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संबंध पर कवितांश

मुलाक़ातें रहती हैं समय में

मृत्यु से भी ज़्यादा देर तक।

नवीन रांगियाल

आत्मा और शरीर के सदृश

मुझमें और उस नायिका में अंतरंगता है

तिरुवल्लुवर

जितनी बार मिलता हूँ तुमसे

उतनी बार अकेला हो जाता हूँ।

नवीन रांगियाल

हिन्दवी उत्सव 2026

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