इच्छा पर कविताएँ

इच्छा किसी प्रिय या

सुखद निमित्त की प्राप्ति की मनोवृत्ति है। अभिलाषा, चाह, कामना, ख़्वाहिश, लालसा, आकांक्षा, मनोरथ, उत्कंठा, ईहा, स्पृहा, मनोकामना, आरजू, अरमान आदि इसके पर्यायवाची हैं। इसका संबंध मन की लीला से है, इसलिए नैसर्गिक रूप से काव्य में शब्द, भाव और प्रयोजन में इसकी उपस्थिति होती रहती है।

प्रेम कविता

गीत चतुर्वेदी

प्रेम के आस-पास

अमर दलपुरा

इच्छा

सौरभ अनंत

ओ मेरी मृत्यु!

सपना भट्ट

पहाड़ पर लालटेन

मंगलेश डबराल

बड़बड़

नाज़िश अंसारी

एक संपूर्णता के लिए

पंकज चतुर्वेदी

पहाड़ पर चढ़ने के लिए

पद्मजा घोरपड़े

बोझ

गीत चतुर्वेदी

भव्यता के विरुद्ध

रविशंकर उपाध्याय

चौराहा

राजेंद्र धोड़पकर

मनुष्य

विमल चंद्र पांडेय

मैं नहीं चाहता

सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

मेरे अभाव में

अखिलेश सिंह

मनवांछित

जितेंद्र कुमार

बिछड़ने की आशंकाएँ

नवीन रांगियाल

इक्कीस

दर्पण साह

इच्छा

उपासना झा

सीलमपुर की लड़कियाँ

आर. चेतनक्रांति

एक दृश्य

सारुल बागला

डरता रह गया

सोमदत्त

आवारा के दाग़ चाहिए

देवी प्रसाद मिश्र

असहनीय

वियोगिनी ठाकुर

हम औरतें

वीरेन डंगवाल

घर का रास्ता

मंगलेश डबराल

कौन बताएगा

प्रमोद वर्मा

स्त्री के पैरों पर

प्रियंका दुबे

इच्छा

अनुराग अनंत

समोसे

वीरेन डंगवाल

आम खाते हुए रोना

गार्गी मिश्र

कैसा तुमने साथ निबाहा?

कृष्ण मुरारी पहारिया

बेकली

सोमदत्त

वयस में छोटा प्रेयस

रश्मि भारद्वाज

भाषा

मलयज

मेरी आस्थाओं के देव

वियोगिनी ठाकुर

जीने की शर्त

निर्मला गर्ग
बोलिए