आज़ादी

बड़े राष्ट्र की पहचान यही है कि अपने समाजों में साथ-साथ रहने-पहनने का चाव और स्वीकारने-अस्वीकारने का माद्दा जगाता है।

रघुवीर सहाय
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मुक्ति अकेले में अकेले की नहीं हो सकती। मुक्ति अकेले में अकेले को नहीं मिलती।

गजानन माधव मुक्तिबोध

जब तक मेरा दिया तुम किसी और को दोगे, तब तक तुम्हारी मुक्ति नहीं।

गजानन माधव मुक्तिबोध

आज़ादी दो गुटों में से किसी एक की ग़ुलामी से मिलती है।

रघुवीर सहाय

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