चीज़ें पर उद्धरण
कविता के भाव में कहें
तो चीज़ें वे हैं जिनसे हमारी दुनिया बनती है और बर्बाद भी होती है। यहाँ प्रस्तुत है चीज़ों की उपस्थिति-अनुपस्थिति को दर्ज करती कविताओं का यह व्यापक चयन।


कोई कुछ भी कहे, जीवन में सबसे महत्त्वपूर्ण चीज़ ख़ुश रहना है।

जब पेंटिंग की बात आती है तो सबसे महत्त्वपूर्ण चीज़ों में से एक है—सही समय पर रुकने में सक्षम होना और यह जानना कि कोई तस्वीर क्या कह रही है, वह क्या कह सकती है। अगर आप बहुत लंबे समय तक लगे रहते हैं तो अक्सर तस्वीर बर्बाद हो जाएगी।

ज़रूरी चीज़ यह है कि जब तलवार तुम्हारी आत्मा के टुकड़े करे, मन को शांत बनाए रखा जाए, रक्तस्राव नहीं होने दिया जाए, तलवार की ठंडक को पत्थर की-सी शीतलता से स्वीकार किया जाए। इस तरह के प्रहार से, प्रहार के बाद तुम अक्षर बन जाओगे।


जो चीज़ हमें एक साथ बाँधती है, वह यह है कि हम दोनों ने जीवन के प्रति अपनी उम्मीदें कम कर दी हैं।

हर किसी के अंदर एक गहरी लालसा होती है। हम हमेशा किसी न किसी चीज़ के लिए लालायित रहते हैं और हम मानते हैं कि हम जिस चीज़ के लिए लालायित रहते हैं वह यह या वह है, यह व्यक्ति या वह व्यक्ति, यह चीज़ या वह चीज़ है; लेकिन वास्तव में हम ईश्वर के लिए लालायित रहते हैं, क्योंकि मनुष्य सतत प्रार्थना है। व्यक्ति अपनी लालसा के माध्यम से एक प्रार्थना है।

अल्प ज्ञान ख़तरनाक वस्तु है।

कोई भी वस्तु इतनी अच्छी नहीं होती जितनी पहले प्रतीत होती है।

मैं अनावश्यक चीज़ों को छोड़ दूँगी, मैं अपना धन दे दूँगी, मैं अपने बच्चों के लिए अपनी जान दे दूँगी; लेकिन मैं ख़ुद को नहीं दूँगी।

जो चीज़ जैसे मिले उसे वैसे स्वीकारो। जब लगे सबक़ देना है, सबक़ दो। जब लगे दंड देना है, दंड दो।

मनुष्य किसी भी चीज़ से उतना नहीं डरता जितना कि अज्ञात के स्पर्श से।

केवल एक चीज़ ने उसे ख़ुश किया और अब जब वह चीज़ चली गई तो हर चीज़ ने उसे ख़ुश कर दिया।

प्यार ही जीवित रहने का एकमात्र साधन है।

सरल होना कोई छोटी बात नहीं है।

चीज़ों को सहना ही तुम्हारा सबसे अच्छा काम है। अपने दाँत पीसकर उन्हें सह लेना।

लोग केवल तभी झूठ बोलते हैं, जब कोई ऐसी चीज़ होती है जिसे खोने का उन्हें बहुत डर होता है।

हर चीज़ को समझने की कोशिश करने से, हर चीज़ मुझे सपने दिखाने लगती है।

ख़ूबसूरत चीज़ें कुछ नहीं बिगाड़तीं।

तुम ख़रीदते हो फ़र्नीचर। दुहराते हो ख़ुद से कि आख़िरी होगा यह सोफ़ा जिसकी ज़रूरत है इस जीवन में। अगले कुछ वर्षों तक तुम संतुष्ट रहते हो कि जो भी गुज़रे, सोफ़े के सवाल को तुमने सुलझा लिया। और फिर बर्तन, एक बढ़िया बिस्तर, पर्दे और तुम ग़ुलाम हो जाते हो अपने ही हसीन घोंसले के। वे वस्तुएँ जिनके तुम मालिक बनने निकले थे, अब तुम्हारी मालिक हैं।

जब हम अतीत के बारे में सोचते हैं, तब हम सुंदर चीज़ों को चुनते हैं। हम विश्वास करना चाहते हैं कि सब कुछ ऐसा ही था।

हर चीज़ के लिए समर्पित रहो, हृदय खोलो, ध्यान देकर सुनो।

और एक दिन ऐसा आएगा जब उन सभी चीज़ों का कोई निशान नहीं रहेगा जिसने मेरे जीवन को उलझाया और मुझे दुखी किया।

बेहतर ज़िंदगी का नुस्ख़ा ज़्यादा की चिंता में नहीं है; फ़ालतू चीज़ों पर ध्यान देने में है, सिर्फ़ वास्तविक और उस समय के लिए ज़रूरी बात पर ही ध्यान दिया जाना चाहिए।

मेरा मानना है कि कुछ ऐसे लोग हैं जिनमें चीज़ों को आपस में मिलाकर उन्हें पुनर्जीवित करने की ताक़त होती है।

बहुत पहले ही मैं यह समझ गया था कि इस पृथ्वी पर ऐसी कोई चीज़ नहीं है, जिसमें संभावित नर्क के बीज न हों; एक चेहरा, एक शब्द, एक कम्पास या एक सिगरेट का विज्ञापन, जैसी चीज़ें मनुष्य को पागल बनाने में सक्षम हैं; अगर वह उन्हें भूल नहीं पाए।

शरीर कोई चीज़ नहीं, बल्कि एक स्थिति है : यह दुनिया पर हमारी पकड़ है और हमारी योजना की रूपरेखा है।

किसी भी चीज़ को अगर आप काफ़ी देर तक देखते रहें तो वह दिलचस्प हो जाती है।

चीज़ों को देर तक देखना तुम्हें परिपक्व बनाता है और उनके गहरे अर्थ समझाता है।

हे भगवान! दार्शनिक को सभी व्यक्तियों की आँखों के सामने रखी वस्तुओं को देखने की अंतर्दृष्टि प्रदान कर।

कृपया याद रखें : चीज़ें वैसी नहीं हैं, जैसी वे दिखती हैं।

चीज़ें इस यक़ीन से आगे बढ़ती हैं कि वे बनी रहेंगी।

सिर्फ़ दो ही चीज़ें हैं—सत्य और असत्य।


एक बहुत महत्त्वपूर्ण चीज़ यह है कि ऐसा मन न बना लें कि आप कोई भी एक चीज़ हैं।


चीज़ों पर हम दबाव न डालें, हर चीज़ को अपने मुक़र्रर वक़्त पर आने दें, अपने निराले तरीक़े से, अपनी लयों को हमारी लयों में विलीन करते हुए।

काम करने का अर्थ हड़बड़ी में ढेर सारा कुछ करना, या इससे भी अधिक, कई बार करना नहीं : इसका अर्थ है अद्वितीय, अत्यंत पूर्णता लिए हुए चीज़ों का सृजन करना।

रुचि वस्तुओं को स्वीकार्य बना देती है।

कभी-कभी चीज़ें एक कोमलता प्राप्त कर लेती हैं, ऐसी राक्षसी कोमलता जिसकी हम उनसे उम्मीद नहीं रखते हैं।

मैं तुम्हें जो कुछ भी बताता हूँ, वह किसी और चीज़ का बहाना है।

वे तमाम चीज़ें जिन्हें हम भूल जाते हैं, सपनों में मदद के लिए चिल्लाती हैं।

अगर आप किसी और चीज़ के लिए एक को छोड़ते हैं, तो लय बदलिए… और उन तूफ़ानी लयों से सचेत रहिए जो हमें खींचकर नीचे घसीटे लिए जाती हैं।

जो तुम नहीं जानते वही एकमात्र चीज़ है जो तुम जानते हो।

मानव-दृष्टि में वस्तुओं को प्रेय बनाने की सामर्थ्य है, यद्यपि यह सच ही है कि इसी कारण वस्तुएँ बहुमूल्य भी बन जाती हैं।

हर चीज़ की जड़—चित्र है।

आप भले ही कुदाल को कुदाल कहना पसंद करते हों, लेकिन कुदाल हमेशा किसी और चीज़ का प्रतीक है।

मनोहारी वस्तु सुंदर नहीं हो सकती।

आदर्श लेखन जैसी कोई चीज़ नहीं होती है, ठीक वैसे ही जैसे पूर्ण निराशा जैसी कोई चीज़ नहीं होती है।

कुछ चीज़ें जिन्हें मैं प्यार करती थी ग़ायब हो गई हैं। मुझे और बहुत-सी चीज़ें दे दी गई हैं।