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पूर्णिमा पर कविताएँ

चाँदनी की पाँच परतें

सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

शरद पूर्णिमा

अरमान आनंद

पूर्णिमा : झील के किनारे

मिगुएल द उनामुनो

गृह-प्रवेश

रिया रागिनी

तुम चाँद हो

चंदन यादव

दो पूर्णिमाएँ

उमाशंकर जोशी

चाँद

माधुरी

देखते रहने के लिए

निशांत कौशिक

अगली साँझ

अरमान आनंद

वैशाख पूर्णिमा

के. नरसिम्हामूर्ति