साहित्य और संस्कृति की घड़ी
30 जून 2026
आज आषाढ़ का पहला दिन है। इस अवसर पर हम ‘हिन्दवी बेला’ पर वह कर रहे हैं, जो इससे पूर्व हमने कभी नहीं किया—एक उपन्यास का धारावाहिक प्रकाशन। यह हमारे लिए बहुत हर्ष और उल्लास का प्रसंग है कि इस काम की शुर
विवाह के इन दस वर्षों के दरमियान घर के ख़र्चों के साथ अब शब्दों में भी कटौती होने लगी है। राहुल के आने की आहट होती है, पत्नी रसोई से केवल पलकें उठाती है और फिर तुरत ही अपने काम में व्यस्त हो जाती है।
आज से क़रीब दस महीने पहले मैं दूसरी बार दिल्ली की ओर आया। दिल्ली के किनारे, नोएडा को ठिकाना बनाया। जब मैं आया तब मेरे पास शब्दों का एक बड़ा-सा गोदाम था। इस गोदाम से मैं शब्द निकालता, उसे वाक्य बनाता
क़रीब-क़रीब सात बजे शाम का समय रहा होगा। मैं यूँ ही फ़ोन हाथ में लिए घर की छत पर बैठा था। अचानक से फ़ोन बजा, वीडियो कॉल वह भी। ‘स्कूल फ़्रेंड’ के नाम से एक व्हाट्सएप्प ग्रुप। मैंने कॉल रिसीव किया तो दे
समय रैना की वह लाल चैक वाली शर्ट… आपने नोटिस की होगी! रैना के हालिया कमबैक के साथ, वह शर्ट भी जैसे फिर से हमारे बीच आ खड़ी हुई है। चुपचाप नहीं, पूरे हंगामे के साथ। लाल चैक वाली शर्ट इस वक़्त एक वापसी
19 जून 2026
एक दिन सोच रहा था दोमुँहा क्या होता है? बहुत सोचने के बाद मैंने जवाब पाया कि होता होगा कोई ऐसा जीव जिसके दो मुँह होते होंगे। किंतु क्या ऐसा संभव है? एक पेट के लिए दो मुँह! दरअस्ल में ग़लत राह में सोच
19 जून 2026
गीत चतुर्वेदी (जन्म : 1977) हिंदी के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले समकालीन लेखकों में से एक हैं। कविताओं की तीन किताबों सहित उनकी दस से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हैं। उनकी कविता-पंक्तियों ने मौजूदा कविता-समय म
भौतिक प्रदर्शन का दबाव इतना बढ़ता जा रहा है कि शिक्षक समुदाय भी उसके चपेट में है। माना जाता है कि समाज में शिक्षक समुदाय के सात्त्विक व्यवहार, वस्त्र-विन्यास और जीवन-मूल्यों का बड़ा असर होता है; लेकि
17 जून 2026
राप्ती से गंगा तक राप्ती एक सदाबहार नदी है जो मेरे गाँव से लगकर बहती है। मेरे घर के छत से उसकी विशालता को देखा जा सकता है। मेरा बचपन इसकी धाराओं के साथ खेलने में बीता है। इसकी नन्हीं-नन्हीं मछलियो
पेड़ों को अपने पुराने वसंत और पतझड़ याद नहीं रहते। हम अपने मौसम जीने से ज़्यादा याद रखते हैं। मौसम बाहर से ज़्यादा भीतर बीतते हैं। पतझड़ एक लेखक का आदिम आवास है। जहाँ निर्विकार रूप से पत्ते झड़ रहे ह