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स्वराज विद्यापीठ, प्रयागराज में हुई माइम प्रस्तुति और कार्यशाला

17 नवंबर 2024 को स्वराज विद्यापीठ, प्रयागराज में यूनिवर्सिटी थिएटर द्वारा आयोजित 20 दिवसीय उत्पादन आधारित कार्यशाला का भव्य समापन माइम (मूक अभिनय) प्रदर्शन के साथ हुआ। यह प्रस्तुति शहर के कलाप्रेमियों के लिए एक अद्वितीय अनुभव रही, जिसमें कलाकारों ने शब्दों के बिना केवल हाव-भाव, शारीरिक भाषा और भावनाओं के माध्यम से अपनी कहानी प्रस्तुत की।

कार्यशाला का निर्देशन मशहूर थिएटर आर्टिस्ट और प्रशिक्षक प्रत्यूष वर्सने (रिशु) द्वारा किया गया। प्रत्यूष वर्सने ने प्रतिभागियों को माइम की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने इस कला के तकनीकी और रचनात्मक पहलुओं को सिखाते हुए कलाकारों को अपने प्रदर्शन कौशल को निखारने का अवसर प्रदान किया।

कार्यशाला के अंतिम दिन प्रस्तुत की गई माइम प्रस्तुति ने सामाजिक और व्यक्तिगत विषयों को ख़ूबसूरती से प्रस्तुत किया। प्रस्तुति में हर किरदार के भावों और हर दृश्य की सहजता ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। इस मौक़े पर यूनिवर्सिटी थिएटर के संचालक ने कहा, “माइम थिएटर कला की एक ऐसी विधा है, जो बिना किसी शब्दों के गहन प्रभाव डाल सकती है। प्रत्युष वर्सनेय जैसे अनुभवी और प्रतिभाशाली प्रशिक्षक ने इस कार्यशाला को अद्वितीय बना दिया है। उनके निर्देशन में प्रतिभागियों ने अपनी कला में एक नया आयाम जोड़ा है।” 

प्रत्यूष वर्सने ने कहा, “माइम एक ऐसी कला है, जो हमें हमारे भीतर की भावनाओं को व्यक्त करने का सबसे सशक्त माध्यम प्रदान करती है। इस कार्यशाला में प्रतिभागियों का जोश और समर्पण देखकर मैं अत्यंत प्रभावित हूँ। यह अनुभव न केवल उनके लिए बल्कि मेरे लिए भी यादगार रहा।”

प्रस्तुति में मुख्य रूप से शानू, अमित, साक्षी, प्राची, श्रेया अंजली, ममता, दीक्षा और मानसी ने भाग लिया। संगीत संचालन शिवम् दीक्षित ने किया। कार्यशाला और प्रस्तुति में शहर के युवा कलाकारों और रंगमंचप्रेमियों ने भाग लिया। इस पहल ने प्रयागराज के सांस्कृतिक परिदृश्य को समृद्ध करने और मूक अभिनय के प्रति नई जागरूकता का संचार करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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