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ऋतु पर कविताएँ

67 हाइकू

मात्सुओ बाशो

समूह

मनीषा जोषी

अगस्त

मारीना त्स्वेतायेवा

ग्रीष्म और शरद

पर्सी बिश शेली

पतझर

निकोलाय ज़बोलोत्स्की

ऋतुराज-स्टोर्स

ख़ोर्ख़े कार्रेरा आन्द्रादे

तीन हेमंत

अन्ना अख्मातोवा

मधुऋतु के पूर्व

अन्ना अख्मातोवा

नवरात्र

सीमा असीम सक्सेना

एक प्रेम कविता

सारिका श्रीवास्तव

माई के गाँव

मोहनलाल यादव

चौमासा

मोहनलाल यादव

अरे रामा रिमझिम बरसत पानी

मनोज मिश्र ‘कप्तान

दबि गय पूँछि फेंटारा कै

मनोज मिश्र ‘कप्तान

आवा बसन्तु छावा बसन्तु

बलभद्रप्रसाद दीक्षित 'पढ़ीस'

घन छाये

श्यामसुंदर मिश्र 'मधुप'

हरे रामा, सावन मा सब नर नारी

मनोज मिश्र ‘कप्तान

हरे रामा, मनमोहक, मनोहारी

मनोज मिश्र ‘कप्तान

सावन सोचि रहा मन मारे

मनोज मिश्र ‘कप्तान

ऋतुएँ

श्री अरविंद

सजन बिन सून लागै

मनोज मिश्र ‘कप्तान

इस फागुन में

कलानाथ मिश्र

सुख

ममता जयंत

उसकी होली

मेधा झा

वसंत

सीमा असीम सक्सेना

मैसेंजर

सीमा भारद्वाज

चिरैया के फूल

पूर्णिमा साहू

मंगल-गान

रमाकान्त मुकुल

गमन

मानसी गोस्वामी

ना तुम ना हम

चंचल सिंह ‘साक्षी'

साओन-भादव : रस तरंगिणी

सुरेन्द्र झा 'सुमन'