14 अगस्त 2026
जगह-जगह 2.0 : रूमी और उनकी सात नसीहतें
बाज़, चिड़िया और अनुवाद एक प्रसिद्ध तुर्की नाटक लैला व मजनूँ में ख़य्याम की एक रुबाई यूँ आती है : Her sabah yeni bir gün doğarken, Bir gün de eksilir ömürden; Her şafak bir hırsız gibidir Elin
प्रेम का आईनाख़ाना
सूफ़ी साहित्य का कैनवास इतना विशाल है कि अक्सर तस्वीर का एक हिस्सा देखने में दूसरा हिस्सा छूट जाता है। इस तस्वीर में इतने रंग हैं और रंगों का ऐसा मेल-मिलाप है कि किसी एक रंग को ढूँढ़ना समझना लगभग नामुम
सूफ़ी आंदोलन के कुछ अनछुए पहलू
सन्यासी फ़क़ीर विद्रोह के नायक बाबा मजनू शाह आज़ादी के लिए देश में कई लड़ाईयाँ लड़ी गई हैं और कई स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना बलिदान दिया है। इतिहास में दर्ज पहला स्वाधीनता संग्राम फ़क़ीर-सन्यासी वि
गंगा-जमुनी तहज़ीब और हिंदुस्तानी सूफ़ीवाद
हमारी इस साझा संस्कृति का निर्माण एक दिन में नहीं हुआ है। यह धीरे-धीरे विकसित हुई है। कई सामाजिक प्रयोग हुए हैं और अपने विरोधाभासों को किनारे रखकर समानताओं पर कार्य किया गया है। शुरूआती दौर का सूफ़ी-स