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संबंध पर ग़ज़लें

कुछ कहल ना

अशोक द्विवेदी

तनी देख लीं ना

मिथिलेश ‘गहमरी’

कहे के रहत बानी

मिथिलेश ‘गहमरी’

हमरा जिनगी में भोर

नागेन्द्र प्रसाद सिंह

साँस पर राग

गहबर गोवर्द्धन

उमिर के सँवारत

कृष्णानन्द कृष्ण

सफर में गर

अशोक द्विवेदी

घर अन्हरिया के सुरूज

मिथिलेश ‘गहमरी’

पूछत बा लोग

जौहर शफियाबादी

प्यार जग के सार

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’