पंख पर कविताएँ

पंख उड़ान का रूपक है

और इसका संबंध कवि की तमाम कल्पनाओं की उड़ान से जाकर जुड़ता है। इस चयन में पंख और उड़ान संबंधी विशिष्ट कविताओं का संकलन किया गया है।

उड़ते हुए

वेणु गोपाल

जब तक खुले हैं रास्ते

स्वाति मेलकानी

प्यार में चिड़िया

कुलदीप कुमार

धूप का पंख

सुशोभित

धरोहर

पारुल पुखराज

सफ़ेद पंख

सविता सिंह

कहने को

शंकरानंद