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कर्त्तव्यनिष्ठ पर उद्धरण

कर्तव्यनिष्ठ पुरुष कभी निराश नहीं होता।

सरदार वल्लभ भाई पटेल

किसी किश्ती पर अगर फ़र्ज़ का मल्लाह न हो तो फिर उसे दरिया में डूब जाने के सिवा और कोई चारा नहीं।

प्रेमचंद

दिन के चौबीस घंटे कर्त्तव्य का पालन करना या सेवा करना यज्ञ है।

महात्मा गांधी
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