साहित्य और संस्कृति की घड़ी
मेरे ख़याल से उससे मेरी पहली मुलाक़ात किशोरावस्था के दौरान हुई थी। यह मुलाक़ात इतनी संक्षिप्त थी कि मुझे याद नहीं हमने उस दौरान क्या-क्या बातें की। कहते हैं ख़याल में वही रहते हैं जो कभी मिलते नहीं, ल
पूर्व बाल्यावस्था में मिट्टी जीवन का सबसे अनमोल रत्न था। हम पूरे दिन मिट्टी में सने रहते थे। पैदा हुए तो मिट्टी से पेट भर लिया करते थे। थोड़ा और बड़े हुए तो मिट्टी के खेल-खिलौने बना लेते। हमारी गाड़ि
कुसुमपुर के वृद्ध फ़क़ीरचंद जाएँगे बड़ाबाबू के पास। उनकी पीठ पर एक छड़ी है, जिसमें एक छोटी-सी पोटली लटकी हुई है। बूढ़ा आदमी थोड़ा झुक कर चलता है। अब प्रकाश होने का समय है, इस चैत माह की सुबह में पृथ्व
01 जनवरी 2025
साधो, बीता साल गुज़र गया और नया साल शुरू हो गया। नए साल के शुरू में शुभकामना देने की परंपरा है। मैं तुम्हें शुभकामना देने में हिचकता हूँ। बात यह है साधो कि कोई शुभकामना अब कारगर नहीं होती। मान लो कि
एमजे के लिए इस साल का आख़िरी ख़त एक बीत गए में कुछ जोड़ना जितना मुश्किल है, उतना ही मुश्किल है उसे याद करना। एक ताख़े पर कुछ किताबें जुड़ जाती हैं, जैसे उनका कुछ ख़ुद से जुड़ जाता है। एक मन होत
29 दिसम्बर 2024
न जाने कितनी सदियों से अब तक आदमी कुत्तों, बैलों, घोड़ों, मुर्ग़ों और अन्य जानवरों से घिरा रहा; लेकिन बिल्लियाँ इस पूरे इतिहास के ऊपर बैठकर, नीमबाज़ आँखों से धूप सेंक रही हैं। बिल्लियाँ चलता-धड़कत
28 दिसम्बर 2024
एक ‘टके सेर भाजी टके सेर खाजा’ एक लोक कहावत है जिससे हिंदी साहित्य के पाठक संभवतः भारतेंदु के नाटक ‘अंधेर नगरी’ के माध्यम से परिचित हुए (कुछ पहले भी रहे होंगे)। भारतेंदु के नाटक ‘अंधेर नगरी’ का यह
पहला सुझाव तो यह कि जीवन चलाने भर का रोज़गार खोजिए। आर्थिक असुविधा आपको हर दिन मारती रहेगी। धन के अभाव में आप दार्शनिक बन जाएँगे लेखक नहीं। दूसरा सुझाव कि अपने लेखक समाज में स्वीकृति का मोह छोड़
• जल्दी-जल्दी में लिखी गईं गोपनीय नोटबुक्स और तीव्र भावनाओं में टाइप किए गए पन्ने, जो ख़ुद की ख़ुशी के लिए हों। • हर चीज़ के लिए समर्पित रहो, हृदय खोलो, ध्यान देकर सुनो। • कोशिश करो कि कभी अपने
अँग्रेज़ी की प्रसिद्ध पुस्तक के इस शीर्षक ने हिंदी में उस महान् मुहावरे को जन्म दिया; जिसके शब्द हैं : सादा जीवन उच्च विचार। यह किताब सन् 1897 में पहली बार प्रकाशित हुई थी और अँग्रेज़ी-साहित्य में इस