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स्वार्थ पर गीत

सगे भाई की तरे

रामबहादुर ‘अधीर पिण्डवी’

दुनियाँ चलती फिरती

रामजियावान दास ‘बावला’

जब से भइल बा पंचकुटी सरकार हो

रामजियावान दास ‘बावला’

साँसत में जान

ब्रजभूषण मिश्र

दिल के भीतर

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

चंदन के गंध

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

आन्हर ई संसार

सुधांशु ‘शेखर’ चौधरी

सुनू आब मन जेहन लगैए

कालीकान्त झा ‘बूच’