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जीवन पर नवगीत

जहाँ जीवन को स्वयं कविता

कहा गया हो, कविता में जीवन का उतरना अस्वाभाविक प्रतीति नहीं है। प्रस्तुत चयन में जीवन, जीवनानुभव, जीवन-संबंधी धारणाओं, जीवन की जय-पराजय आदि की अभिव्यक्ति देती कविताओं का संकलन किया गया है।

आईने अँधरा गए

राम निहोर तिवारी

एक अंधा सुख

राम निहोर तिवारी

रेशे-रेशे हुए दरी के

राम निहोर तिवारी

अभी लाखों बहाने।

रामशंकर वर्मा

गूलर के कीड़े

देवेंद्र कुमार बंगाली

हिन्दवी उत्सव 2026

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