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व्यक्तिगत पर उद्धरण

एक बार जब बुराई व्यक्तिगत हो जाती है, रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन जाती है तो उसका विरोध करने का तरीक़ा भी व्यक्तिगत हो जाता है। आत्मा कैसे जीवित रहती है? यह आवश्यक प्रश्न है। और उत्तर यह है : प्रेम और कल्पना से।

अज़र नफ़ीसी

जो लोग निर्णय लेते हैं उन्हें किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व के सभी पहलुओं को ध्यान में रखना चाहिए।

अज़र नफ़ीसी

व्यक्तिगत सुख विश्व वेदना में घुल कर जीवन को सार्थकता प्रदान करता है और व्यक्तिगत दुःख विश्व के सुख में घुल कर जीवन को अमरत्व।

महादेवी वर्मा

यह जगत का निजी अनुभव है कि आधी छटाँक-भर आचरण का जितना फल होता है उसका मन-भर भाषणों अथवा लेखों का नहीं होता।

महात्मा गांधी

हम जब अपने निजी जीवन से संबंधित किसी प्रसंग की चर्चा करते हैं, तब उसे हम उस दृष्टि से देखते हैं, जिस प्रकार कोई माँ अपने पुत्र को देखती है।

अवनींद्रनाथ ठाकुर

अभिमान एक व्यक्तिगत गुण है, उसे समाज के भिन्न-भिन्न व्यवसायों के साथ जोड़ना ठीक नहीं।

आचार्य रामचंद्र शुक्ल

डरावनी बात यह है कि जो लोग अपने निजी दायरे में पागलपन करते हैं, वे सार्वजनिक रूप से बिल्कुल ही मासूम और सहज भाव भंगिमा के साथ हो सकते हैं।

अकीरा कुरोसावा

ईर्ष्या व्यक्तिगत होती है और स्पर्द्धा वस्तुगत।

आचार्य रामचंद्र शुक्ल

वैर का आधार व्यक्तिगत होता है, घृणा का सार्वजनिक।

आचार्य रामचंद्र शुक्ल

निहायत वैयक्तिक प्रयोजन से ही पीड़ित रहने वाले की उदासी रचनात्मक ऊर्जा को निरंतर चबाती रहती है।

कृष्ण बिहारी मिश्र

वैयक्तिकता ऐसी चीज़ है जो विभाज्य नहीं है, जिसे खंडित नहीं किया जा सकता।

जे. कृष्णमूर्ति

व्यवसायी के नाते मैं जानता हूँ कि टेलीविज़न अब तक बने माध्यमों में सबसे समर्थ विज्ञापन-माध्यम है, और मैं अपनी अधिकांश जीविका इसी से अर्जित करता हूं। किंतु, व्यक्तिगत तौर पर यदि मुझे व्यापारिक व्यवधानों के बिना टेलीविज़न देखने का विशेषाधिकार मिले तो मैं उसके लिए प्रसन्नतापूर्वक धन दूँगा।

डेविड ओगिल्वी