Font by Mehr Nastaliq Web

आत्मनिर्भरता पर उद्धरण

हर एक को अपनी अंतरात्मा की आवाज़ का हुक्म मानना चाहिए। अंतरात्मा की आवाज़ सुन सकें तो जैसा ठीक समझें वैसा करना उचित होगा, लेकिन किसी भी सूरत में दूसरों की नकल नहीं करनी चाहिए।

महात्मा गांधी

जिस भी चीज़ का पीछा करें, अंत में हम ख़ुद को पाते हैं।

ओउज़ अताय

आपको ख़ुद पर काम करने की ज़रूरत है। जब तक आप ख़ुद को नहीं भर लेते, तब तक आपके पास किसी दूसरे को देने के लिए कुछ नहीं होता है।

रॉन्डा बर्न

जो दुर्बल है, वह कभी मुक्ति नहीं पा सकता। समस्त दुर्बलताओं का त्याग करो। देह से कहो, 'तुम ख़ूब बलिष्ठ हो।' मन से कहो, 'तुम अनंत शक्तिधर हो', और स्वयं पर प्रबल विश्वास और भरोसा रखो।

स्वामी विवेकानन्द

जो पूर्णसत्य रूप है; वह किसी अन्य के नियम से नहीं बँधता है, उसका अपना नियम अपने में ही निहित रहता है।

रवींद्रनाथ टैगोर

क्या आपने स्वयं की तुलना किसी व्यक्ति या वस्तु से किए बिना कभी जीने की कोशिश की है? तब आप क्या रह जाते हैं? तब आप जो हैं, वही हैं जो है।

जे. कृष्णमूर्ति

अपनी ऊर्जा की रक्षा करो—पूरी ताकत से।

एंथनी हॉपकिंस

जो लोग अपने आत्म-सम्मान को नष्ट करते हैं, जो स्वयं को मदद की अनुमति नहीं देते, वे धीरे-धीरे मरते चले जाते हैं।

पाब्लो नेरूदा