कृष्ण पर पद

बस, अब नहिं जाति सही

सत्यनारायण कविरत्न

आजु बधाई नंदमहरि घर

गोविंद स्वामी

हरि को भलौ मनाइये

परमानंद दास

यह छबि बाढ़ो री रजनी

चाचा हितवृंदावनदास

नाचत दोऊ रंग भरे

गोविंद स्वामी

मोहन कबलौं मौन गहौगे

सत्यनारायण कविरत्न

माधव, आप सदा के कोरे

सत्यनारायण कविरत्न