Font by Mehr Nastaliq Web

आलोचक पर कविताएँ

आलोचना एक साहित्यिक

विधा है जो कृतियों में अभिव्यक्त साहित्यिक अनुभूतियों का विवेकपूर्ण विवेचन उपरांत उनका मूल्यांकन करती है। कर्ता को आलोचक कहते हैं और उससे रचनाकार के प्रति, कृति के प्रति और समाज के प्रति उत्तरदायित्वों के निर्वहन की अपेक्षा की जाती है। नई कविता में प्रायः कवियों द्वारा आलोचकों को व्यंग्य और नाराज़गी में घसीटा गया है।

आभार

पंकज चतुर्वेदी

अपने ही नाम

नवीन रांगियाल

नज़्र-ए-नामवर सिंह

कृष्ण कल्पित

आलोचक

पंकज चतुर्वेदी

समझदार आदमी

रामकुमार तिवारी

सिवाय कविता के

कमल जीत चौधरी

बोला अउर का करीं!

मोहनलाल यादव

बलिहारी जी

मोहनलाल यादव

भाई जी

मोहनलाल यादव

आलोचक

धूमिल

काट-छाँट

मैथिलीशरण गुप्त

आलोचक की कविता

कात्यायनी

आलोचना

निर्मला तोदी

समीक्षा

मुकुंद लाठ

छिपकलियाँ

विजया सिंह

हिंदी के सुमनों के प्रति पत्र

सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

हिन्दवी उत्सव 2026

रजिस्टर कीजिए