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सफलता पर उद्धरण

सफलता-असफलता जीवन-प्रसंगों

से संबद्ध एक प्रमुख विषय है। समाज ने सफलता-असफलता के कई मानदंड तय कर रखे हैं जो इहलौकिक भी हैं और आध्यात्मिक-दार्शनिक भी। कविताओं में भी इस विषय पर पर्याप्त अभिव्यक्तियाँ पाई जाती हैं।

एक सफल विवाह में ऐसा कभी नहीं होता कि सभी अधिकार सिर्फ़ एक तरफ़ हैं, और सारी आज्ञाकारिता दूसरी तरफ। अगर कहीं ऐसा है तो वह एक असफल विवाह है और उससे दोनों को ही मुक्ति मिलनी चाहिए।

जॉन स्टुअर्ट मिल

हे राजा! धन से धर्म का पालन, कामना की पूर्ति, स्वर्ग की प्राप्ति, हर्ष की वृद्धि, क्रोध की सफलता, शास्त्रों का श्रवण और अध्ययन तथा शत्रुओं का दमन—ये सभी वही कार्य सिद्ध होते हैं।

वेदव्यास

सफलता वह जगह है जो एक व्यक्ति अख़बार में घेरता है।

एलायस कनेटी

जहाँ सफलता ही सत्य के प्रयोग की कसौटी होगी; वहाँ जीवन-दृष्टि नितांत व्यवहारवादी (Pragmatic) होगी, और दर्शन के अध्येता जानते हैं कि व्यवहारवाद से सत्य की प्राप्ति असंभव है।

नामवर सिंह

अनंत धैर्य, अनंत पवित्रता तथा अनंत अध्यवसाय—सत्कार्य में सफलता के रहस्य हैं।

स्वामी विवेकानन्द

कभी भी किसी सफल व्यक्तित्व की नक़ल करने की कोशिश करें।

ब्रूस ली

नारी की सफलता पुरुष को बाँधने में है, सार्थकता उसे मुक्ति देने में।

हजारीप्रसाद द्विवेदी

यदि मनुष्य यथाशक्ति किसी धर्म-कार्य को करते हुए भी उसमें सफलता पा सके तो भी उसे उसका पुण्य अवश्य प्राप्त हो जाता है, इसमें मुझे संदेह नहीं है।

वेदव्यास

सफलता एक दिन की निर्लज्जता है।

एलायस कनेटी

हर सफलता के पीछे आत्मसमर्पण छुपा हुआ है।

सिमोन द बोउवार

विफलता में भी एक निराला ही विषण्ण सौंदर्य होता है।

आचार्य रामचंद्र शुक्ल

जो जितना ही सफल और प्रतिष्ठित है, वह मेरे लिए उतनी ही बड़ी अपौरुषेय हस्ती बन जाता है जिसके मंदिर का गर्भ-गृह तो दूर की बात है, उसकी चहारदीवारी के दर्शन से भी मुझे विरक्ति होती है।

श्रीलाल शुक्ल

व्यक्तिगत सफलता के लिए जिसे 'नीति' कहते हैं, सामाजिक आदर्श की सफलता का साधक होकर वह 'धर्म' हो जाता है।

आचार्य रामचंद्र शुक्ल

महाराज! यह कर्म यदि अभिमानपूर्वक किया जाए तो सफल नहीं होता। त्यागपूर्वक किया हुआ कर्म महान फलदायक होता है।

वेदव्यास

धूमिल का ख़ुद सफल बनने में और अपेक्षाकृत सफल लोगों के नज़दीक आने में यक़ीन था।

श्रीलाल शुक्ल

संसार में जिन लोगों को अत्यधिक श्रद्धा की दृष्टि से देखा गया है, वे दुःख के अवतार होते हैं। सुख-चैन में जीवन बितानेवाले लक्ष्मी के दास कभी पूजनीय नहीं हुए, और भविष्य में होंगे।

रवींद्रनाथ टैगोर

सफलता होगी ही, ऐसा मन में दृढ़ विश्वास कर, सतत विषाद-रहित होकर तुझे उठना चाहिए, सजग होना चाहिए और ऐश्वर्य की प्राप्ति कराने वाले कार्यों में लग जाना चाहिए।

वेदव्यास

काम का अंदाज़ा यह है कि इस मुल्क में ऐसे कितने लोग हैं—जिनकी आँखों से आँसू बहते हैं, उनमें से कितने आँसू हमने पोंछे, कितने आँसू हमने कम किए। वह अंदाज़ा है इस मुल्क की तरक़्क़ी का, कि इमारतें जो हम बनाएँ, या कोई शानदार बात जो हम करें।

जवाहरलाल नेहरू

अगर इनसान पैसे और शोहरत का मोह छोड़ दे तो वह ख़तरनाक हो जाता है, कोई उसे बरदाश्त नहीं कर पाता, सब उससे दूर भागते हैं, या उसे पैसा और शोहरत देकर फिर मोह के जाल में फाँस लेना चाहते हैं।

कृष्ण बलदेव वैद

सफलता और चरितार्थ में अंतर है।

हजारीप्रसाद द्विवेदी

यह ऐसी शिक्षा है जिस पर तुम्हें ध्यान देना चाहिए, प्रयत्न करो, प्रयत्न करो, पुनः प्रयत्न करो। यदि पहली बार में तुम सफल नहीं होते, तो प्रयत्न करो, प्रयत्न करो, पुनः प्रयत्न करो।

विलियम एडवर्ड हिकसन

हमारे समाज का सुधार हमारी अपनी भाषा से ही हो सकता है। हमारे व्यवहार में सफलता और उत्कृष्टता भी हमारी अपनी भाषा से हो जाएगी।

महात्मा गांधी

जिस उपन्यास को समाप्त करने के बाद पाठक अपने अंदर उत्कर्ष का अनुभव करे, उसके सद्भाव जाग उठें, वही सफल उपन्यास है।

प्रेमचंद

असीम आस्था और शक्ति ही सफलता की एकमात्र शर्तें हैं।

स्वामी विवेकानन्द

चेष्टा करो, दुःख करो, कातर मत हो जाओ, सफलता आएगी ही।

श्री श्रीठाकुर अनुकूलचन्द्र

हे भारत! पुरुषार्थ करने पर भी यदि सिद्धि प्राप्त हो तो खिन्न नही होना चाहिए, क्योंकि फल-सिद्धि में पुरुषार्थ के अतिरिक्त भी प्रारब्ध तथा ईश्वर कृपा दो अन्य कारण हैं।

वेदव्यास

हमें कठिनाइयों को मानना चाहिए, उनका विश्लेषण करना चाहिए और उनके विरुद्ध संघर्ष करना चाहिए। जगत में सीधे मार्ग कहीं नहीं हैं, हमें टेढ़े-मेढ़े मार्ग तय करने के लिए तैयार रहना चाहिए तथा मुफ़्त में सफलता प्राप्त करने का प्रयत्न नहीं करना चाहिए।

माओ ज़ेडॉन्ग

कार्य की सफलता का मूल कारण है उत्तम उद्योग। उद्योग के बिना कोई भी सिद्धि नहीं होती है। उद्योग से ही सब समृद्धियों का उदय होता है और जहाँ उद्योग नहीं है, वहाँ पाप ही पाप है।

अश्वघोष

मूर्खों की सफलताओं की अपेक्षा बुद्धिमानों की ग़लतियाँ अधिक मार्गदर्शक होती हैं।

विलियम ब्लेक

परस्पर विरोधिनी लक्ष्मी और सरस्वती का, एक ही स्थान पर कठिनता से पाया जाने वाला मेल सत्पुरुषों की उन्नति करने वाला हो।

कालिदास

परिश्रम ही हर सफलता की कुंजी है और वही प्रतिभा का पिता है।

कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर

अपनी उन्नति छह प्रकार की होती है। अपनी वृद्धि, मित्र की वृद्धि और मित्र के मित्र की वृद्धि तथा शत्रु पक्ष में इसके विपरीत स्थिति अर्थात् शत्रु की हानि, शत्रु के मित्र की हानि तथा शत्रु के मित्र के मित्र की हानि।

वेदव्यास

प्रतिभा जाति पर निर्भर नहीं है। जो परिश्रमी है, वही प्राप्त करता है।

शाह अब्दुल लतीफ़ भिटाई

उत्थान के भीतर से पतन का विष बराबर निकला है।

लक्ष्मीनारायण मिश्र

विपदा को धोखा देकर और परास्त कर; सफलता-लक्ष्मी लाभ करो—विपदा जिससे तुम्हें सफलता से वंचित करे।

श्री श्रीठाकुर अनुकूलचन्द्र

तुम लता का स्वभाव अवलंबन करो, और आदर्शरूपी वृक्ष को लिपट कर धरो—सिद्धकाम होगे।

श्री श्रीठाकुर अनुकूलचन्द्र

निर्भर करो और साहस सहित अदम्य उत्साह से काम करते जाओ। लक्ष्य रखो, तुमसे तुम्हारा अपना और दूसरे का किसी प्रकार अमंगल हो। देखोगे, सौभाग्यलक्ष्मी तुम्हारे घर में बंधी रहेगी।

श्री श्रीठाकुर अनुकूलचन्द्र

अगर कामयाबी ग़लत और ग़ैर-वााजिब तरीक़ों से मिलती है, तो उस कामयाबी की साख ख़त्म हो जाती है।

जवाहरलाल नेहरू

सत्य पर दृढ़ रहो और हम अवश्य सफल होंगे, भले ही धीरे-धीरे, लेकिन निश्चित रूप से।

स्वामी विवेकानन्द

आत्मविश्वास सफलता का प्रथम रहस्य है।

राल्फ़ वाल्डो इमर्सन

यदि क्रांति सफल हो पाए तो इतिहासकार उसे 'विप्लव' और 'विद्रोह' के संबोधन प्रदान कर देता है। वस्तुतः सफल विद्रोह ही क्रांति कहलाता है।

विनायक दामोदर सावरकर

मैं आज सफल हूँ, क्योंकि मेरे पास एक ऐसा दोस्त था जिसने मुझ पर यक़ीन किया और मुझमें हिम्मत थी कि मैं उसे निराश कर सकूँ।

अब्राहम लिंकन

जो मुझसे नहीं हुआ, वह मेरा संसार नहीं।

श्रीकांत वर्मा

कामयाबी तभी मिलती है, जब आप खेल को रणनीति बना कर खेलें, लगातार सीखते रहें और उस सीख पर अमल करते रहें।

साइमन गिलहम

सारी संभावनाएँ स्थापित होने पर ख़त्म हो जाती हैं।

ऋतुराज

काम-भावना के सफल होने पर भी दोनों की परस्पर अभिलाषा प्रेम उत्पन्न करती है।

कालिदास

सफल होना मेरे लिए संभव नहीं है। मेरे लिए केवल संभव है—होना।

राजकमल चौधरी

जब तक विद्वान संतुष्ट हो जाएँ तब तक मैं अपने अभिनय कौशल को सफल नहीं समझता।

कालिदास

युद्ध सफलता से तभी लड़ा जा सकता है जब उसका सही कारण जनता को मालूम हो।

हरिशंकर परसाई

निष्काम होकर नित्य पराक्रम करने वालों की गोद में उत्सुक होकर सफलता आती ही है।

भारवि