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जगह पर कविताएँ

ग्रीष्मावकाश

कोलिन फ़ाल्क

एक बार लौटा फिर

येहूदा आमिखाई

लाइम रेगिस स्टेशन

कोलिन फ़ाल्क

पहिया बदलना

बेर्टोल्ट ब्रेष्ट

भोर से पहले विदा

नाकानो शिगेहारु

पहाड़ की तलहटी

कामिमुरा हाजिमे

कमरे के बारे में

शुन्तारो तानीकावा

हम जहाँ सही होते हैं

येहूदा आमिखाई

उतनी ही जगह में

सी. पी. कवाफ़ी

छायाओं की दुनिया

हंस माग्नुस एन्त्सेंसबर्गर

पूछताछ के बाद

गियोर्गी ज्यागारोव

चौक

होर्खे लुइस बोर्खेस

न्यू इंग्लैंड : 1967

होर्खे लुइस बोर्खेस

तुलुआ का मैदान

फेरनांदो चार्री लारा

शालीनता में खोया

येहूदा आमिखाई

आदमी, स्त्रियाँ और नगर

फ्रानो अल्फ़ोरेविच

उतनी ही जगह में

सी. पी. कवाफ़ी

अनूठा चौक

इरैना वृकल्यान

दूर जगह

मिशियो माडो

सहरसा छी हम

मुख्तार आलम

ठाहर

हरेकृष्ण झा