चाँदनी पर कविताएँ

चाँदनी चाँद की रोशनी

है जो उसके रूप-अर्थ का विस्तार करती हुई काव्य-अभिव्यक्ति में उतरती रही है।

सफ़ेद रात

आलोकधन्वा

चाँद का मुँह टेढ़ा है

गजानन माधव मुक्तिबोध

चाँदनी के पहाड़

दिनेश कुमार शुक्ल

पूर्णमासी रात भर

शकुंत माथुर

विराम

पूनम अरोड़ा

चाँदनी

रामविलास शर्मा

कतकी पूनो

अज्ञेय

आलिंगन

दूधनाथ सिंह

चाँदनी का टीला

कुमार मुकुल

एक नीला आईना बेठोस

शमशेर बहादुर सिंह