चाँद पर बेला
चाँद मनुष्य का आदिम
सहयात्री है जो रात्रि-स्याह के सुख-दुःख में उसका संगी-साथी हो जाता है। प्रेमिल बिंबों-प्रतीकों के साथ ही किसी कवि की ही कल्पना ने उसे देवत्व तक सौंप दिया है।
चाँद : मनुष्य की स्मृतियों का सबसे पुराना साथी
बचपन का चाँद, स्मृतियों का चाँद और मनुष्य का पहला आकाश आज चाँद कुछ अधिक सुंदर लग रहा है। मैं बहुत देर से उसे निहार रही हूँ। ऐसा नहीं कि आज पहली बार उसे देखा हो। बचपन से लेकर आज तक न जाने कितनी बा