जन्म

जन्म और जन्मदिन विषयक कविताओं का एक चयन।

अनंत अपनी मृत्यु में रहते हैं इतने धुँधले कि हमारी झलक में बार-बार जन्म लेते हैं संसार!

नवीन सागर

जन्म चाहिए, हर चीज़ को एक और जन्म चाहिए।

नवीन सागर

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