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बादल पर गीत

मेघ या बादल हमेशा से

मानव-मन को कल्पनाओं की उड़ान देते रहे हैं और काव्य में उनके विविध रूपों और भूमिकाओं का वर्णन होता रहा है। इस चयन में शामिल है—बादल विषयक कविताओं का संकलन।

आज मुझसे बोल, बादल

हरिवंशराय बच्चन

वह बोली, सावन आया है

ज्ञान प्रकाश आकुल

बदरा

अन्नू रिज़वी

ऐसे आते मेघ

ओम निश्चल

बदरा ले जा सनेस

भोलानाथ गहमरी

मेघ उमड़े-घुमड़े घनघोर

रमाकान्त मुकुल

बादल

गोपालशरण सिंह

बादल उठे

देवेंद्र कुमार बंगाली

बदरिया

अन्नू रिज़वी

मेघ मेरे! मुझे घेरे!!

देवेंद्र कुमार बंगाली

बादलों की ओट में

प्रसून जोशी

गीतों का बादल

रमानाथ अवस्थी

मेघा घिर आए

अन्नू रिज़वी