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जगह-जगह 2.0 : रूमी और उनकी सात नसीहतें

बाज़, चिड़िया और अनुवाद

एक प्रसिद्ध तुर्की नाटक लैला व मजनूँ में ख़य्याम की एक रुबाई यूँ आती है :

Her sabah yeni bir gün doğarken,
Bir gün de eksilir ömürden;
Her şafak bir hırsız gibidir
Elinde bir fenerle gelen.

यह सबाहुद्दीन अयूबओलू का तुर्की अनुवाद है, लेकिन यह पता लगाना लगभग असंभव है कि इसके पीछे ख़य्याम की मूल रुबाई कौन-सी है। ऊपर लिखे तुर्की का अर्थ (मुक्तानुवाद) यह है :

हर सुबह एक नया दिन निकलता है,
उम्र की बेल से एक दिन उतरता है
सुबह दबे पाँव चोर-सी,
जैसे कोई फ़ानूस लिए चलता है।

फ़िट्ज़गेराल्ड ने उमर ख़य्याम की रुबाइयों के बहाने अनुवाद पर चिड़िया और बाज़ की बानगी दी थी। बीबीसी फ़ारसी ने जब उमर ख़य्याम पर कार्यक्रम किया तो अँग्रेज़ी दुनिया के सामने ख़य्याम को पहुँचाने के लिए सांस्कृतिक एहतराम के नाते फ़िट्ज़गेराल्ड का भी शुक्रिया अदा किया। अँग्रेज़ी दुनिया में ख़य्याम की रुबाइयों ने फ़ारसी कविताई का एक नया लोक खोला, जहाँ साक़ी है, सहरा है, शराब है और पीर-ए-मुग़ाँ है। फ़िट्ज़गेराल्ड के अनुवाद की समृद्ध मौजूदगी काव्यानुवादों पर एक आदर्श बनकर बैठी रहती है। लेकिन यह केवल फ़िट्ज़गेराल्ड की बात नहीं है। अनुवादक, ख़ासकर कविता का अनुवादक, मूल कविता पर अपने अमिट, अटल और अपरिहार्य दस्तख़त छोड़ता है। उन्होंने कहा था :

Better a live sparrow than a stuffed eagle. 

(चहकती चिड़िया भुस-भरे बाज़ से बेहतर है।)

रूमी भी अनुवाद और खोज के इस क्रम में हमारे सामने आते हैं :

हमारे और रूमी के बीच एक मैदान है, जिसमें सूफ़ीवाद का क्रैश-कोर्स है, दरवेशों के रक़्स हैं, ख़ून थूकते और बदन गुदवाए आशिक़ घूम रहे हैं। रूमी की यह छवि उनके काव्य के जिस अनुवाद और अनुकूलन से आती है, वह कोलमैन बार्क्स का अनुवाद है। इस अनुवाद में उनके जीवन और काव्य को या तो एक यूरोपीय ढंग के मानववाद पर क़ुर्बान करने के लिए अनुकूलित कर दिया गया या फिर उसकी प्रतिक्रिया में उनके काव्य को इस्लामी संदर्भ और दायरे में पुनर्स्थापित करने की कोशिश की गई। यह सिलसिला जारी है।

बार्क्स के अनुवादों में से एक बहुप्रचलित वाक्य, What you seek is seeking you, रूमी की एक रुबाई के आख़िरी मिस्रे का अँग्रेज़ी अनुवाद है :

हर चीज़ के दर जोस्तन-ए आनी, आनी

बार्क्स के अनुवाद का शाब्दिक आशय है कि जिसे तुम ढूँढ़ रहे हो, वह तुम्हें ढूँढ़ रहा है। रूमी का मूल मिस्रा कहता है कि जो तुम ढूँढ़ रहे हो, तुम वही हो। इसमें भेद यह है कि बार्क्स, अपने बढ़िया अनुवाद के बावजूद, इस मिस्रे में एक ऐसी सत्ता को प्रतिष्ठित कर रहे हैं जो तुम्हें उसी तरह ढूँढ़ रही है जैसे तुम उसे ढूँढ़ रहे हो। यह एक तरह का universalism है, जहाँ रोज़मर्रा के पीछे कोई वैश्विक सत्ता काम कर रही है, जिसकी तान पाओलो कोएल्हो के उपन्यासों में रहस्य की तरह व्याप्त किसी परम सत्ता पर टूटती है। यह सेल्फ़-हेल्प तमाशों का पूर्वरंग है।

~

रूमी को ढूँढ़ते हुए

रूमी की क़ब्र कोन्या, आज के तुर्किये में है। तेरहवीं सदी में कोन्या सल्जूक सल्तनत-ए-रूम की राजधानी था। मौलाना जलालुद्दीन का ‘रूमी’ संबोधन भी उसी रूम से आया है, जो उस समय अनातोलिया के लिए प्रचलित नाम था। आज अफ़ग़ानिस्तान, ईरान, ताजिकिस्तान और तुर्की, सभी उन्हें अपनी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा मानते हैं।

रूमी के जीवन की सबसे निर्णायक घटनाओं में शम्स तबरेज़ से उनकी मुलाक़ात है। शम्स के साथ और वियोग का उनके काव्य पर गहरा असर है।

यह 2016 की दिल्ली है। साकेत के अलातुर्का के सामने रक़्स करते दरवेशों का कार्यक्रम हो रहा है। स्पीकर पर नै (नय) बज रही है। अभिनेता यिल्माज़ एर्दोआन की आवाज़ में मैं यह पंक्तियाँ सुनता हूँ :

Duydum ki bizi bırakmaya azmediyorsun, etme.
Başka bir yar, başka bir dosta meylediyorsun, etme.

यह दरअस्ल दीवान-ए-शम्स की ग़ज़ल 2054 के मतला का तुर्की अनुवाद है। मूल फ़ारसी शे’र का लिप्यंतरण ये है :

ब-शनीदे0-अम कि अज़्म-ए सफ़र मी-कुनी, मकुन।
मेहर-ए हरीफ़ ओ यार-ए दिगर मी-कुनी, मकुन।

यह शम्स-गमन का प्रसंग है और शे’र का अर्थ (मुक्तानुवाद) है :

सुना है कि तुम सफ़र का इरादा कर रहे हो, मत करो। अपनी मुहब्बत किसी और यार के नाम मत करो।

शम्स-वियोग रूमी के जीवन और काव्य का सबसे निर्णायक प्रसंग है और सदियों से फ़ारसी भाषी दुनिया में उनकी पहचान का केंद्रीय आधार भी। अँग्रेज़ी दुनिया में रूमी की लोकप्रियता अपेक्षाकृत हाल की घटना है। उन्नीसवीं और बीसवीं सदी में रेनॉल्ड निकोल्सन और ए. जे. आर्बरी जैसे विद्वानों ने उनके गंभीर और विश्वसनीय अनुवाद किए, फिर भी रूमी मुख्यतः विश्वविद्यालयों और ओरिएंटल स्टडीज़ के दायरे में ही रहे या इस्लामिक स्वर्ण-युग या पुनरुत्थानवादी विचारों के लिए इक़बाल ने उनका सर्वथा भिन्न रूप प्रस्तुत किया। बाद के दशकों में पश्चिम में आध्यात्मिकता, न्यू एज चेतना और पूर्व के ‘रहस्यवाद’ के प्रति बढ़ती दिलचस्पी ने रूमी को एक नए पाठक वर्ग तक पहुँचाया। इसी दौर में कोलमैन बार्क्स के मुक्त रूपांतरणों ने, जिनका फ़ारसी मूल से संबंध प्रत्यक्ष नहीं था, रूमी को लाखों नए पाठकों तक पहुँचा दिया। यह लोकप्रियता जितनी अनुवाद की देन थी, उतनी ही पश्चिम की अपनी आध्यात्मिक आकांक्षाओं और पूर्व के बारे में उसकी सांस्कृतिक कल्पना की भी। शम्स और रूमी की कथा अब वैश्विक सांस्कृतिक स्मृति का हिस्सा बन चुकी है। अलिफ़ शफ़क़ की फोर्टी रूल्स ऑफ़ लव किसी तुर्क के द्वारा रूमी को देखी गई नितांत पश्चिमी ढंग की दृष्टि थी।

~

सात नसीहतें

रूमी मूलतः दरवेश थे। मौलवी (मेवलेवी) सिलसिले के संस्थापक थे। उनकी सबसे प्रसिद्ध कृतियाँ मसनवी-ए-मानवी और दीवान-ए-शम्स अपनी काव्यात्मक अभिव्यंजना के लिए जानी जाती हैं। लेकिन उनके सूफ़ी सिलसिले से जुड़ी रचनाएँ हैं, दीनी ख़ुत्बे हैं और ख़ालिस दीनी किताबें भी हैं। फ़ीहि मा फ़ीहि उन्हीं में से एक है और उनके ख़ुत्बों का संकलन मजालिस-ए-सबा भी।

मजालिस-ए-सबा शम्स से मुलाक़ात से पहले के उनके सात ख़ुत्बों (हफ़्त0 ख़िताब) का संग्रह है, जहाँ रूमी एक आलिम, फ़क़ीह और ख़तीब की भूमिका में दिखाई देते हैं। इसका संकलन सुल्तान वलद और हुसामुद्दीन चेलेबी ने किया था। इन ख़ुत्बों में वह उन्माद और काव्यात्मक आवेग नहीं है जो उनकी बाद की रचनाओं में दिखाई देता है; इनका स्वरूप तसव्वुफ़ के सिद्धांत और आचरण के अधिक निकट है। इन्हीं ख़ुत्बों के कुछ हिस्सों को संकलित और समायोजित करके तुर्की में Yedi Öğüt (सात नसीहतें) के रूप में लोकप्रिय किया गया। ये सात नसीहतें मजालिस-ए-सबा में उसी क्रम में मौजूद नहीं हैं जिस क्रम में आज दोहराई जाती हैं। रूमी ने अपने जीवन का बेशतर हिस्सा आज के तुर्किये में बिताया, उनकी फ़ारसी में यूनानी और तुर्की शब्दों की भरमार है, लेकिन तुर्की में सबसे अधिक लोकप्रिय हुआ उन्हीं दीनी ख़ुत्बों का एक संयोजित रूपांतरण। यह अनुवाद की विडंबना और त्रासदी दोनों है।

तुर्की में रूमी के नाम से प्रचलित Yedi Öğüt (सात नसीहतें) का मूल तुर्की रूप और उसका हिंदी अनुवाद प्रस्तुत है।

Cömertlik ve yardım etmede akarsu gibi ol.
उदारता और सहायता में नदी की तरह बनो।

Şefkat ve merhamette güneş gibi ol.
दया और करुणा में सूरज की तरह बनो।

Başkalarının kusurunu örtmede gece gibi ol.
दूसरों की कमियों को ढाँकने में रात की तरह बनो।

Hiddet ve asabiyette ölü gibi ol.
क्रोध और आवेश में मुर्दे की तरह बनो।

Tevazu ve alçak gönüllülükte toprak gibi ol.
विनय और अहंकारहीनता में धरती की तरह बनो।

Hoşgörülükte deniz gibi ol.
सहनशीलता में समुद्र की तरह बनो।

Ya olduğun gibi görün, ya göründüğün gibi ol.
जैसे हो वैसे दिखो या जैसे दिखते हो वैसे बनो।

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