Font by Mehr Nastaliq Web

संबंध पर ग़ज़लें

कुछ कहल ना

अशोक द्विवेदी

सफर में गर

अशोक द्विवेदी

घर अन्हरिया के सुरूज

मिथिलेश ‘गहमरी’

साँस पर राग

गहबर गोवर्द्धन

उमिर के सँवारत

कृष्णानन्द कृष्ण

तनी देख लीं ना

मिथिलेश ‘गहमरी’

कहे के रहत बानी

मिथिलेश ‘गहमरी’

के बा आपन, कवन पराया

ब्रजभूषण मिश्र

हमरा जिनगी में भोर

नागेन्द्र प्रसाद सिंह

केहू न पास बा

ब्रजभूषण मिश्र

पूछत बा लोग

जौहर शफियाबादी

प्यार जग के सार

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’