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गाय पर कविताएँ

गाय भारतीय सांस्कृतिक

परंपरा में एक मूल्यवान और पवित्र पशु की हैसियत रखती है और लोक-जीवन का अभिन्न अंग रही है। उसे आम और सरल के प्रतीक रूप में भी देखा जाता है। गाय के नाम पर हत्याओं ने इसे कविता में एक राजनीतिक संदर्भ भी प्रदान किया है।

गऊमाता

संजय चतुर्वेदी

ग्वालिन

विजय राही

गाय और कविता

नरेंद्र गौड़

शहर और गाय

जसिंता केरकेट्टा

माधव की गाय

जितेंद्र रामप्रकाश

गाय की तरह

विष्णु नागर

गाय और भेड़िए

संतोष अर्श

गैया

एम. पी. मास्करेनस

गायें

चंद्रेश्वर

गाय पर निबंध

सदानंद शाही

धर्म और गाय

धनंजय मल्लिक

गाय

परमानंद श्रीवास्तव

गाय

वीरेन डंगवाल

पन्हाना

नीलेश रघुवंशी

मैं और वह

सदानंद शाही

गाय

राकेश रंजन