आधुनिक काल

सन् 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के बाद आधुनिक चेतनायुक्त मानस निर्मित हुआ, जिसे पुनर्जागरण ने और प्रबल किया। गद्य की मुकम्मल शुरुआत हुई, कविता की विषयवस्तु में आमूलचूल परिवर्तन हुए और कविता अभिव्यक्ति के वर्जित कोनों तक पहुँची। इस काल में ही—जो अब जारी है—प्रयोगों और विमर्शों के बीच साहित्य का संवाद संसार के अग्रगामी विचारों और परिवर्तनों से हुआ।

नई पीढ़ी की कवयित्री। स्त्रीवादी विचारों के लिए उल्लेखनीय।

समादृत कवि-कथाकार-अनुवादक और संपादक। भारतीय ज्ञानपीठ से सम्मानित।

हिंदी के प्रसिद्ध कवि-लेखक और संपादक। हरिवंश राय बच्चन से निकटता के लिए भी चर्चित

1933 -2017 लखनऊ

सामाजिक-राजनीतिक आलोचना के प्रखर कवि-ग़ज़लकार।

1947 -2011 गोंडा

सुपरिचित कवि। आदिवासी संवेदना-सरोकारों के लिए उल्लेखनीय। भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार और साहित्य अकादेमी के युवा पुरस्कार से सम्मानित।

इस सदी में सामने आईं कवयित्री। स्त्रीवादी विचारों के लिए उल्लेखनीय।

हिंदी की सुपरिचित कवयित्री और कथाकार। भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित।

पंजाबी की लोकप्रिय कवयित्री-लेखिका। भारतीय ज्ञानपीठ से सम्मानित।

दलित-संवेदना और सरोकारों के लिए उल्लेखनीय कवि-कार्यकर्ता।

सुपरिचित कवि-लेखक। दलित-संवेदना और सरोकारों के लिए उल्लेखनीय।

अभिनय के संसार से संबद्ध हिंदी कवयित्री और गद्य-लेखिका।

इस सदी में सामने आईं हिंदी कवयित्री।

समादृत कवि। ‘गोली दाग़ो पोस्टर’, ‘भागी हुई लड़कियाँ’ और ‘सफ़ेद रात’ सरीखी कविताओं के लिए लोकप्रिय।

नवें दशक में उभरे कवि-गद्यकार। दलित-संवेदना और सरोकारों के लिए उल्लेखनीय।

लोकप्रिय गीतकार। काव्य की लगभग सभी विधाओं में सक्रिय।

आधुनिक हिंदी कविता के प्रमुख कवि और कथाकार। अपने जनवादी विचारों के लिए प्रसिद्ध। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

1911 -2000 बाँदा

समादृत कवि-लेखक। भारतीय ज्ञानपीठ से सम्मानित।

1934 -2018 बलिया

अकविता आंदोलन के समय उभरे हिंदी के प्रतिष्ठित कवि। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

समादृत कवि-आलोचक और अनुवादक। भारतीय ज्ञानपीठ से सम्मानित।

नवें दशक में उभरे कवि-आलोचक। दलित-संवेदना और सरोकारों के लिए उल्लेखनीय।

अज्ञेय द्वारा संपादित ‘तीसरा सप्तक’ की कवयित्री। प्रसिद्ध साहित्यकार अजित कुमार की बहन।

1934 -2008 उन्नाव

‘अकविता’ आंदोलन से संबद्ध रहे हिंदी के समादृत कवि-कथाकार।

आधुनिक हिंदी कविता के अग्रणी कवियों में से एक। अपनी कहानियों और डायरी के लिए भी प्रसिद्ध।

अत्यंत लोकप्रिय गीतकार और फ़िल्मकार। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

अज्ञेय द्वारा संपादित ‘तार सप्तक’ के कवि। ‘छाया मत छूना’ शीर्षक गीत के लिए चर्चित।

सुप्रसिद्ध गीतकार। विद्रोही और प्रगतिशील विचारों के लिए उल्लेखनीय।

1911 -1963 बेतिया

हिंदी के बेहद लोकप्रिय गीतकार। पद्म भूषण समेत कई पुरस्कारों से सम्मानित।

1925 -2018 इटावा

अकविता के दौर में उभरे कवि और कथाकार। नाट्य-लेखन और संपादन से भी जुड़ाव।

सुपरिचित कवि-कथाकार-आलोचक और संपादक। दलित-संवेदना और सरोकारों के लिए उल्लेखनीय।

सुपरिचित कवि। दलित-संवेदना और सरोकारों के लिए उल्लेखनीय।

1966 -2017 दिल्ली

छायावादी दौर के चार स्तंभों में से एक। समादृत कवि-कथाकार और नाटककार।

सुपरिचित कवयित्री और कथाकार।

1941 -2014 मुंबई

इस सदी में सामने आईं हिंदी कवयित्री और कथाकार।

नई पीढ़ी की कवयित्री। आदिवासी-संवेदना और सरोकारों के लिए उल्लेखनीय।

सुपरिचित कवयित्री-कथाकार और अनुवादक। भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित।

आधुनिक हिंदी कविता के प्रमुख कवि। अपने जनवादी विचारों के लिए प्रसिद्ध। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

समादृत कवि-कथाकार और संपादक। महादेवी वर्मा और निराला पर लिखीं अपनी किताबों के लिए भी चर्चित।

1936 -2018 बलिया

सुपरिचित कवयित्री और गद्यकार।

हिंदी के अत्यंत लोकप्रिय कवि-लेखक-नाटककार। अपनी ग़ज़लों के लिए विशेष चर्चित।

‘अकविता’ आंदोलन के समय उभरे हिंदी के चर्चित कवि। मरणोपरांत साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

समादृत कवि-कथाकार और अनुवादक। ‘धर्मयुग’ साप्ताहिक के संपादक के रूप में भी चर्चित।

हिंदी के सुपरिचित कवि-कथाकार।

सुचर्चित गीतकार।

सुविख्यात कवि-गीतकार और संपादक। सिनेमा के लिए लिखे गए गीतों के लिए भी चर्चित।

हिंदी के समादृत कवि-कथाकार और आलोचक। भारतीय ज्ञानपीठ से सम्मानित।

समादृत कवि-आलोचक। ‘नकेनवाद’ आंदोलन के तीन सूत्रधारों में से एक।

1916 -1961 पटना

दलित-संवेदना और सरोकारों के लिए उल्लेखनीय कवि-कथाकार।

आधुनिक हिंदी कविता के प्रमुख कवि और कथाकार। अपने जनवादी विचारों के लिए प्रसिद्ध। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

1911 -1998 मधुबनी

नवें दशक की महत्त्वपूर्ण कवयित्री। ‘एक क़स्बे के नोट्स’ शीर्षक उपन्यास के लिए उल्लेखनीय। भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित