Font by Mehr Nastaliq Web

सच पर ग़ज़लें

बात कुछ बनत

कृष्णानन्द कृष्ण

लाज नाहीं शरम

कृष्णानन्द कृष्ण

गीली केहिकै कोर

अशोक अज्ञानी

छुट्टा हरहा खेतु

अशोक अज्ञानी

मीत, जब मीत

मिथिलेश ‘गहमरी’

का रखल बा अब

कृष्णानन्द कृष्ण

दरद जिन्दगी के सजा

जौहर शफियाबादी

पतझर जब से पास भइल

रमाकान्त मुकुल

इंसान सुधरि जाय

अशोक अज्ञानी

नेह घर से

जौहर शफियाबादी

झलकेले खुशी बीच

अशोक द्विवेदी

बात होता कि सरग

अशोक द्विवेदी

आग रहे हवा

मिथिलेश ‘गहमरी’

देखलीं, कि बात

मिथिलेश ‘गहमरी’

आप तो हर मंच से

मनजीत भोला

रोज़ बढ़ जाती हैं

सुनील मिश्र

सच कहना

डी. एम. मिश्र

कौन है जो मुझको

अमन मुसाफ़िर

ग़मज़दा

डी. एम. मिश्र

क्या हैं हम

नवल बिश्नोई

मुकरियाँ

डॉ. वेद मित्र शुक्ल

दर्द

नवल बिश्नोई

महकमा तालीम का

मनजीत भोला

बुझे न प्यास

डी. एम. मिश्र

बोझ धान का लेकर

डी. एम. मिश्र

बातें जो हर क्षण

डॉ. वेद मित्र शुक्ल

हिज़रत–पलायन

मनजीत भोला

फ़रियाद

डी. एम. मिश्र

सच एकदम

डॉ. वेद मित्र शुक्ल

टूटे सच का गुमान

आनंद बहादुर

लोगों के

नवल बिश्नोई

हिन्दवी उत्सव 2026

रजिस्टर कीजिए