Font by Mehr Nastaliq Web

बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

21 जनवरी 2026

‘कहानी : बावर की वनकन्या’

‘कहानी : बावर की वनकन्या’

प्रणाम दीदी कैसी हो आप? आज बहुत दिनों बाद फ़ोन आया आपका। सब ख़ैरियत से तो है! तू जानती ही है सुधा तेरे जीजाजी के गुज़र जाने के बाद ज़िंदगी काली चाय-सी हो गई है। अब जीवन में ना कोई स्वाद है और ना ही

21 जनवरी 2026

अहमदाबाद : एक प्रवासी स्त्री की आँखों से

अहमदाबाद : एक प्रवासी स्त्री की आँखों से

तीन वर्ष पहले जब मैं अहमदाबाद आई, तो लगा जैसे किसी अपरिचित भूमि पर क़दम रख रही हूँ। पर धीरे-धीरे यह शहर मेरे भीतर उतरने लगा। या शायद यूँ कहूँ कि यह कभी पराया लगा ही नहीं। अहमदाबाद में एक अद्भुत सहजता

19 जनवरी 2026

शंखनाद : बुक फ़ेयर की रपटीली रपट और कवि का मेलोत्तर काल

शंखनाद : बुक फ़ेयर की रपटीली रपट और कवि का मेलोत्तर काल

दिल्ली के भारत मंडपम में किताबों का सालाना जलसा—विश्व पुस्तक मेला गुलज़ार रहा। भाँति-भाँति के लोग भाँति-भाँति की हरकतें करते हुए भाँति-भाँति के लोगों के साथ भाँति-भाँति की घोषणाएँ कार्यान्वित करते/स्

16 जनवरी 2026

विष्णु खरे के इर्द-गिर्द

विष्णु खरे के इर्द-गिर्द

समादृत कवि-आलोचक और कला-प्रशासक अशोक वाजपेयी आज 86वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। उन्हें शुभकामनाएँ देते हुए यहाँ प्रस्तुत है—उनके द्वारा समादृत कवि-आलोचक-अनुवादक विष्णु खरे के लिए लिखा गया संस्मरणात

15 जनवरी 2026

रघुवर प्रसाद और सोनसी की दुनिया का रचयिता

रघुवर प्रसाद और सोनसी की दुनिया का रचयिता

1 जनवरी 2026 को विनोद कुमार शुक्ल 89 वर्ष के हो जाते लेकिन उसके नौ दिन पहले ही वह इस दुनिया से चले गए। हिंदी साहित्य में संभवतः अज्ञेय के बाद वह गिनती के ऐसे साहित्यकारों में थे जो गद्य और पद्य दोनों

14 जनवरी 2026

घर में है नायाब

घर में है नायाब

एक मृदुला गर्ग समकालीन हिंदी रचना-जगत् की सर्वाधिक समादृत लेखिका होने के साथ सर्वाधिक वरिष्ठ और हमारे सौभाग्य से सर्वाधिक सक्रिय रचनाकारों में से हैं—वह उन विरले लेखकों में से हैं जिन्होंने मिर्ज़

12 जनवरी 2026

यह ख़ाली जगह नहीं भरेगी

यह ख़ाली जगह नहीं भरेगी

एक जनवरी को वह जब इस दुनिया में आया था, कड़ाके की ठंड थी। नए साल की सौगात लेकर वह आया था। तब देश आज़ाद भी नहीं था। किसे पता था यह बालक कितने लोगों के जीवन में आज़ादी लेकर आएगा—विचारों की आज़ादी। जिस

06 जनवरी 2026

कहानी : पिस्तौल

कहानी : पिस्तौल

और इस तरह पिस्तौल का मेरे जीवन में पदार्पण हुआ... लगा कि आँगन के उस सिरे से धड़ाम से कोई कूदा। देखा तो अपना नरेन था। यानी अपना नरेंद्र यानी नरेनिया। मेरा ‘जिगरी दोस्त’! उन दिनों जब भी कोई उसे मेरा

05 जनवरी 2026

शंखनाद : बुक फ़ेयर के लिए मुखौटे...

शंखनाद : बुक फ़ेयर के लिए मुखौटे...

जनवरी में होने वाली बुक फ़ेयर की आहट के बीच कई-कई यूनीसेक्स सैलूनों, ब्यूटीपार्लरों और स्पाओं में बुक फ़ेयर के लिए स्पेशल ऑफ़र देख, पढ़ और सुनकर चकित रह गया। साथ ही अपने मानसिक पिछड़ेपन पर रोना आया।

04 जनवरी 2026

स्त्री और माँ

स्त्री और माँ

प्रस्तुत लेख ‘हिन्दवी’ पर प्रकाशित ‘बेला’—‘सदी की आख़िरी माँएँ’, प्रणव मिश्र तेजस के लेख की प्रतिक्रिया में लिखा गया है। ‘सदी की आख़िरी माँएँ’ (मूल लेख) प्रथम—23 नवंबर को ‘हिन्दवी’ पर प्रकाशित हुआ। इसे