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ऋतु पर ग़ज़लें

साफ आसमान हो गइल

रमाकान्त मुकुल

तमाशा

डी. एम. मिश्र

दुनियादारी

डॉ. वेद मित्र शुक्ल

बाँसुरी

डॉ. वेद मित्र शुक्ल

सुंदर में भी सुंदर

डॉ. वेद मित्र शुक्ल