Font by Mehr Nastaliq Web

पागलपन पर कविताएँ

पागल और पागलपन के शीर्षक

भाव को ग्रहण कर अभिव्यक्त कविताओं से एक चयन।

लड़के

नवीन रांगियाल

पागलों का एक वर्णन

मंगलेश डबराल

पागल औरत

मंगलेश डबराल

मुझसे पूछेंगे

रवि प्रकाश

पागलख़ाने से कविता

कार्लोस आकिन्दो द अमात

मजनूँ

प्रियंका दुबे

क्या करूँगा, रघुवीर जी

नंदकिशोर आचार्य

पागल समय

नीलेश रघुवंशी

एक कोशा हो गई पागल

ध्रुव शुक्ल

पागल

शीला सिद्धांतकर

ऐसी बहीं सनकी आँधियाँ

पद्मजा घोरपड़े

वो पागल

वसीम अकरम

पगली

प्रतिभा शतपथी