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मिथिला पर कविताएँ

एतबे टा नहि

अरुणाभ सौरभ

हमर नामकेँ दाबि सकत के?

काञ्चीनाथ झा 'किरण'

जय जन्मभूमि

काञ्चीनाथ झा 'किरण'

मिथिला मे स्वागत अछि अहाँक

सुमित मिश्र गुंजन

थाती ने गमबियौ

अशोक कुमार दत्त

ग्लोबल गामक गीत

विकास वत्सनाभ

मिथिला माहात्म्य

बुद्धिनाथ झा

मिथिला-महिमा

सुरेन्द्र झा 'सुमन'

कखन हरब दुख मोर

विकास वत्सनाभ

हम हेरै छी अपन मिथिला

अशोक कुमार दत्त

के उसकाओत टेमी?

चन्द्रनाथ मिश्र ‘अमर’

आश्वासन

काञ्चीनाथ झा 'किरण'

कण्ठक छिना रहल बोल

चन्द्रनाथ मिश्र ‘अमर’

फागुनक पूर्णिमा

काञ्चीनाथ झा 'किरण'

मिथिलाक वसन्त

काञ्चीनाथ झा 'किरण'

बीजमंत्र जपैत

रघुनाथ मुखिया

ऑनलाइन

रघुनाथ मुखिया

हम अहाँक, अहाँ हमर छी

भुवनेश्वर सिंह ‘भुवन’

कामना

काञ्चीनाथ झा 'किरण'

आवाहन

भुवनेश्वर सिंह ‘भुवन’

चीनीकटोरा

विकास वत्सनाभ

हे यउ बटोही

बुद्धिनाथ झा

जूड़िशीतल

आनन्द मोहन झा

मिथिलाक बेंग

रघुनाथ मुखिया

विद्यापति

काञ्चीनाथ झा 'किरण'

कतेक दिनक बाद

काञ्चीनाथ झा 'किरण'

आह! वाह!

कृष्णमोहन झा

उन्दोधन

काञ्चीनाथ झा 'किरण'

कविताक आह्वान

सुरेन्द्र झा 'सुमन'

विडम्बना

सुरेन्द्र झा 'सुमन'

कविता—2

मधुकर गंगाधर

जवाबदेही

प्रणव नार्मदेय

चाही मिथिला राज

बुद्धिनाथ झा

मिथिला-गौरव

चन्द्रनाथ मिश्र ‘अमर’

मिथिला

अमरनाथ झा ‘अमर’

मिथिला-वन्दना

हरिमोहन झा