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प्रतिरोध पर गीत

आधुनिक कविता ने प्रतिरोध

को बुनियादी कर्तव्य की तरह बरता है। यह प्रतिरोध उस प्रत्येक प्रवृत्ति और स्थिति के विरुद्ध मुखर रहा है, जो मानव-जीवन और गरिमा की आदर्श स्थितियों और मूल्यों पर आघात करती हो। यहाँ प्रस्तुत है—प्रतिरोध विषयक कविताओं का एक व्यापक और विशिष्ट चयन।

आह्वान

अशफाक़उल्ला खाँ

मुश्किल हुआ निबाह

विभूति तिवारी

वेणुवन में बाँसुरी की तान

ज्ञान प्रकाश आकुल

जनता के पलटनि

गोरख पांडेय

पहाड़ हमर बाटपर

मार्कण्डेय प्रवासी

ऊ आ हम

तैयब हुसैन पीड़ित

चल रहा है आदमी

गोपाल सिंह नेपाली

मेहनतिया से जेकर जुटेला रोटिया

रामबहादुर ‘अधीर पिण्डवी’

पाँच बरिस पर मोहर लगाके

तैयब हुसैन पीड़ित

नेह के पांती

गोरख पांडेय

अब नाहीं

गोरख पांडेय

गुहार

गोरख पांडेय

जे माटी के चाहे

गोरख पांडेय

जव वोट मांगे अइले

गोरख पांडेय

जनता के पलटनि

गोरख पांडेय

लाली हम भोर के

विजेन्द्र अनिल

जागरण

गोरख पांडेय

मज़दूर, एक रूप

भोलानाथ गहमरी

नवयुगक नारी बनब

दीपिका चन्द्रा

जमीन

गोरख पांडेय

गति और गंतव्य

नरेंद्र शर्मा