प्रतिरोध पर ग़ज़लें
आधुनिक कविता ने प्रतिरोध
को बुनियादी कर्तव्य की तरह बरता है। यह प्रतिरोध उस प्रत्येक प्रवृत्ति और स्थिति के विरुद्ध मुखर रहा है, जो मानव-जीवन और गरिमा की आदर्श स्थितियों और मूल्यों पर आघात करती हो। यहाँ प्रस्तुत है—प्रतिरोध विषयक कविताओं का एक व्यापक और विशिष्ट चयन।
संबंधित विषय
- अनुरोध
- अभिव्यक्ति
- आज़ादी
- ऋण
- एनसीईआरटी कक्षा-11 (NCERT CLASS-11)
- एनसीईआरटी समस्त (NCERT ALL)
- कवि पर कवि
- कविता
- ख़बर
- ग़रीबी
- जीवन
- दुख
- दहेज़
- पुकार
- प्रतिरोध
- प्रपंच
- प्रेम
- बाज़ार
- भूख
- भोजपुरी
- मैथिली
- मनुष्य
- मातृभाषा
- मिथिला
- मौन
- यथार्थ
- राजनीति
- लोकतंत्र
- व्यवस्था
- विडंबना
- संघर्ष
- सृजन
- समय
- समाज
- समानता
- संवेदनशीलता
- साम्यवादी
- हिंसा