राजकमल चौधरी के उद्धरण

स्त्री को पाकर, स्त्री को समझकर, उसे अपनी बाँहों और आत्मा में महसूस करके ही प्रकृति की गति और प्रकृति की सुंदरता को और प्रकृति के रहस्य को लिया, भोगा और समझा जा सकता है।


लेखक—जो कोई भी सही अर्थ में आधुनिक है और बुद्धिजीवी है, उसे अपने जीवन और अपने समाज के हर मोर्चे पर पूरी सचाई, पूरी ईमानदारी के साथ पक्षधर होकर, क्रांतिकारी होकर, अपने वर्ग, अपने समूह, अपने जुलूस का मुखपात्र, प्रवक्ता होकर सामने आना होगा—उसे आख़िरी क़तार में सिर झुकाए हुए खड़े रहना नहीं होगा।
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया

मैं कोई मतदान नहीं करूँगा। कर नहीं चुकाऊँगा। किसी पंक्ति में खड़े होकर क्यू नहीं बनाऊँगा। कोई उपाधि, सम्मान, लाइसेंस, बीमा, पासपोर्ट, परमिट, पद या पोर्टफ़ोलियों नहीं लूँगा। मैं सामाजिक सुरक्षा नहीं चाहता। बहीखाते ढोने और औरों के लिए कंधे पर बंदूक़ें ढोने और गोली चलाने के बजाय मैं जंगलों और गुफाओं में चला जाऊँगा…।
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया

यश-प्रतिष्ठा और रचना का मूल्य अच्छा लिखने से नहीं, यश और मूल्य देने वाले लोगों की इच्छा के अनुसार लिखने से मिलता है।
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया

मैं स्वयं को असफल मनुष्य, असफल कवि, असफल पशु, असफल देवता और असफल ब्रह्मराक्षस मानता हूँ। सफल होना मेरे लिए संभव नहीं है। मेरे लिए केवल संभव है—होना।
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया

मेरे लेखक के लिए सबसे बुरी बात यह रही कि अपने समकालीन अधिकांश लेखकों से अर्थात उनकी निजी ज़िंदगी से मेरा व्यक्तिगत संपर्क रहा है।
-
संबंधित विषय : जीवन
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया


मनुष्य होना मेरी नियति थी, और लेखक मैं स्वेच्छा से, अर्जित प्रतिभा और अर्जित संस्कारों से हुआ हूँ।
-
संबंधित विषय : मनुष्य
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया

कविता का संगीत शब्द-ध्वनि का संगीत नहीं है, अर्थ-संकेत (इसे रीतिकालीन ‘अर्थ-संकेत’ के अर्थ में ग्रहण नहीं किया जाए) और अर्थ-विस्तार का संगीत है।
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया


शरीर के महत्व को, अपने देश के महत्व को समझने के लिए बीमार होना बेहद ज़रूरी बात है।
-
संबंधित विषय : देह
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया



कविता हमारे लिए भावनाओं का माया-जाल नहीं है। जिनके लिए कविता ऐसी थी, वे लोग बीत चुके हैं।
-
संबंधित विषय : कविता
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया

अव्यवस्था का यथार्थ ही नहीं, व्यवस्था की कल्पना भी अपने आपमें अव्यवस्था ही है।
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया

कवियों का स्थान निर्धारण या मूल्यांकन मैंने कभी नहीं किया। कभी कर पाऊँगा भी नहीं, क्योंकि ‘सफल’, ‘समर्थ’ अथवा ‘महान’ होने को मैं कोई महत्व नहीं देता। मैं महत्व देता हूँ ‘प्रिय’ होने को। और ज़रूरी नहीं है कि जो कवि मुझे प्रिय हो, वही कवि आपको भी प्रिय हो। मुझे तो निश्चय ही राजकमल चौधरी सबसे अधिक प्रिय कवि हैं। निराला के बाद इतना प्रिय कवि राजकमल चौधरी के लिए दूसरा हिंदी में नहीं हुआ, अब होगा भी नहीं।
-
संबंधित विषय : कवि
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया

प्रकृति, आदर्श, जीवन-मूल्य, परंपरा, संस्कार, चमत्कार—इत्यादि से मुझे कोई मोह नहीं है।



परिश्रम और प्रतिभा आप-ही-आप आदमी को अकेला बना देती है।
-
संबंधित विषय : अकेलापन
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया

शरीर के महत्त्व को, अपने देश के महत्त्व को समझने के लिए बीमार होना बेहद ज़रूरी बात है।
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया

मेरी कविता की इच्छा और मेरी कविता की शब्दावली, मेरी अपनी इच्छा और मेरी अपनी शब्दावली है।
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया





सफल होना मेरे लिए संभव नहीं है। मेरे लिए केवल संभव है—होना।
-
संबंधित विषय : सफलता
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया

मैं महत्त्व देता हूँ—‘प्रिय’ होने को। और ज़रूरी नहीं है कि जो कवि मुझे प्रिय हो, वही कवि आपको भी प्रिय हो।
-
संबंधित विषय : कवि पर कवि
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया






ज्ञान अपनी संपूर्णता में प्रकृतिगत छल है—संबल है, हम सबका एक मात्र अज्ञान।
-
संबंधित विषय : ज्ञान
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया

राजनीति बुरी बात नहीं है। बुरी बात है राजनीति की कविता।
-
संबंधित विषय : राजनीति
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया

मनुष्य होना मेरी नियति थी, और लेखक मैं स्वेच्छा से, अर्जित प्रतिभा और अर्जित संस्कारों से हुआ हूँ।
-
संबंधित विषय : सृजन
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया

कविता-भंगिमाओं से मुक्ति का प्रयास ही कविता है, सुर्रियलिस्टों की यह बात मुझे स्वीकार न हो, पसंद ज़रूर आई है।
-
संबंधित विषय : कविता
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया


अव्यवस्था का यथार्थ ही नहीं, व्यवस्था की कल्पना भी अपने आपमें अव्यवस्था ही है।
-
संबंधित विषय : राजनीति
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया

शून्य में भी कविता अपने शरीरी और अशरीरी व्यक्तित्व का स्थापन और प्रसार करती है।
-
संबंधित विषय : कविता
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया

कविता हमारे लिए भावनाओं का मायाजाल नहीं है। जिनके लिए कविता ऐसी थी, वे लोग बीत चुके हैं।
-
संबंधित विषय : कविता
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया


आत्महत्या को मैं मुक्ति की प्रार्थना कहता हूँ, अपराध या पलायन नहीं मानता।
-
संबंधित विषय : आत्महत्या
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया


राजनीति किसी भी ‘मूल्य’ और किसी भी ‘संस्कार’ पर विश्वास नहीं करती है।
-
संबंधित विषय : राजनीति
-
शेयर
- सुझाव
- प्रतिक्रिया