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समाज पर ग़ज़लें

साँस पर राग

गहबर गोवर्द्धन

आज अदिमी बिखर

ए. कुमार ‘आँसू’

कतहीं चइता कतहीं

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

दरदे अबले उपहार

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

भेद जे भेदिया

अशोक द्विवेदी

बात होता कि सरग

अशोक द्विवेदी

कुछ कहल ना

अशोक द्विवेदी

चमक दमक में

अशोक द्विवेदी