छन्नूलाल मिश्र : तकलीफ़ में गाने से ही सिद्धि मिलती है

अगर हम गा पाते तो गाकर आपका बखान करते महाराज! लेकिन हमारी ज़िंदगी में लय नहीं है उतनी, इसमें खरज ज़्यादा है, ज़िंदगी का रियाज़ नहीं है, यह बेसुरी हो जाती है—बार-बार। इसलिए हम सिर्फ़ लिख पाएँगे। हम कोशिश क

24 जनवरी 2026

किम की डुक का सिनेमा : हिंसा और बर्बरता के आवरण में प्रेम और सौंदर्य की कल्पना

किम की डुक का सिनेमा : हिंसा और बर्बरता के आवरण में प्रेम और सौंदर्य की कल्पना

जापान से आधिपत्य ख़त्म होने के बाद 50 के दशक में उत्तर और दक्षिण कोरिया के गठन और अलग-अलग सिनेमा उद्योग बनने के बाद आज दक्षिण कोरियाई सिनेमा उद्योग को सिनेमा के जानकार ‘हैल्युवुड’ के नाम से पुकारते है

12 जनवरी 2026

यह ख़ाली जगह नहीं भरेगी

यह ख़ाली जगह नहीं भरेगी

एक जनवरी को वह जब इस दुनिया में आया था, कड़ाके की ठंड थी। नए साल की सौगात लेकर वह आया था। तब देश आज़ाद भी नहीं था। किसे पता था यह बालक कितने लोगों के जीवन में आज़ादी लेकर आएगा—विचारों की आज़ादी। जिस

22 दिसम्बर 2025

तारकोवस्की का सिनेमा : एक कलाकार की हैसियत से

तारकोवस्की का सिनेमा : एक कलाकार की हैसियत से

बात 14 अगस्त 1986 की है। आन्द्रे तारकोवस्की पेरिस के किसी अस्पताल में मौत से लड़ रहे थे। इधर कान फ़िल्म फ़ेस्टिवल में उनकी उस फ़िल्म की स्क्रीनिंग हो रही थी, जिसे उन्होंने अपने बेटे की नज़्र किया था। यह

20 दिसम्बर 2025

बालमुकुंद गुप्त के भूले-बिसरे साहित्यिक घराने की ओर

बालमुकुंद गुप्त के भूले-बिसरे साहित्यिक घराने की ओर

कल रात बारिश और आँधी आई थी तो मौसम ने भी प्रतिदिन की आदत को छोड़ते हुए हम पर रहम किया और सूर्य देवता काफ़ी देर तक ग़ायब ही रहे तथा बादलों ने ख़ुद को ढाल बनाकर हमें शीतलता प्रदान की। महेंद्रगढ़, ऐसी ज

13 दिसम्बर 2025

कहानी : आकांक्षा

कहानी : आकांक्षा

मेरे हाथ में संडे का अख़बार है। मेरे बाजू के स्टूल पर सुबह की पहली चाय का कप। स्मिता भी चाय पी रही है। बरसों पहले फ़्रेम करवायी गई रवींद्रनाथ ठाकुर की यह तस्वीर किताबों की रैक के नीचे टंगी है। रवी बा

10 दिसम्बर 2025

अनुवाद का द्वंद्व : भक्ति-काव्य की सार्वभौमिक अनुगूँजें

अनुवाद का द्वंद्व : भक्ति-काव्य की सार्वभौमिक अनुगूँजें

दिलीप पुरुषोत्तम चित्रे (1938–2009) आधुनिक मराठी साहित्य के प्रमुख कवि, आलोचक, अनुवादक, चित्रकार और फ़िल्मकार थे; जिन्होंने मराठी और अँग्रेज़ी—दोनों भाषाओं में अपनी रचनात्मकता का विस्तार किया। बड़ौदा

05 दिसम्बर 2025

बीथोवन के संगीत के लिए

बीथोवन के संगीत के लिए

दुनिया को हिटलर के ‘होलोकास्ट’ के लिए नहीं, बीथोवन की ‘सिम्फ़नी’ के लिए याद रखा जाना चाहिए। हिटलर की नफ़रत से और उसके द्वारा की गईं यहूदियों और उनके बच्चों की हत्याओं के बाद भी यह दुनिया ख़त्म नहीं ह

04 दिसम्बर 2025

उद्भ्रांत की आत्मकथा : हिंदी साहित्य की अनमोल धरोहर

उद्भ्रांत की आत्मकथा : हिंदी साहित्य की अनमोल धरोहर

उद्भ्रांत हिंदी साहित्य की उस पीढ़ी के प्रतिनिधि कवि हैं, जिन्होंने ‘नई कविता’ के बाद सातवें दशक में छंद में हाथ आज़माते हुए, कविता के अन्य आंदोलनों के बीच अपनी जगह बनाई—यद्यपि बाद में उन्होंने अपने स

02 दिसम्बर 2025

क्रेज़ी किया रे : AI के दौर में मौलिकता की बात

क्रेज़ी किया रे : AI के दौर में मौलिकता की बात

21 नवंबर को मंचित नाटक ‘क्रेज़ी किया रे’ ने एक बार फिर यह सशक्त संदेश दिया कि जब व्यक्ति अपनी मौलिकता छोड़कर किसी और की नक़ल में डूब जाता है, तो वह अनजाने में ही हास्य का पात्र बन जाता है। समाज में ऊ

02 दिसम्बर 2025

हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत का शब्दकोश : पंडित अमरनाथ की विरासत को नया आयाम

हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत का शब्दकोश : पंडित अमरनाथ की विरासत को नया आयाम

26 नवंबर, 2025 को नई दिल्ली में शास्त्रीय संगीत गुरु पंडित अमरनाथ द्वारा रचित ‘हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत का शब्दकोश’ के हिंदी संस्करण का लोकार्पण इंडिया इंटरनेशनल सेंटर-एनेक्स में हुआ। इस अवसर पर

16 नवम्बर 2025

दिसंबर में होगा कोच्चि–मुज़िरिस बिएनाले का छठा संस्करण

दिसंबर में होगा कोच्चि–मुज़िरिस बिएनाले का छठा संस्करण

भारत की सर्वाधिक प्रतिष्ठित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त समकालीन कला प्रदर्शनी कोच्चि–मुज़िरिस बिएनाले (Kochi-Muziris Biennale) का छठा संस्करण 12 दिसंबर, 2025 से केरल के ऐतिहासिक समुद्री

13 नवम्बर 2025

इस बार शांतिनिकेतन में होगा ‘संगमन’

इस बार शांतिनिकेतन में होगा ‘संगमन’

वर्ष 1993 में कानपुर से शुरू हुआ रचनात्मक व बौद्धिक हस्तक्षेप के सहकारी उपक्रम ‘संगमन’ का 26वाँ आयोजन देश के विभिन्न राज्यों से गुज़रता हुआ इस बार शांतिनिकेतन (पश्चिम बंगाल) में हो रहा है। तारीख़ें हैं

10 नवम्बर 2025

लास्ज़लो क्रास्ज़्नाहोरकाई : विनाशकारी भविष्य की आहटों को सुनने वाला लेखक

लास्ज़लो क्रास्ज़्नाहोरकाई : विनाशकारी भविष्य की आहटों को सुनने वाला लेखक

लास्ज़लो क्रास्ज़्नाहोरकाई साहित्य के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने वाले दूसरे हंगेरियन लेखक हैं। उनसे पहले यह सम्मान दिवंगत इमरे केर्तेश (Imre Kertész) (1929 –2016) को मिला था, जिनकी हंगरी के बाहर

04 नवम्बर 2025

जन्मशती विशेष : युक्ति, तर्क और अयांत्रिक ऋत्विक

जन्मशती विशेष : युक्ति, तर्क और अयांत्रिक ऋत्विक

—किराया, साहब... —मेरे पास सिक्कों की खनक नहीं। एक काम करो, सीधे चल पड़ो 1/1 बिशप लेफ़्राॅय रोड की ओर। वहाँ एक लंबा साया दरवाज़ा खोलेगा। उससे कहना कि ऋत्विक घटक टैक्सी करके रास्तों से लौटा... जेबें

03 नवम्बर 2025

मासूम : जहाँ बदले में सिर्फ़ आँसू हैं

मासूम : जहाँ बदले में सिर्फ़ आँसू हैं

अप्रत्याशित हमेशा भय के भार तले दबा रहता है। नहीं घटने की इच्छा के साथ अदृश्य, जिसे हमेशा दूर से ही न कह दिया जाए। रोकथाम के लिए शरीर हरदम चौकन्ना रहता है। क़रीने से हर छोटी-बड़ी तैयारी की जाती है। ख

01 नवम्बर 2025

बेगम अख़्तर और लखनऊ का पसंदबाग़

बेगम अख़्तर और लखनऊ का पसंदबाग़

सवेरा कमरे में पसर गया था इसलिए हमें उठना पड़ा। कमरे का दरवाज़ा खुलते ही बालकनी शुरू हो जाती, जहाँ से मंदिर का शिखर दिखता जो गली के उस तरफ़ पार्क के दक्षिणी छोर पर था, जिसमें संघ की शाखा लगती। हम बाल

28 अक्तूबर 2025

शारदा सिन्हा स्मृति शेष नहीं, स्मृति अशेष हैं

शारदा सिन्हा स्मृति शेष नहीं, स्मृति अशेष हैं

सो रहो मौत के पहलू में ‘फ़राज़’ नींद किस वक़्त न जाने आए और फिर वह सो गईं—चिर निद्रा में। यह 5 नवंबर 2024 की रात थी। बस एक दिन पहले ही वेंटिलेटर पर आई थीं। पर अब सबको लग ही रहा था कि अब नहीं लौ

21 अक्तूबर 2025

असमाप्य अनुष्ठान : रतन थियम का रंगकर्म

असमाप्य अनुष्ठान : रतन थियम का रंगकर्म

नाटक शुरू होने के पहले की थर्ड बेल बजती है। नाट्यशाला का अँधेरा गाढ़ा होते-होते किसी प्रागैतिहासिक, चंद्रमा विहीन रात्रि के ठोस अँधेरे में बदल जाता है। और तब पृथ्वी के किसी सुदूर कोने से एक वृंदगान क

22 सितम्बर 2025

ज़ुबिन गार्ग : समय जब ठहर जाए...

ज़ुबिन गार्ग : समय जब ठहर जाए...

कोई मनुष्य कितना प्रिय हो सकता है, जीते जी इसका सही अंदाज़ा लगाना कठिन होता है। अपने जीवन काल में कई महानुभावों को इस संसार का मोह त्याग करते हुए हम सबने देखा होगा, उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी भीड़ भी हम

16 सितम्बर 2025

20-21 सितंबर को रायपुर में होगा हिंद युग्म उत्सव 2025

20-21 सितंबर को रायपुर में होगा हिंद युग्म उत्सव 2025

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साहित्य प्रेमियों के लिए 2 दिवसीय ‘हिंद युग्म उत्सव 2025’ आयोजित होने जा रहा है। इस आयोजन के माध्यम से छत्तीसगढ़ पहली बार इस अनोखे उत्सव का साक्षी बनेगा। आगामी 20 और 2

12 सितम्बर 2025

विभूतिभूषण बंद्योपाध्याय : एक अद्वितीय साहित्यकार

विभूतिभूषण बंद्योपाध्याय : एक अद्वितीय साहित्यकार

बांग्ला साहित्य में प्रकृति, सौंदर्य, निसर्ग और ग्रामीण जीवन को यदि किसी ने सबसे पूर्ण रूप से उभारा है, तो वह विभूतिभूषण बंद्योपाध्याय (1894-1950) हैं। चरित्र-चित्रण, अतुलनीय गद्य-शैली, दैनिक जीवन को

27 अगस्त 2025

मेटा 2026 : लीजिए देश के सबसे बड़े थिएटर फ़ेस्टिवल में हिस्सा

मेटा 2026 : लीजिए देश के सबसे बड़े थिएटर फ़ेस्टिवल में हिस्सा

भारतीय रंगमंच के लिए मार्च 2026 का महीना एक सुनहरे अवसर की तरह दर्ज होने जा रहा है। महिंद्रा ग्रुप द्वारा स्थापित और टीमवर्क आर्ट्स द्वारा निर्मित, देश का सबसे प्रतिष्ठित नाट्य पुरस्कार—महिंद्रा एक्स

22 अगस्त 2025

वॉन गॉग ने कहा था : जानवरों का जीवन ही मेरा जीवन है

वॉन गॉग ने कहा था : जानवरों का जीवन ही मेरा जीवन है

प्रिय भाई, मुझे एहसास है कि माता-पिता स्वाभाविक रूप से (सोच-समझकर न सही) मेरे बारे में क्या सोचते हैं। वे मुझे घर में रखने से भी झिझकते हैं, जैसे कि मैं कोई बेढब कुत्ता हूँ; जो उनके घर में गंदे पं

10 अगस्त 2025

क़ाहिरा का शहरज़ाद : नजीब महफ़ूज़

क़ाहिरा का शहरज़ाद : नजीब महफ़ूज़

Husayn remarked ironically, “A nation whose most notable manifestations are tombs and corpses!” Pointing to one of the pyramids, he continued: “Look at all that wasted effort.” Kamal replied enthusi

07 अगस्त 2025

अंतिम शय्या पर रवींद्रनाथ

अंतिम शय्या पर रवींद्रनाथ

श्रावण-मास! बारिश की झरझर में मानो मन का रुदन मिला हो। शाल-पत्तों के बीच से टपक रही हैं—आकाश-अश्रुओं की बूँदें। उनका मन उदास है। शरीर धीरे-धीरे कमज़ोर होता जा रहा है। शांतिनिकेतन का शांत वातावरण अशांत

29 जुलाई 2025

मालिनी अवस्थी संग 31 जुलाई को बरसेगा सावन झूम-झूम के...

मालिनी अवस्थी संग 31 जुलाई को बरसेगा सावन झूम-झूम के...

इस सावन दिल्ली केवल बारिश में नहीं भीगेगी, बल्कि भारतीय लोक-परंपराओं की आत्मा को छू लेने वाली सुर-धारा में भी सराबोर हो उठेगी। 31 जुलाई 2025 को कमानी ऑडिटोरियम में भारत की लोक संगीत सम्राज्ञी, पद्मश्

25 जुलाई 2025

वाचिक : परंपरा का नवोन्मेष

वाचिक : परंपरा का नवोन्मेष

‘रेख़्ता फ़ाउंडेशन’ का उपक्रम ‘हिन्दवी’—हिंदी-साहित्य-संस्कृति-कला-संसार को समर्पित अपने वार्षिकोत्सव—‘हिन्दवी उत्सव’ के पाँचवें संस्करण का आयोजन करने जा रहा है। यह आयोजन 27 जुलाई 2025, रविवार को नई द

24 जुलाई 2025

स्वानंद किरकिरे : सिनेमा-संगीत की दुनिया का बावरा मन

स्वानंद किरकिरे : सिनेमा-संगीत की दुनिया का बावरा मन

कला की बहुरंगी दुनिया में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं, जो अपनी प्रतिभा के दम पर एक साथ कई क्षेत्रों में अपनी अमिट छाप छोड़ते हैं। भारतीय सिनेमा और संगीत की दुनिया में स्वानंद किरकिरे भी ऐसे ही एक बहुआयाम

24 जुलाई 2025

राहगीर : हिंदी कविता-संगीत का रॉकस्टार

राहगीर : हिंदी कविता-संगीत का रॉकस्टार

बीसवीं सदी के तीसरे और चौथे दशक में जब अमेरिका महामंदी और डस्ट बॉउल (धूलभरी आँधी) से जूझ रहा था, उस समय होबो (घुमक्कड़ मज़दूर)—रोज़गार की खोज में मालगाड़ियों में सवार होकर मुफ़्त में यात्रा करते थे। यात्र

23 जुलाई 2025

अशोक वाजपेयी : सच्चाई के रूपक

अशोक वाजपेयी : सच्चाई के रूपक

समादृत कवि-आलोचक और कला-प्रशासक अशोक वाजपेयी इस बार के ‘हिन्दवी उत्सव’ में कविता-पाठ के लिए आमंत्रित हैं। यहाँ प्रस्तुत है—उनके द्वारा बोले-लिखे जा रहे आत्म-वृत्तांत से कुछ अंश। ये अंश अशोक वाजपेयी औ

23 जुलाई 2025

मृदुला गर्ग : वर्जनाओं के पार एक आधुनिका

मृदुला गर्ग : वर्जनाओं के पार एक आधुनिका

फ़्योदोर दोस्तोयेवस्की का एक कथन है :  ‘‘तुम्हें जीवन के अर्थ से भी अधिक जीवन से प्रेम करना चाहिए।’’ इस तर्ज़ पर ही मृदुला गर्ग के बारे में विचार किया जा सकता है कि उनके व्यक्तित्व से अधिक प्रेम

22 जुलाई 2025

कृष्ण कुमार : एक शालीन और साफ़ आवाज़

कृष्ण कुमार : एक शालीन और साफ़ आवाज़

शिक्षाविद् कृष्ण कुमार के बारे में न्यूनतम कहना भी एक मुश्किल काम है क्योंकि ‘प्रसिद्ध’ या ‘लब्ध-प्रतिष्ठ’ जैसे विशेषणों से न उनके कृतित्व की महत्ता का अंदाज़ा होता है, न उनके काम की बहुआयामिता का आभ

13 जून 2025

मेहदी हसन : ‘पी के हम-तुम जो चले झूमते मैख़ाने से...’

मेहदी हसन : ‘पी के हम-तुम जो चले झूमते मैख़ाने से...’

मैं वर्ष 1977 में झुंझुनू से जयपुर आ गया था—राजस्थान विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में एम.ए. करने के लिए। वह अक्टूबर का महीना होगा, जब रामनिवास बाग़ स्थित रवींद्र मंच पर राजस्थान दिवस समारोह चल रहा

11 जून 2025

दिल्ली में ‘मुंबई स्टार’

दिल्ली में ‘मुंबई स्टार’

नादिर ख़ान द्वारा निर्देशित और अवंतिका बहल द्वारा कोरियोग्राफ किया गया, एक बेहतरीन डांस म्यूजिकल द ड्रैगन रोज़ प्रोजेक्ट का ‘मुंबई स्टार’ 14 और 15 जून 2025 को कमानी ऑडिटोरियम में दिल्ली के दर्शकों के

11 जून 2025

निश्छल नारी की नोटबुक

निश्छल नारी की नोटबुक

ऊषा शर्मा की डायरी ‘रोज़नामचा एक कवि पत्नी का’ (संपादक : उद्भ्रांत, प्रकाशक : रश्मि प्रकाशन, संस्करण : 2024) एक ऐसी कृति है, जो एक गृहिणी की अनगढ़, निश्छल अभिव्यक्ति के माध्यम से कवि-पति उद्भ्रांत के

03 जून 2025

पत्र : अभिभावकों-सहयात्रियों-कला में विश्वास रखने वालों के नाम

पत्र : अभिभावकों-सहयात्रियों-कला में विश्वास रखने वालों के नाम

भोपाल   25 मई 2025 प्रिय अभिभावकों, सहयात्रियो और कला में विश्वास रखने वालों के प्रति... विहान ड्रामा वर्क्स : ‘स्वप्नयान—बाल नाट्य कार्यशाला’ में भाग लेने वाले सभी बच्चों के अभिभावकों को ढेर

05 मई 2025

स्पर्श : दुपहर में घर लौटने जितना सुख

स्पर्श : दुपहर में घर लौटने जितना सुख

सोमवार से बहाल हुई दिनचर्या शुक्रवार शाम की राह तकती है—दरमियान का सारा वक़्त अनजाने निगलते हुए। एक जानिब को कभी लगा ही नहीं कि सुख शनिवार का नहीं, उसके पास जाने की हल्की तलब का होता है। कितना मुश्कि

13 अप्रैल 2025

रविवासरीय : 3.0 : ‘बुद्धि की आँखों में स्वार्थों के शीशे-सा!’

रविवासरीय : 3.0 : ‘बुद्धि की आँखों में स्वार्थों के शीशे-सा!’

• गत बुधवार ‘बेला’ के एक वर्ष पूर्ण होने पर हमने अपने उद्देश्यों, सफलताओं और योजनाओं का एक शब्दचित्र प्रस्तुत किया। इस शब्दचित्र में आत्मप्रचार और आभार की सम्मिलित शैली में हमने लगभग अपना ही प्रशस्ति

02 अप्रैल 2025

कहानी यहाँ से शुरू होती है

कहानी यहाँ से शुरू होती है

‘‘सलाम करके गुज़रता था जिस मज़ार को मैं’’ उसने काग़ज़ पर ये मिसरा लिखा और शाइर का नाम सोचने लगा। कुछ देर बाद उसने ये वाक्य : ‘‘अंत ही आरंभ है…’’ लिखा और काट दिया। फिर एक लंबी बुत-नुमाई के बाद कुफ़्र

28 मार्च 2025

यह दुनिया पेट की दौड़ है

यह दुनिया पेट की दौड़ है

ख़ालिद जावेद के उपन्यास ‘नेमत ख़ाना’ से गुज़रते हुए गाहे-ब-गाहे यह महसूस होता है कि निःसंदेह तमाम दुनिया पेट की दौड़ है—इससे ज़्यादा कुछ नहीं, इससे कम कुछ नहीं। आपके अंतर् से पारदर्शी परिचय करवाते इस

24 मार्च 2025

“असली पुरस्कार तो आप लोग हैं”

“असली पुरस्कार तो आप लोग हैं”

समादृत कवि-कथाकार विनोद कुमार शुक्ल 59वें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किए गए हैं। ज्ञानपीठ पुरस्कार भारतीय साहित्य के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक है। वर्ष 1961 में इस पुरस्कार की स्थापना ह

22 मार्च 2025

मार्सेल प्रूस्त : स्मृति का गद्यकार

मार्सेल प्रूस्त : स्मृति का गद्यकार

“…ख़ैर, प्रूस्त के बाद लिखने के लिए क्या ही बचता है!” (Virginia Woolf, Letters, Vol-2) वर्जीनिया वुल्फ़ की यह टिप्पणी, मानव चेतना, स्मृति और समय के बारे में मार्सेल प्रूस्त के लेखन की उस सिफ़त को रे

22 मार्च 2025

मेटा 2025 : प्रेम, दर्द, समय, समाज और लोक का रंगमंच

मेटा 2025 : प्रेम, दर्द, समय, समाज और लोक का रंगमंच

भारतीय रंगमंच की जीवंत परंपरा को प्रोत्साहित करने और देश भर के प्रतिभाशाली कलाकारों को एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से, महिंद्रा समूह और टीम वर्कआर्ट्स द्वारा आयोजित ‘महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अव

21 मार्च 2025

‘चलो अब शुरू करते हैं यह सांस्कृतिक कार्यक्रम’

‘चलो अब शुरू करते हैं यह सांस्कृतिक कार्यक्रम’

ओ मेरी कविता, कहाँ हैं तेरे श्रोता? कमरे में कुल बारह लोग और आठ ख़ाली कुर्सियाँ— चलो अब शुरू करते हैं यह सांस्कृतिक कार्यक्रम कुछ लोग और अंदर आ गए शायद बारिश पड़ने लगी है बाक़ी सभी कवि के सगे-सं

16 मार्च 2025

रविवासरीय : 3.0 : कभी-कभी लगता है कि गोविंदा भी कवि है

रविवासरीय : 3.0 : कभी-कभी लगता है कि गोविंदा भी कवि है

• यहाँ प्रस्तुत मज़मून लगभग चार वर्ष पुराना है, लेकिन इसके नायक से संबंधित समाचार रोज़-रोज़ कुछ इस क़दर आते हैं कि यह रोज़-रोज़ नया होता जाता है! • गत वर्ष के एक अक्टूबर की सुबह पाँच बजे के आस-पास छह गो

11 मार्च 2025

मैं काली हूँ! काली हूँ, काली!

मैं काली हूँ! काली हूँ, काली!

यह भी ब्लैक हिस्ट्री का एक चमकदार अध्याय है। 2 फ़रवरी 2025 की रात कैलिफ़ोर्निया में अफ़्रीकन-अमेरिकन सिंगर-डांसर बियोन्से नोल्स को कंट्री म्यूज़िक कैटेगरी में ‘काउबॉय कार्टर’ के लिए ग्रैमी का ‘एलबम ऑफ़ द