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Valentine's Day पर ‘हिन्दवी’ लेकर आया है ‘प्रेमयोग’

प्रेम जिसे परिभाषित करना जितना कठिन है, उतना ही सहज है उसे महसूस करना। इसी अनकही, अनंत और अदृश्य अनुभूति को शब्दों में सँजोने का प्रयास है—प्रेमयोग। वैलेंटाइंस डे के अवसर पर प्रस्तुत यह विशिष्ट संकलन विश्व साहित्य की 50 चुनिंदा प्रेम-कविताओं का हिंदी अनुवाद है। इन कालजयी प्रेम-कविताओं का यह अद्वितीय संकलन एक ऐसा सेतु है जो महाद्वीपों, भाषाओं और संस्कृतियों को जोड़ता है।

इस संकलन में प्रेम केवल रूमानी भाव नहीं, बल्कि जीवन की जटिलताओं, प्रश्नों और आत्मस्वीकृतियों का भी दस्तावेज़ बनकर उभरता है। यहाँ माया एंजेलो की आत्मविश्वासी पुकार ‘आओ और मेरे हो जाओ’ है, तो फ़्रैंक ओ’हारा की सहज और जीवंत कविता ‘तुम्हारे साथ कोक पीना’ का शहरी प्रेम भी। मैरी ऑलिवर की ‘जंगली कलहंस’ में आत्मा की स्वतंत्रता है, जबकि लुईस ग्लुक के ‘चौराहा’ में संबंधों की दुविधा और आत्ममंथन।

टेड ह्यूज़ और मार्गरेट एटवुड जैसे प्रतिष्ठित कवियों की कविताएँ प्रेम के तीखे और विचारोत्तेजक आयाम खोलती हैं, वहीं रीटा डव और म्यूरियल रुकेज़र के शब्दों में दिल से दिल तक पहुँचने की कोमलता है। नाज़िम हिकमत की पंक्तियाँ हमें याद दिलाती हैं कि जिन चीज़ों से हम प्रेम करते हैं, अक्सर उनका बोध हमें देर से होता है।

‘प्रेमयोग’ की विशेषता इसकी विविधता है। इसमें अफ़्रीका के चिनुआ अचेबे का प्रेम-गीत है, जमैका के केई मिलर का आत्मसंवाद, दक्षिण कोरिया के को उन का हिम-पथ, और कैरिबियाई स्वर के रूप में लिंटन क्वेसी जॉनसन की लयात्मक संवेदना। स्त्री-अनुभवों की तीव्रता और साहस भी यहाँ मुखर हैं—वारसन शायर, कुट्टी रेवती, किम ह्ये-सून और नीना कासियान जैसी कवयित्रियों की कविताएँ प्रेम को एक नए दृष्टिकोण से देखती हैं।

इस संकलन का चयन और अनुवाद नई पीढ़ी के सुपरिचित कवि-लेखक-अनुवादक शायक आलोक ने किया है। उन्होंने मूल कविताओं की आत्मा को सुरक्षित रखते हुए हिंदी में ऐसी अभिव्यक्ति दी है; जो न केवल सटीक है, बल्कि संवेदनात्मक रूप से भी समृद्ध है। अनुवाद यहाँ मात्र भाषा का परिवर्तन नहीं, बल्कि संस्कृतियों के बीच संवाद की एक सृजनात्मक प्रक्रिया है।

‘प्रेमयोग’ शीर्षक अपने आप में गहरा संकेत है—प्रेम का योग, अर्थात् मिलन; शब्द और भावना का योग; पाठक और कवि का योग। यह संग्रह बताता है कि प्रेम केवल दो व्यक्तियों के बीच नहीं, बल्कि मनुष्य और प्रकृति, स्मृति और वर्तमान, देह और आत्मा के बीच भी घटित होता है।

वैलेंटाइंस डे पर जब प्रेम को अक्सर केवल उपहारों और संदेशों तक सीमित कर दिया जाता है, तब ‘प्रेमयोग’ उसे एक गंभीर, साहित्यिक और चिंतनशील आयाम प्रदान करता है। यह प्रेम को उत्सव से आगे ले जाकर साधना का रूप देता है—एक ऐसी साधना, जो हमें अधिक संवेदनशील, अधिक मानवीय और अधिक जागरूक बनाती है।

यदि आप इस प्रेम-दिवस पर शब्दों के माध्यम से कुछ अद्वितीय अनुभव चाहते हैं, तो ‘प्रेमयोग’ आपके लिए एक अनुपम साहित्यिक उपहार है—एक ऐसा संकलन, जो समय, भाषा और सीमाओं से परे जाकर प्रेम की सार्वभौमिक धड़कन सुनाता है।

इस प्रेम-दिवस पर आप इन कविताओं को अपने प्रियजनों के साथ साझा कर सकते हैं—उन्हें पढ़कर सुनाएँ, किसी विशेष कविता की पंक्तियाँ संदेश में भेजें। शब्दों के माध्यम से व्यक्त किया गया प्रेम अक्सर सबसे सच्चा और स्थायी होता है।



‘हिन्दवी’ की विशेष प्रस्तुति : ‘प्रेमयोग’ यहाँ पढ़िए : विश्व साहित्य से 50 चुनिंदा प्रेम-कविताएँ

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