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ग्राहम ग्रीन

1904 - 1991 | बर्कम्स्टेड

सुप्रसिद्ध ब्रिटिश लेखक और पत्रकार। नोबेल पुरस्कार के लिए कई बार शॉर्टलिस्ट।

सुप्रसिद्ध ब्रिटिश लेखक और पत्रकार। नोबेल पुरस्कार के लिए कई बार शॉर्टलिस्ट।

ग्राहम ग्रीन के उद्धरण

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हम मानवता से प्यार नहीं कर सकते हैं। हम केवल मानव से प्यार कर सकते हैं।

अनुवाद : सरिता शर्मा

ईश्वर, मैं तुमसे नफ़रत करता हूँ। मैं तुमसे इस तरह नफ़रत करता हूँ, मानो तुम सच में मौजूद हो।

अनुवाद : सरिता शर्मा

दर्द के बारे में लिखना आसान है। दुख में हम सभी सुख से अलग-अलग होते हैं, लेकिन ख़ुशी के बारे में कोई क्या लिख सकता है?

अनुवाद : सरिता शर्मा

नफ़रत की वजह कल्पना का होना है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

दोस्ती आत्मा की बात है। यह एक ऐसी चीज़ है जिसे हम महसूस करते हैं। यह किसी चीज़ के बदले में नहीं है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

ईश्वर की कृपा की भयावह विचित्रता की कल्पना तुम कर सकते हो, और ही मैं।

अनुवाद : सरिता शर्मा

जब तक हम दुख उठाते हैं, हम ज़िंदा हैं।

अनुवाद : सरिता शर्मा

आपको इतना डरने की ज़रूरत नहीं है। प्यार सिर्फ़ इस वजह से ख़त्म नहीं होता कि हम एक-दूसरे से मिलते नहीं हैं…

अनुवाद : सरिता शर्मा

अगर आप सच्चाई की तलाश कर रहे हैं तो शैम्पेन झूठ पकड़ने की मशीन से बेहतर है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

  • संबंधित विषय : झूठ
    और 1 अन्य

मैंने प्यार को अपनी ईर्ष्या की हद से मापा।

अनुवाद : सरिता शर्मा

उदासीनता और घमंड बहुत अधिक समान दिखते हैं।

अनुवाद : सरिता शर्मा

कुछ शराबों की तरह हमारा प्यार तो पूरा हो सकता है और ही कहीं जा सकता है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

बचपन में हमेशा एक पल होता है, जब दरवाज़ा खुलता है और भविष्य को प्रवेश करने देता है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

मासूमियत एक प्रकार पागलपन है।

अनुवाद : सरिता शर्मा

जब हम अपने पाप से प्यार करते हैं, तब हम वास्तव में शापित होते हैं।

अनुवाद : सरिता शर्मा

जो हमें दर्द देता है, उसे हम बहुत आसानी से भूल जाते हैं।

अनुवाद : सरिता शर्मा

काश कभी-कभार मेरे इरादे कुछ बुरे होते, तब शायद मैं इंसानों के बारे में कुछ और अधिक समझ पाता।

अनुवाद : सरिता शर्मा

ज़्यादातर चीज़ें हमें तब तक निराश करती हैं, जब तक हम गहराई से नहीं देखते हैं।

अनुवाद : सरिता शर्मा

अगर हमें इंसान बने रहना है, तब हमें कभी कभी किसी का पक्ष लेना पड़ेगा।

अनुवाद : सरिता शर्मा

मैं आपके बारे में दोस्त के रूप में कभी नहीं सोच सकता। आप दोस्त के बिना काम चला सकते हैं।

अनुवाद : सरिता शर्मा

अगर हम सच्चाई को जान लें तो हम ज़्यादातर बातों को माफ़ कर देंगे।

अनुवाद : सरिता शर्मा

  • संबंधित विषय : सच

जब हमें यक़ीन नहीं होता है, तब हम जीवित होते हैं।

अनुवाद : सरिता शर्मा

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