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भोजपुरी पर गीत

दिल के भीतर

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

पाँच बरिस पर मोहर लगाके

तैयब हुसैन पीड़ित

बसन्त रितु रंग भरे

अशोक द्विवेदी

बारूद पर गाँव

ब्रजभूषण मिश्र

लौ जरे अविरल हो...

अशोक द्विवेदी

कलकतवा से मोर पिया

महेन्द्र मिसिर

ऊ आ हम

तैयब हुसैन पीड़ित

अइसन लागल चोट

ब्रजभूषण मिश्र

हमनीं का रहब जानी

महेन्द्र मिसिर

फूटल किरिन हजार...

अशोक द्विवेदी

ना अइलऽ बरिसात में

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

कि आपन देसे भइल बिदेस!

तैयब हुसैन पीड़ित

तरकुल के छाँव में

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

ना अइलऽ बरिसात में

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

परदेस पिया के ना धारे!

तैयब हुसैन पीड़ित

छलकत नदिया ए ऊधो जी

महेन्द्र मिसिर

अब कइसे बचबऽ भइए!

तैयब हुसैन पीड़ित

मेघ उमड़े-घुमड़े घनघोर

रमाकान्त मुकुल

बनजारा दिन

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

मन फोड़ा अस फूट गइल

रमाकान्त मुकुल

समय कइसन आ गइल

रमाकान्त मुकुल

लहरे फसलिया...

अशोक द्विवेदी

बनल रहे विश्वास

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

दर्द

रमाकान्त मुकुल

धधक रहल गाँव

ब्रजभूषण मिश्र

सजी सुखवा लूटे रजधानी

ब्रजभूषण मिश्र

आदमी बा बहुते घवाइल

ब्रजभूषण मिश्र

समुझ ना आवे बात रे!

तैयब हुसैन पीड़ित

जे माटी के चाहे

गोरख पांडेय

भोजपुरिया

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

जनता के पलटनि

गोरख पांडेय

जव वोट मांगे अइले

गोरख पांडेय